केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राजस्थान के कोटा और बूंदी जिले के बीच एक बहुत ही अहम फैसले में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी दी है। यह खबर पूरे राजस्थान और उत्तर भारत के लिए बहुत ही खुशखबरी लेकर आई है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 1507 करोड़ रुपये है, जो क्षेत्र के विकास के लिए एक नया कदम साबित होगा।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मंजूरी: कोटा-बूंदी का नया हवाई अड्डा
यह नया एयरपोर्ट कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र के सांसद और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, “यह क्षेत्र के लिए बहुत ही गर्व का मौका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कोटा-बूंदी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का विकास स्वीकृत किया गया है।” उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट न केवल इस प्रदेश को जुड़ने का मजबूत जरिया बनेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश के नए अवसर भी लाएगा।
उन्होंने आगे कहा, “यह नई कनेक्टिविटी पूरे हाड़ौती क्षेत्र के साथ ही राजस्थान और उत्तर भारत की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान देगा। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और नयी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।” इससे राजस्थान के कोटा और बूंदी जिले दोनों ही न केवल पर्यटन के नए रास्ते खोल पाएंगे, बल्कि यहां के व्यापारी और विद्यार्थी भी इन नए परिवहन साधनों का बेहतर लाभ उठा सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस फैसले के लिए धन्यवाद भी व्यक्त किया गया, जिससे साबित होता है कि केंद्र सरकार प्रदेश के विकास में बेहद गंभीरता से काम कर रही है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री का भी बड़ा बयान: धन्यवाद पीएम मोदी
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी इस फैसले को लेकर अपने खुशी जताई है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “कोटा-बूंदी में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का निर्माण तय हो गया है, इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक धन्यवाद करता हूं।”
उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा न सिर्फ शिक्षा और प्रशिक्षण के शहर कोटा के लिए बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र के विकास में गति लाएगा। यह परियोजना राजस्थान के आर्थिक और औद्योगिक विकास में एक नई ऊर्जा का संचार करेगा। खासतौर पर टूरिज्म सेक्टर को फ़ायदा पहुंचेगा, जिससे क्षेत्र की आय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को 440.06 हेक्टेयर जमीन ट्रांसफर की है, ताकि यहां पर एयरपोर्ट का निर्माण किया जा सके। यह कदम इस क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया है, क्योंकि कोटा में शिक्षा, उद्योग और कॉर्पोरेट क्षेत्र बहुत तेजी से बढ़ रहा है।
आधुनिकीकरण और विस्तार की योजना: नयी योजना से क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव
कोटा-बूंदी का यह नया एयरपोर्ट विशेष रूप से A-321 श्रेणी के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त होगा। सरकार की ओर से यह योजना तैयार की गई है ताकि बड़े विमानों को भी यहां उतारा जा सके।
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस नए एयरपोर्ट का मुख्य उद्देश्य इलाके की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। वर्तमान में कोटा और बूंदी के बीच सड़कें और रेल यात्राएं ही मुख्य साधन हैं। नई हवाई सेवा से न केवल इन दोनों जिलों का जुड़ाव मजबूत होगा, बल्कि उत्तर भारत के अन्य राज्यों से भी इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी।
इस परियोजना का एक बड़ा फायदा यह है कि इससे क्षेत्र के शिक्षा और उद्योग आधारित संस्थानों को देश-विदेश के संपर्क में आने का अवसर मिलेगा। इस तरह के कदम से क्षेत्र में निवेश भी बढ़ेगा, और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
क्या इस परियोजना से राजस्थान का आर्थिक तंत्र बदलेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट राजस्थान के आर्थिक और पर्यटन क्षेत्र के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होगा। नए एयरपोर्ट से न केवल व्यापार और उद्योग को नई दिशा मिलेगी, बल्कि युवा वर्ग के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
राजस्थान सरकार का मानना है कि यह हवाई अड्डा कोटा, बूंदी, हाड़ौती और पूरे राजस्थान की नई ईंधन साबित होगी। यहां के पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र को भी ज्यादा फायदा होगा। विदेशी पर्यटकों का आगमन बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
इस तरह, यह परियोजना राजस्थान के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल की इस पहल से प्रदेश की जनता को बहुत उम्मीदें हैं।
क्या हैं आने वाले कदम और उम्मीदें?
अब जब सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, तो निर्माण कार्य जल्दी ही शुरू हो सकता है। सरकार की योजना है कि अगले कुछ वर्षों में यह एयरपोर्ट चालू हो जाए। इससे जुड़ी प्रक्रियाएं जैसे जमीन का सर्वेक्षण, निर्माण कार्य का प्रबंधन और एयरपोर्ट की संचालन व्यवस्था तय की जाएगी।
प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि जयादा से जयादा सुविधाएँ उपलब्ध कराकर, राजस्थान को एक प्रमुख हवाई मार्ग के रूप में स्थापित किया जाए। इससे प्रदेश के नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़े रखने में मदद मिलेगी।
उम्मीद है कि इन प्रयासों से राजस्थान का पर्यटन, उद्योग और शिक्षा का क्षेत्र तेजी से विकसित होगा। साथ ही यह जुड़ाव पूरे प्रदेश के आर्थिक विकास का नया अध्याय खोल सकता है।
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