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Monday, January 26, 2026

नोएडा में 28वां क्रॉस डिसेबिलिटी अर्ली इंटरवेंशन सेंटर शुरू, मंत्री बोले – माता-पिता ही बच्चे के सबसे पहले डॉक्टर होते हैं

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नई दिल्ली/नोएडा: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने नोएडा में राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPID) के क्षेत्रीय केंद्र में क्रॉस डिसेबिलिटी अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (CDEIC) का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चे के सबसे पहले और सबसे प्रभावी चिकित्सक होते हैं। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि विकासात्मक विलंब या दिव्यांगता से प्रभावित कोई भी बच्चा पीछे न छूटे। यह केंद्र देश का 28वां CDEIC है, जो 0-6 वर्ष के बच्चों को समय पर बहु-विषयक सेवाएं प्रदान करेगा।

माता-पिता की भूमिका पर जोर

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बच्चे के जीवन के पहले छह साल मस्तिष्क विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इन वर्षों में सही हस्तक्षेप से बच्चे का स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जीवन बेहतर बन सकता है। उन्होंने कहा, “माता-पिता ही बच्चे के सबसे पहले और सबसे प्रभावी चिकित्सक होते हैं। जब उन्हें सही ज्ञान, प्रशिक्षण और सहयोग मिलता है, तो कोई भी बच्चा विकास में पीछे नहीं रहता।”

मंत्री ने इस केंद्र को एक मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि CDEIC सिर्फ एक सेवा केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता है।

केंद्र की प्रमुख सुविधाएं

नोएडा का यह नया क्रॉस डिसेबिलिटी अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (CDEIC) विकासात्मक विलंब और विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के लिए समग्र सेवाएं देगा। यहां ऑक्युपेशनल थेरेपी, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, चिकित्सकीय परामर्श, विशेष शिक्षा, पारिवारिक परामर्श और स्कूल तैयारी जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी।

यह केंद्र अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है और नोएडा तथा आसपास के इलाकों के बड़ी संख्या में बच्चों को फायदा पहुंचाएगा।

परिवार और देखभालकर्ताओं का सशक्तिकरण

मंत्री ने परिवार की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि हस्तक्षेप के बाद बच्चा ज्यादातर समय घर पर ही रहता है। इसलिए केंद्र में नियमित देखभालकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। ये कार्यक्रम प्रमाणन के साथ होंगे, ताकि पूरा परिवार सशक्त हो सके।

देशभर में CDEIC का विस्तार

कार्यक्रम में बोलते हुए दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की अतिरिक्त सचिव सुश्री मनमीत कौर नंदा ने बताया कि नोएडा का यह केंद्र विभाग के तहत स्थापित 28वां CDEIC है। यह मंत्रालय की प्रारंभिक पहचान और हस्तक्षेप के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दिखाता है। उन्होंने NIEPID की टीम को बाल-केंद्रित और परिवार-आधारित उच्च स्तर की सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित किया।

उद्घाटन समारोह की खास बातें

उद्घाटन के दौरान डॉ. वीरेंद्र कुमार और अन्य अतिथियों ने CDEIC, मॉडल विशेष शिक्षा केंद्र, मॉडल समावेशी प्राथमिक विद्यालय और NIEPID क्षेत्रीय केंद्र की सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने मोबाइल थेरेपी बस और PMDK जैसी सुविधाओं को भी देखा।

कार्यक्रम में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। बच्चों को NIEPID की दिशा पाठ्यक्रम सामग्री दी गई। साथ ही अन्य लाभार्थियों को सहायक उपकरण, यंत्र और शिक्षण सामग्री वितरित की गई।

समारोह का समापन वृक्षारोपण के साथ हुआ। यह वृक्षारोपण इस संदेश का प्रतीक बना कि समय पर देखभाल और सामूहिक प्रयासों से हर बच्चे की क्षमता फूल सकती है, ठीक वैसे ही जैसे एक पौधा बड़ा वृक्ष बनता है।

मंत्रालय का लक्ष्य है कि हर बच्चे को समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलें और वह समाज की मुख्यधारा में सम्मान से शामिल हो सके। यह पहल दिव्यांग बच्चों के समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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