नारी तू नारायणी : बलिया की दुर्गेश तिवारी ने दूध व्यवसाय से 2 साल में कमाए 34 लाख, बनीं लखपति दीदी

Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

लखनऊ/खुशबू पांडेय। उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल सामने आई है, जहां बलिया जिले के बहुआरा गांव की रहने वाली दुर्गेश तिवारी ने दुग्ध व्यवसाय से मात्र दो वर्षों में 34.61 लाख रुपये की आय अर्जित की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, वाराणसी के सहयोग से वह ‘काशी की लखपति दीदी’ बनीं।

यह सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत मेहनत का नतीजा है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली सरकारी योजनाओं की जीवंत उपलब्धि भी है। दुर्गेश अब गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं, जो पशुपालन से जुड़कर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

बलिया जिले के बहुआरा गांव में रहने वाली दुर्गेश तिवारी एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखती हैं। शादी के बाद उनका जीवन पति, दो बेटियों और सास-ससुर के साथ बीतता था। परिवार की मुख्य कमाई खेती और सिर्फ 3-4 पशुओं से होती थी। दूध बेचने पर उन्हें 20-25 रुपये प्रति लीटर जैसी कम कीमत मिलती थी और भुगतान भी समय पर नहीं होता था। इससे घर के खर्च और बेटियों की पढ़ाई की चिंता बनी रहती थी। दुर्गेश बताती हैं कि उस दौरान नींद भी उड़ जाती थी, क्योंकि आर्थिक तंगी परिवार पर भारी पड़ रही थी।

काशी मिल्क कंपनी से मिली नई दिशा

जीवन में बदलाव तब आया, जब गांव में काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (वाराणसी) की जानकारी मिली। यह कंपनी दूध उत्पादकों को गुणवत्ता के आधार पर उचित मूल्य देती है और हर दिन सीधे बैंक खाते में भुगतान करती है। दुर्गेश ने कंपनी में सदस्यता ली और दूध की आपूर्ति शुरू की। पहले जहां दूध कम दाम पर बिकता था, वहीं अब उन्हें बेहतर कीमत मिलने लगी। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने पशुओं की संख्या बढ़ाकर 20 से अधिक कर दी। लगातार मेहनत, सही मार्गदर्शन और कंपनी की पारदर्शी व्यवस्था ने उनके प्रयासों को रंग दिखाया।

दो साल में 34.61 लाख की कमाई

मेहनत के बल पर दुर्गेश ने दो वर्षों में दुग्ध व्यवसाय से कुल 34.61 लाख रुपये की आय अर्जित की। इस उपलब्धि ने उन्हें ‘काशी की लखपति दीदी’ का दर्जा दिलाया। यह रकम सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि उनके परिवार की जिंदगी बदलने वाली ताकत बनी। उन्होंने अपनी बड़ी बेटी की शादी सम्मान से की और छोटी बेटी को पुलिस अधिकारी बनाने का सपना देख रही हैं। आर्थिक मजबूती से उनका सामाजिक स्तर भी ऊंचा हुआ है।

गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा

आज दुर्गेश पंचदेवी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में गांव की कई महिलाएं पशुपालन और डेयरी से जुड़ रही हैं। वे आत्मनिर्भर बनकर परिवार की मदद कर रही हैं। दुर्गेश का अगला लक्ष्य आधुनिक डेयरी फार्म लगाना और गोबर से जैविक खाद बनाकर अतिरिक्त कमाई के रास्ते खोलना है। उनकी सफलता से अन्य महिलाओं में भी जोश आया है और वे इसी राह पर चल पड़ी हैं।

योगी सरकार की योजनाओं का असर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से उत्तर प्रदेश में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों और डेयरी जैसे क्षेत्रों में जोड़ा जा रहा है। काशी मिल्क जैसी कंपनियां पूर्वांचल के कई जिलों में काम कर रही हैं, जहां महिलाएं दूध उत्पादन से अच्छी कमाई कर रही हैं। यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को सशक्त बना रहा है। दुर्गेश तिवारी की कहानी इसी बदलाव की सच्ची तस्वीर पेश करती है।

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Women Express पर. Hindi News और India News in Hindi  से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करें और Youtube Channel सब्सक्राइब करे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

-Advertisement-

Latest News