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Tuesday, February 24, 2026

फिक्की फ्लो राष्ट्रीय अधिवेशन: CM योगी बोले-आधी आबादी बढ़ेगी तो समाज बढ़ेगा

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लखनऊ, 21 नवंबरः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज आत्मनिर्भर और प्रगति तभी करता है, जब ऐसे संगठन नेतृत्व करते हैं और सरकार उन्हें पीछे से सपोर्ट करती है। सीएम ने फिक्की फ्लो के कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आधी आबादी बढ़ेगी तो समाज बढ़ेगा। आधी आबादी आत्मनिर्भर होगी तो देश-प्रदेश भी आत्मनिर्भर होगा।

आधी आबादी विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संकल्पित होगी तो भारत को विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता। जितनी सशक्त भागीदारी पुरुषों की है, उससे भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिलाएं निर्वहन कर सकती हैं। महिलाएं आज हर क्षेत्र में समाज का नेतृत्व कर रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित फिक्की फ्लो के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल हुए। सीएम योगी ने फिक्की फ्लो के कार्यों की प्रशंसा की।

आधी आबादी को नजरंदाज करके समाज स्वावलंबी व आत्मनिर्भर नहीं हो सकता

सीएम ने कहा कि 20 चैप्टर में 16 हजार से अधिक प्रोफेशनल्स आपके साथ जुड़े हैं, लेकिन 140 करोड़ के भारत में यह संख्या कम है। आपने 11 वर्ष में बदलते हुए भारत को देखा है। देश ने अलग-अलग क्षेत्र में प्रगति की है। भारत की अभूतपूर्व प्रगति दुनिया को आकर्षित करती है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने खुद को चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है।

नया भारत सबसे तेज गति से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में है। हम बहुत जल्द तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे। इसमें पीएम का मार्गदर्शन, नेतृत्व है, लेकिन अर्थव्यवस्था को लीड वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं, उनके नेतृत्व में भारत नई गति दे रहा है। आधी आबादी को नजरंदाज करके समाज स्वावलंबी व आत्मनिर्भर नहीं हो सकता।

यूपी की कानून व्यवस्था देश में मॉडल के रूप में जानी जाती

सीएम योगी ने कहा कि साढ़े 8 वर्ष पहले हमें जब सत्ता मिली थी, तबके यूपी की स्थिति किसी से छिपी नहीं हैं। असुरक्षा का वातावरण, कानून व्यवस्था तार-तार, दंगे होते थे। बेटी, बाजार, व्यापारी, उद्यमी भी सुरक्षित नहीं थे। यूपी की बागडोर जब हमारे हाथ में आई, तब हमने सुरक्षा को प्राथमिकता दी और प्रदेश सरकार ने अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य प्रारंभ किया।

आज देश में यूपी की कानून व्यवस्था मॉडल के रूप में जानी जाती है। जिस प्रदेश में निवेश आता नहीं था और पुराने निवेश भी बाइंडअप करके लोग बाहर निकलना चाहते थे। वहां सुरक्षा के अहसास और सरकार के ईमानदारी से किए गए प्रयास का परिणाम है कि उस प्रदेश में पिछले 8 वर्ष में 45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव लाने में सफलता हासिल हुई। 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव की सफलतापूर्वक ग्राउंड ब्रेकिंग करा चुके हैं। बहुत जल्द 5 लाख करोड़ के नए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की कार्रवाई को बढ़ाएंगे। निवेश आया तो रोजगार भी बढ़ा।

8 वर्ष में वीमेन वर्कफोर्स में हुई तीन फीसदी की बढ़ोतरी

सीएम योगी ने कहा कि जब हम सत्ता में आए थे तो वीमेन वर्कफोर्स महज 12 से 15 फीसदी था। आज यह संख्या 35-36 फीसदी (8 वर्ष में तीन फीसदी बढ़ोतरी) हुई। 2017 में यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या केवल 10 हजार थी। उनमें से कुछ रिटायर भी हुई होंगी। आज यूपी पुलिस में 44,000 महिला कार्मिक हैं। हमने 20 फीसदी महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की। स्कूली शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि सेक्टरों में महिलाओं का कार्य काफी बेहतरीन है। 8 वर्ष में यूपी में बेसिक शिक्षा को सुधारने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण आदि योजनाएं प्रारंभ की गईं।

