भोपाल। मध्य प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार, भोपाल में आयोजित कृषि अभिमुखीकरण कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि सभी विभाग मिलकर योजनाओं को धरातल पर उतारेंगे।
प्रदेश में हर विधानसभा क्षेत्र में कृषि सम्मेलन होंगे, लघु किसानों को किराए पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, और पिछले डेढ़ साल में दूध संकलन 25 प्रतिशत बढ़कर 12.50 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। मध्य प्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जहां किसानों को 5 रुपये में बिजली कनेक्शन मिल रहा है।
कृषक कल्याण वर्ष 2026 का उद्देश्य और महत्व
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसका मुख्य लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, उन्नत खेती को बढ़ावा देना और योजनाओं का सीधा लाभ परिवारों तक पहुंचाना है। विभिन्न विभाग जैसे कृषि, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी, सहकारिता और ऊर्जा मिलकर काम करेंगे। राज्य की लगभग 60 प्रतिशत आबादी इन विभागों से जुड़ी हुई है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना सहित कई मंत्री, विधायक, किसान संगठन के प्रतिनिधि और एफपीओ पदाधिकारी मौजूद थे।
सीएम ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे सभागार मध्य प्रदेश के पुराने विधानसभा भवन का पवित्र स्थान है। यहां कृषि पर केंद्रित कार्यशाला आयोजित होना सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है। उन्होंने आयोजकों को बधाई दी।
दूध उत्पादन और पशुपालन में प्रगति
मध्य प्रदेश में दूध उत्पादन और पशुपालन की बड़ी संभावनाएं हैं। पिछले डेढ़ साल में दूध संकलन 25 प्रतिशत बढ़ा है और अब प्रतिदिन 12.50 लाख लीटर दूध इकट्ठा किया जा रहा है। दूध का मूल्य भी 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया है, जिससे दुग्ध उत्पादकों को सीधा फायदा मिल रहा है।
सरकार का लक्ष्य दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करना है। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली और भूसे की मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूली बच्चों के लिए माता यशोदा योजना के तहत नि:शुल्क दूध वितरण की शुरुआत की गई है।

लघु किसानों के लिए कृषि यंत्र और सम्मेलन
लघु किसानों को उन्नत खेती के लिए सहायता देने के फैसले लिए गए हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में कृषि यंत्रों की दुकानें खोली जाएंगी, जहां से किराए पर यंत्र उपलब्ध होंगे। प्रत्येक विधानसभा में 4 से 5 कृषि सम्मेलन आयोजित होंगे। कृषि विभाग ने प्रति विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 लाख रुपये आवंटित किए हैं। इससे कृषि कल्याण के लिए सकारात्मक माहौल बनेगा।
किसानों को सौर बिजली उत्पादन की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की गई है। लघु-कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
सिंचाई और अन्य क्षेत्रों में लक्ष्य
प्रदेश में वर्तमान सिंचाई रकबा 54 लाख हेक्टेयर है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपने को साकार करते हुए इसे 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। सिंचाई के लिए पंप सस्ती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
प्रदेश में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। धार्मिक पर्यटन में होम स्टे योजना शुरू हुई है, जहां 20 लाख रुपये तक की आय जीएसटी मुक्त है। शहद उत्पादन से किसान लाभ कमा रहे हैं।
कृषि उत्पादन और निर्यात की स्थिति
मध्य प्रदेश क्षेत्रफल के हिसाब से कृषि में चौथे स्थान पर है, लेकिन कई खाद्यान्नों में पहले या दूसरे स्थान पर है। कृषि विकास दर तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश मसाले और दलहन में पहले, खाद्यान्न में दूसरे, दूध, फल-सब्जी और फूलों में तीसरे स्थान पर है।
खाद्य प्रसंस्करण के 4 हजार से अधिक प्लांट हैं। पिछले दो साल में 47 कंपनियों ने 20 हजार करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव दिए हैं। एग्री निर्यात वर्तमान में 18 हजार करोड़ है, जिसे 2028 तक 30 हजार करोड़ करने का लक्ष्य है। 36 ओडीओपी और 27 जीआई टैग प्राप्त हुए हैं। कपास उत्पादन में पांचवां स्थान है, और गैर-जीएमओ ऑर्गेनिक कपास का 47 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश का है। धार में पीएम मित्र पार्क से 5 लाख किसानों को लाभ मिलेगा।
मत्स्य पालन, उद्यानिकी और अन्य योजनाएं
मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 लागू की गई है। केज कल्चर योजना शुरू हुई है। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान है। सहकारिता विभाग में शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण के लिए 25 हजार करोड़ का लक्ष्य है।
ऊर्जा विभाग में अनुसूचित जाति-जनजाति के छोटे किसानों को निशुल्क बिजली दी जा रही है। उद्यानिकी क्षेत्रफल को दोगुना करने का लक्ष्य है। फल, सब्जी, मसाला, पुष्प और औषधीय फसलों को प्रोत्साहन मिलेगा। मखाना खेती चार जिलों से अन्य जिलों में फैलाई जाएगी।
डिजिटल कृषि और बोनस योजनाएं
एग्रीस्टैक योजना में देश में प्रथम स्थान है। किसानों का डेटा सिंगल क्लिक पर उपलब्ध है। ई-विकास से खाद वितरण सुगम हुआ है। ग्रीष्मकालीन उड़द फसल के लिए प्रति क्विंटल 600 रुपये बोनस दिया जा रहा है। गेहूं और अन्य फसलों के लिए यंत्र योजना चल रही है। वृंदावन ग्रामों को कृषि ग्राम बनाने का लक्ष्य है। विधायक श्रेष्ठ कृषि ग्रामों को ट्रॉफी देंगे।
प्रदेश की आर्थिक प्रगति
प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश अब ट्रिलियन अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। बजट 2003-24 में 23 हजार करोड़ से बढ़कर 4 लाख 38 हजार करोड़ हो गया है। प्रति व्यक्ति आय और जीडीपी में वृद्धि हुई है। 2 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य है, जिसमें कृषक कल्याण वर्ष योगदान देगा।
कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक वर्णवाल ने बताया कि पिछले 10 साल से कृषि क्षेत्र में दो अंकों की वृद्धि हो रही है। जैविक खेती, मोटे अनाज से आइसक्रीम, कोदो-रागी जैसी तकनीकों पर सत्र हुए।
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