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Wednesday, February 25, 2026

CM Yogi के मिशन को साकार कर रहा फतेहपुर, AI App से बच्चों का 95% टीकाकरण

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में फतेहपुर जिला एक बड़ा उदाहरण पेश कर रहा है, जहां एआई आधारित स्मार्ट वैक्सीनेशन ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया गया है।

यह ऐप बच्चों के टीकाकरण की रीयल टाइम निगरानी कर रहा है और पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आकांक्षी ब्लॉक हथगाम में शुरू किया गया है। यहां टीकाकरण की दर 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने खुद इस ऐप को तैयार किया है, जिससे फतेहपुर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है जहां एआई के जरिए बच्चों के शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री योगी का विजन और स्वास्थ्य में तकनीक का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को मजबूत करने के लिए एआई और टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उनका मकसद है कि स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच में आसान हों, पारदर्शी हों और समय पर मिलें। इसी विजन को फतेहपुर जिले ने साकार किया है। यहां एआई आधारित वैक्सीनेशन ऐप बच्चों के टीकाकरण से जुड़ी हर जानकारी को ट्रैक करता है। नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए जरूरी टीकों की पूरी सूची ऐप में है, ताकि कोई बच्चा टीकाकरण से छूट न जाए।

पायलट प्रोजेक्ट हथगाम ब्लॉक में सफलता

यह व्यवस्था एक सितंबर से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हथगाम ब्लॉक में लागू की गई है। हथगाम आकांक्षी ब्लॉक है, जहां परिणाम काफी अच्छे आए हैं। टीकाकरण की दर में बड़ा सुधार हुआ और अब यह 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है। अभिभावकों को समय पर व्हाट्सएप के जरिए रिमाइंडर मिलते हैं। विलेज हेल्थ एंड न्यूट्रिशन डे (वीएचएनडी) सेशन की जानकारी भी ऐप से उपलब्ध कराई जाती है। इससे माता-पिता समय रहते बच्चों को वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं।

जिलाधिकारी रविंद्र सिंह की भूमिका

फतेहपुर के जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने इस ऐप को खुद विकसित किया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों, आम लोगों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से बातचीत की और उनके सुझावों को शामिल किया। ऐप में एआई की मदद से रीयल टाइम मॉनिटरिंग और डाटा एनालिसिस की सुविधा है। इससे कम दर वाले इलाकों की आसानी से पहचान हो जाती है और समस्या की वजह पता चलने पर तुरंत सुधार किया जा रहा है।

अभिभावकों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए खास फीचर्स

ऐप की सबसे बड़ी खासियत है कि माताओं को टीकाकरण से पहले ऑटोमैटिक रिमाइंडर मैसेज भेजा जाता है। इससे भूलने या जानकारी न होने की वजह से टीका छूटने की समस्या खत्म हो रही है। टीकों की मांग और सप्लाई का प्रबंधन भी आसान हो गया है।

स्वास्थ्य कर्मियों खासकर एएनएम (ऑक्जिलियरी नर्स मिडवाइफ) के लिए अलग मोबाइल ऐप बनाया गया है। इसमें रीयल टाइम ड्यू लिस्ट मिलती है, यानी किस इलाके में किन बच्चों का टीकाकरण बाकी है, यह साफ दिखता है। ओसीआर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) तकनीक से एमसीपी कार्ड की फोटो अपलोड करके ही स्टेटस अपडेट हो जाता है। इससे मैनुअल एंट्री की गलतियां कम हुई हैं और काम तेज हुआ है।

आगे की योजना और लक्ष्य

जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने बताया कि पायलट की सफलता देखते हुए अब इस व्यवस्था को पूरे फतेहपुर जिले में लागू करने की तैयारी है। उद्देश्य है कि हर बच्चा अपने पहले साल में सभी जरूरी टीके समय पर लगवा ले। इससे बीमारियों से बचाव मजबूत होगा और स्वास्थ्य स्तर ऊंचा उठेगा।

यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन को साकार करने का एक बेहतरीन उदाहरण है। फतेहपुर अब अन्य जिलों के लिए मॉडल बन सकता है। तकनीक से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की यह दिशा प्रदेश में और तेज हो रही है।

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