बच्चों को स्कूल चलो अभियान से जोड़ा गया। जनसहभागिता के जरिए स्कूलों का कायाकल्प करके उन्हें हर सुविधाओं से आच्छादित किया गया। आज यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। इसमें बालिकाओं की संख्या अधिक है। इन बच्चों को यूपी सरकार हर वर्ष दो यूनिफॉर्म, बैग, स्वेटर, मोजा, बुक, शूज आदि उपलब्ध कराती है। स्कूलों के अंदर पठन-पाठन का बेहतर माहौल बने, ड्राप आउट रेट को न्यूनतम स्तर पर लेकर जाएं। इस दिशा में फिक्की फ्लो बेहतर योगदान कार्य कर सकता है।

-फिक्की फ्लो के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
-आधी आबादी को नजरंदाज करके समाज स्वावलंबी व आत्मनिर्भर नहीं हो सकताः मुख्यमंत्री
-जब हम सत्ता में आए थे तो वीमेन वर्कफोर्स महज 12 से 15 फीसदी था, आज यह संख्या 35-36 फीसदी हो गईः सीएम योगी
-बोले सीएमः रेडिमेड गारमेंट्स में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट, भारत बना सकता है पकड़

कोरोना में आंगनबाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की

सीएम योगी ने कहा कि कोरोना के दौरान जब दुनिया पस्त और हर व्यक्ति सशंकित था तो आंगनबाड़ी, आशा वर्कर और एएनएम ने प्रदेश सरकार के आह्वान पर डोर टू डोर जाकर हर घर की स्क्रीनिंग की। बीमार को अस्पताल या जरूरतमंद के घर तक दवा पहुंचाई गई। जिससे 25 करोड़ के उत्तर प्रदेश को हम कोरोना से बचाने में सफल रहे। आंगनबाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम में शत-प्रतिशत महिलाएं कार्य करती हैं।

इन्होंने 25 करोड़ की आबादी को महामारी से बचाने में बेहतरीन कार्य किया। प्रथम चरण में लॉकडाउन प्रारंभ हुआ तो उद्योग, काम-धंधे बंद हुए। प्रवासी कामगार, श्रमिक यूपी व अपने राज्यों की तरफ गए। कई राज्यों ने अपने श्रमिकों को लेने से इन्कार कर दिया तो हमने उनकी भी व्यवस्था यूपी में की। क्वारंटीन सेंटर बनाए गए। काम-धंधा लगभग बंद हो गया था। प्रधानमंत्री जी ने रोजगार भत्ता देना प्रारंभ किया, लेकिन चैलेंज था कि जिसके खाते में पैसा जाता था, वह अगले दिन बैंक में लाइन लगाकर खड़ा हो जाता था। कोविड में भीड़ एकत्र न हो, यह जरूरी था।

उस समय यूपी के अंदर हम लोगों ने हर ग्राम पंचायत में बीसी सखी योजना लागू की। गांव की ही बेटी बीसी सखी के रूप में कार्य करेगी। उनके प्रशिक्षण के साथ बैंक क्रेडिट व डेबिट के रूप में उन्हें कमीशन देगी। आज सभी 57,600 ग्राम पंचायतों में बीसी सखी तैनात हैं। बुजुर्ग महिला को पेंशन या पैसा बैंक से निकालना है तो लेनदेन का कार्य बीसी सखी करती है। कुछ बीसी सखी महीने में 25 हजार से सवा लाख रुपये कमा रही हैं।

सीएम ने बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर की महिलाओं की सफलता की कहानी सुनाई

सीएम योगी ने झांसी का जिक्र किया और बताया कि 2019 में बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर की स्थापना की गई। उसे लीड करने वालीं महिला आठवीं पास भी नहीं हैं, लेकिन बिजनेस मॉडल की वजह से 62 हजार से अधिक महिलाएं उनके साथ जुड़ी हैं। सीएम ने तारीफ की और कहा कि कार्य कैसे होता है, बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर उसका बेहतरीन उदाहरण है।

