लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 800 नई इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 40 करोड़ रुपये के बैंक ऋण का इस्तेमाल होगा, जिससे राज्य में करीब 16,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
साथ ही पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पहले से चल रही ग्रामीण इकाइयों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान देकर मजबूत बनाएगा। ये कदम योगी सरकार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने और विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लक्ष्य की दिशा में अहम हैं।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना से 16,000 नए रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना का मकसद ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार देना और छोटे-मोटे उद्योग लगाने में मदद करना है। इस योजना के तहत विभाग ग्रामीण इलाकों के युवाओं को बैंक से सब्सिडी वाले ऋण दिलवाता है। साथ ही ट्रेनिंग और दूसरी जरूरी मदद भी देता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 40 करोड़ रुपये के बैंक ऋण से 800 नई इकाइयां लगाई जाएंगी।
हर इकाई से औसतन 20 लोगों को रोजगार मिल सकता है, जिससे कुल 16,000 नए रोजगार सृजित होंगे। इससे ग्रामीण युवा शहरों की ओर पलायन कम करेंगे और गांव में ही काम-धंधा चला सकेंगे। योजना लघु, कुटीर और ग्रामोद्योग जैसे क्षेत्रों पर फोकस करती है, जो स्थानीय संसाधनों पर आधारित होते हैं।
पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना में 10 करोड़ का बजट
पंडित दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना पहले से चल रही ग्रामीण इकाइयों को सपोर्ट करने के लिए है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इसमें 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान मिलेगा, जिससे उद्यमियों का वित्तीय बोझ कम होगा। इससे इकाइयां बेहतर तरीके से चल सकेंगी और उनका विस्तार भी हो सकेगा। यह योजना प्रधानमंत्री ग्राम स्वरोजगार योजना और ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) जैसी स्कीमों से जुड़ी इकाइयों को फायदा पहुंचाएगी। इससे ग्रामीण उद्यम मजबूत होंगे और ज्यादा लोगों को स्थिर रोजगार मिलेगा।
ये दोनों योजनाएं योगी सरकार की ग्रामीण विकास की नीति का हिस्सा हैं। इनसे न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि गांवों में उद्यमिता का माहौल बनेगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। सरकार का फोकस आत्मनिर्भर गांव और युवाओं के भविष्य पर है।

