लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बजट सत्र में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) के अभिभाषण के दौरान हुए हंगामे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल के आचरण को न केवल राज्यपाल का अपमान बताया, बल्कि इसे ‘मातृ शक्ति’ का अपमान करार दिया। योगी ने कहा कि यह व्यवहार सनातन धर्म की परंपरा के खिलाफ है, जहां उम्र में बड़ी महिला को मां के समान सम्मान दिया जाता है।
राज्यपाल के अभिभाषण पर हंगामा
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में राज्यपाल माननीय आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में जवाब देते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का कार्यक्रम पहले से तय था और दलीय बैठकों में इसकी चर्चा भी हुई थी। यह कोई अचानक थोपा हुआ प्रोग्राम नहीं था।
मातृ शक्ति का अपमान बताकर योगी ने की कड़ी निंदा
सीएम योगी ने मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को संबोधित करते हुए कहा कि आप श्रेष्ठ कुल से हैं, ब्राह्मण हैं, वयोवृद्ध हैं और सदन के वरिष्ठ सदस्यों में शुमार हैं। इसलिए आपकी बात का बुरा नहीं मानते, लेकिन यह आचरण ठीक नहीं है। आप सनातन की बात करते हैं, लेकिन काम इसके उलट कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि सनातन परंपरा में अपनी या मां से बड़ी उम्र की महिला को मां के समान सम्मान देने का नियम है।
सनातन धर्म की परंपरा का हवाला
योगी ने महर्षि वेदव्यास का उदाहरण दिया, जिन्होंने हजारों साल पहले वेदों को लिपिबद्ध किया और कहा था – ‘नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः। नास्ति मातृसमं त्राणं, नास्ति मातृसमा प्रिया।’ यानी मां के समान कोई छाया, सहारा, रक्षक या प्रिय नहीं है। उन्होंने बताया कि पांच हजार साल पहले भारत दुनिया को दिशा दिखा रहा था और सनातन संस्कृति में मातृ सम्मान सर्वोपरि है। विपक्ष के इस हंगामे से संवैधानिक प्रमुख के साथ मातृ शक्ति का अपमान हुआ है।
योगी ने स्पष्ट किया कि सदन संवाद से चलता है, न कि हंगामे से। सरकार हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन ऐसी हरकतें प्रदेश की छवि खराब करती हैं।