लखनऊ, आगरा, काशी व गोरखपुर में नए मिल्क प्रोड्यूसर स्थापित कर रहे हैं, जिनके साथ हजारों महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन से जुड़ रही हैं और बता रही हैं कि वीमेन वर्कफोर्स कुछ भी कर सकती हैं। आधी आबादी के सामने उनके कार्यों को मान्यता देने की चुनौती है। फिक्की फ्लो जैसे संगठन सामने आएंगे तो हर कोई उसे मान्यता देगा।

रेडिमेड गारमेंट्स में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट, भारत बना सकता है इस पर पकड़

सीएम योगी ने रेडिमेड गारमेंट्स का जिक्र किया और कहा कि ग्लोबल मार्केट में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट है। रेडिमेड गारमेंट्स में उसकी पकड़ छूट रही है। भारत उस मार्केट पर पर पकड़ बना सकता है। रेडिमेड गारमेंट्स में फ्लैटेड फैक्ट्री के मॉडल के माध्यम से आधी आबादी को आगे बढ़ाने में फिक्की फ्लो बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकता है। ग्लोबल मार्केट की डिमांड के अनुसार डिजाइन, रेडिमेड गारमेंट्स दुनिया के मार्केट को उपलब्ध कराकर करोड़ों बहनों को जोड़कर आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ा सकते हैं।

सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर महिला उद्यमियों को बढ़ाए फिक्की फ्लो

सीएम ने यूपी सरकार की पॉलिसी का जिक्र करते हुए बताया कि प्लेज पार्क की स्कीम लागू किया गया है। प्राइवेट पार्टी को 10 से लेकर 50 एकड़ में उद्यम स्थापित करने के लिए सरकार प्रति एकड़ के हिसाब से सब्सिडी उपलब्ध कराती है। अब तक यूपी में 12 प्लेज पार्क स्थापित हैं। सीएम ने फिक्की फ्लो से एमएसएमई की इस स्कीम का लाभ लेने की अपील की और कहा कि प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क की स्कीम का लाभ लेकर नई महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाएं।

सीएम-युवा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने इस नई स्कीम के बारे में बताया कि पहले वर्ष में पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध करा रहे हैं। लगभग एक लाख उद्यमी इस स्कीम का लाभ ले चुके हैं। पहले चरण में पांच लाख, दूसरे चरण में साढ़े सात लाख, तीसरे चरण में 10 लाख रुपये तक की सुविधा का लाभ दे रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष तक 1.70 लाख नए उद्यमियों को जोड़ना है।

जितनी सशक्त भागीदारी पुरुषों की, उससे भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिलाओं की

सीएम ने सरकार की ढेर सारी स्कीम को गिनाया और कहा कि किसी भी उद्यम में कार्य करने के लिए श्रम कानून में व्यापक बदलाव किया है। पहले था कि महिला एक शिफ्ट में कार्य करेगी, रात्रि में काम नहीं कर सकती। हमने व्यवस्था सुनिश्चित की है कि जितनी सशक्त भागीदारी पुरुषों की है, उससे भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिलाएं निर्वहन कर सकती हैं।

महिलाएं हर क्षेत्र में समाज का नेतृत्व कर रही हैं। कुछ क्षेत्र में सिर्फ महिलाएं ही बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। प्लेज पार्क, रेडिमेड गारमेंट्स, सीएम युवा, बीसी सखी की तर्ज पर नए वित्तीय समावेशन से जुड़े सरकार के कार्यक्रमों को बढ़ाने और उद्योग में प्रशिक्षण के साथ उन्हें स्किलफुल बनाने में भी फिक्की फ्लो बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती है।

