लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में डबल इंजन सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुहिम को मजबूत करने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की गई है। इस पहल का नाम है “डीएम खीरी की पाठशाला”। जिला प्रशासन ने इस कार्यक्रम के तहत जिले की 9 हजार बेटियों को “विद्यादायिनी पोटली” सौंपी है। इस पोटली में घर पर पढ़ाई करने के लिए व्हाइट बोर्ड कम स्टडी टेबल, मार्कर और डस्टर जैसे जरूरी सामान दिए गए हैं।
जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सोमवार को परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की छात्राओं को ये पोटलियां वितरित कीं। इस पहल से बेटियों की पढ़ाई स्कूल तक सीमित न रहकर घर पर भी जारी रह सकेगी, जिससे उनका भविष्य और मजबूत होगा।

डीएम खीरी की पाठशाला की शुरुआत और उद्देश्य
लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए “डीएम खीरी की पाठशाला” नाम से यह खास कार्यक्रम शुरू किया है। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बेटियों की पढ़ाई को सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं रखना है। बल्कि घर पर भी उन्हें बेहतर तरीके से पढ़ने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है। इससे बेटियां घर में एक छोटी-सी पाठशाला बना सकेंगी और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ परिवार और आस-पास के लोगों को भी शिक्षा के प्रति प्रेरित कर सकेंगी।
9 हजार बेटियों को सौंपी गई विद्यादायिनी पोटली
पहले चरण में कुल 9 हजार बेटियों को विद्यादायिनी पोटली दी गई है। इसमें परिषदीय विद्यालयों की कक्षा 6, 7 और 8 की दो-दो टॉपर बेटियां (कुल 6,798), वाल ऑफ ड्रीम्स में चयनित 51 बेटियां और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की 2,151 छात्राएं शामिल हैं। ये सभी पोटलियां 19 लाख 80 हजार रुपये की लागत से तैयार की गई हैं। राजापुर के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और विधायक योगेश वर्मा ने इन पोटलियों का वितरण किया। बेटियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।

विद्यादायिनी पोटली में क्या-क्या मिला
विद्यादायिनी पोटली में बेटियों को घर पर पढ़ाई करने के लिए उपयोगी सामान दिया गया है। इसमें शामिल हैं:
- व्हाइट बोर्ड कम स्टडी टेबल
- मार्कर
- डस्टर
ये सामान बेटियों को घर पर आसानी से पढ़ाई करने में मदद करेंगे। इससे उन्हें अलग से कोई बड़ा खर्च नहीं करना पड़ेगा और पढ़ाई का माहौल घर में ही बन जाएगा।
जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
इस मेगा इवेंट में कई विधायकों ने भी हिस्सा लिया और खुद बेटियों को पोटलियां सौंपीं। इनमें विधायक सौरभ सिंह ‘सोनू’, योगेश वर्मा, शशांक वर्मा (निघासन), लोकेंद्र प्रताप सिंह और रोमी साहनी (पलिया) शामिल रहे। विधायक योगेश वर्मा ने डीएम की इस पहल की तारीफ की और कहा कि उनकी दूरदर्शिता से बेटियों की पढ़ाई को नई दिशा मिली है।
वाल ऑफ ड्रीम्स ने दिखाए बेटियों के सपने
कार्यक्रम में एक खास आकर्षण था ‘वाल ऑफ ड्रीम्स’। परिषदीय विद्यालयों की बेटियों ने अपनी कल्पना और रचनात्मकता से भरे रंग-बिरंगे पोस्टर बनाए, जिनमें अपने भविष्य के सपने दिखाए गए थे। प्रशासन ने इनमें से चुनिंदा पोस्टरों को इस दीवार पर लगाया। इससे बेटियों के आत्मविश्वास में और इजाफा हुआ।
सरकार का विजन और भविष्य की योजना
डबल इंजन सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विजन को पूरा करने के लिए यह पहल की गई है। डीएम ने कहा कि जब बेटियां घर पर भी पढ़ेंगी, तो उनका भविष्य उज्जवल बनेगा। वे न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि समाज में शिक्षा की रोशनी फैलाएंगी। इस कार्यक्रम को हर बेटी तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