आधी आबादी को स्वावलंबन के पथ पर बढ़ाने के लिए 1983 से कार्य कर रहा फिक्की फ्लो

सीएम ने पीएम-सीएम इंटर्नशिप की स्कीम के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि स्किल डवलपमेंट के लिए टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर प्रदेश में मॉडर्न टेक्नोलॉजी-एआई, आईओटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक आदि में ट्रेनिंग देने के लिए हब एंड स्पोक मॉडल पर हर जनपद में वोकेशनल व स्किल डवलपमेंट सेंटर स्थापित किए हैं। यदि फिक्की फ्लो सरकार के साथ एमओयू करती है तो हमें प्रसन्नता होगी। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को स्वावलंबन के पथ पर बढ़ाने के लिए यह संगठन 1983 से कार्य कर रहा है।

महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन ही मिशन शक्ति की थीम

सीएम योगी ने यूपी सरकार की ‘मिशन शक्ति’ का जिक्र किया और कहा कि इसकी थीम ही महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन है। उन्होंने कहा कि 10 हजार से अधिक महिला पुलिस बीट अधिकारी के रूप में अलग-अलग स्थानों पर महिलाओं से संवाद करेंगी। सुरक्षा घऱ के अंदर हो या बाहर का, समाधान का रास्ता उन्हें स्वयं निकालना है।

बेटी को जिससे खतरा है, उसे वहीं सबक सिखाओ। घटना सही है तो बेटी को सुरक्षा मिलेगी। घर से सुरक्षा संबंधी शिकायत है तो परिवार को समझाओ, वरना कानून की गिरफ्त में लो। महिलाओं को सम्मान मिले, इसके लिए उन्हें कृषि, उद्यमिता, स्किलिंग, सेवा समेत अनेक क्षेत्रों से जोड़ा जाए।

महिलाएं कर सकती हैं पुरुषों से अच्छा कार्य

सीएम ने कहा कि नर्सिंग का कार्य जितना अच्छा महिला कर सकतीं, उतना पुरुष नहीं कर सकते। यह सेवा व रोजगार का बड़ा माध्यम है। यह सौ फीसदी प्लेसमेंट की गारंटी भी देती है। बच्चों को इसके बारे में बताने में सपोर्ट करें। बेसिक शिक्षा व आंगनबाड़ी का कार्य महिलाएं बेहतर ढंग से कर सकती हैं। महिला स्वावलंबन, आर्थिक स्वालंबन, रोजगार से जुड़ी केंद्र व राज्य सरकार की स्कीम महिला पुलिस बीट अधिकारी हर ग्राम पंचायत में जाकर सप्ताह में एक बार बेटियों व महिलाओं के साथ बैठकर योजनाओं के बारे में बताती हैं।

बेटी के जन्म लेने से लेकर स्नातक की पढ़ाई के बाद मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह स्कीम, मातृ वंदना, कन्या सुमंगला योजना की स्कीम के बारे में बताती हैं। यूजी तक की पढ़ाई फ्री में हो। स्वामी विवेकानंद स्कीम के अंतर्गत डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास के अंतर्गत टैबलेट, स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने, छात्रवृत्ति आदि स्कीम से जोड़ने का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक लाख रुपये देते हैं। फिक्की फ्लो को इन आयोजनों से जुड़ना चाहिए। इससे संगठन यशस्वी होगा।

महिलाओं को जोड़ें तो संख्या 16 हजार से बढ़कर 16 लाख हो जाएगी

सीएम ने कहा कि प्रदेश में एफपीओ गठित हो रहे हैं। प्रदेश में 16 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं। कइयों को महिलाएं ही स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को जोड़ें और संगठन की संख्या 16 हजार नहीं, बल्कि पहले चरण में 16 लाख पहुंचाने का लक्ष्य रखें। 140 करोड़ के भारत में हर महिला को इस अभियान से जोड़ने का कार्य करें। हर छोटा-बड़ा कार्य उद्यम है। इसमें व्यक्ति श्रम, बुद्धि व विवेक का बेहतर उपयोग कर रहा है। सीएम ने फिक्की फ्लो को आश्वस्त किया कि यूपी सरकार अभियान में सहयोग करेगी।

इस दौरान फिक्की फ्लो की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम शर्मा, नेशनल सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पूजा गर्ग, संस्थापक अध्यक्ष आभा डालमिया, पूर्व अध्यक्ष रंजना अग्रवाल, वंदिता अग्रवाल, कीर्ति श्राफ आदि मौजूद रहीं।

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