लखनऊ, 03 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के छोटे से गांव ट्यौढी के अमन कुमार, जो कभी साइकिल पर अखबार बेचकर परिवार की मदद करते थे, आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युवा आइकॉन बन चुके हैं। गरीबी और बाल मजदूरी की चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाकर लाखों युवाओं को शिक्षा, स्कॉलरशिप, करियर और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
उनकी वेबसाइट ‘कॉन्टेस्ट 360’ को 84 लाख से ज्यादा युवाओं ने इस्तेमाल किया, जबकि कांवड़ यात्रा ऐप ने साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं की मदद की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की युवा केंद्रित नीतियों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से अमन ने न केवल अपना जीवन बदला, बल्कि प्रदेश और देश का नाम भी रोशन किया।
बचपन की मुश्किलें और शुरुआती संघर्ष
अमन कुमार का जन्म बागपत के ट्यौढी गांव में हुआ। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें बचपन में ही अखबार बेचना पड़ा। साइकिल पर अखबार लेकर घर-घर जाते और पढ़ाई के साथ-साथ घर का खर्च चलाने में मदद करते। इस दौरान बाल मजदूरी की पीड़ा भी झेली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने यह समझा कि कई युवा सिर्फ सही जानकारी न मिलने से पीछे रह जाते हैं। इसी सोच ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
12वीं के बाद शुरू हुई डिजिटल पहल
12वीं पास करने के बाद अमन ने सक्रियता बढ़ाई। उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप से शुरुआत की और फिर इसे विस्तार देकर ‘कॉन्टेस्ट 360’ नाम की वेबसाइट बनाई। यह वेबसाइट एक क्लिक पर शिक्षा, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस और सरकारी नौकरियों की जानकारी देती है। अब तक इस प्लेटफॉर्म को 84 लाख से अधिक युवाओं ने देखा और इस्तेमाल किया। अमन आज उत्तर प्रदेश सरकार के युवा कल्याण विभाग से जुड़े उड़ान यूथ क्लब के अध्यक्ष हैं। उनका लक्ष्य है कि कोई भी योग्य युवा जानकारी के अभाव में अवसर गंवाए नहीं।
कांवड़ यात्रा ऐप और अन्य डिजिटल योगदान
अमन ने धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी डिजिटल समाधान दिए। वर्ष 2022 में उन्होंने बागपत प्रशासन के साथ मिलकर कांवड़ यात्रा ऐप बनाया। इस ऐप में यात्रा मार्ग, चिकित्सा सुविधा, शिविर, आपातकालीन संपर्क और प्रशासनिक मदद की जानकारी एक जगह उपलब्ध है। इसे साढ़े तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने उपयोग किया। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में स्वीप बागपत ऐप बनाकर भारत निर्वाचन आयोग की सेवाएं एक लाख से अधिक मतदाताओं तक पहुंचाईं।
जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में सरकारी योजनाओं से जोड़ना
बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल के मार्गदर्शन में अमन ने प्रशासनिक कार्यों में योगदान दिया। सूचना विभाग की मदद से ‘सूचना सेतु’ ऐप बनाया, जो एक क्लिक पर अधिकारियों और सरकारी योजनाओं से जोड़ता है। इसके अलावा ‘बागपत फॉर एनिमल्स’ ऐप से पशु कल्याण को बढ़ावा दिया और ग्राम पंचायत फैजपुर निनाना की वेबसाइट बनाकर डिजिटल पंचायत की दिशा में कदम बढ़ाया। अब वे पूरे प्रदेश के युवाओं को वेबसाइट और इनोवेशन से जोड़ने की योजना बना रहे हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान
अमन के काम को राष्ट्रीय स्तर पर स्वामी विवेकानंद यूथ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। वे यूनेस्को ग्लोबल यूथ कम्युनिटी, यूनेस्को इन्क्लूसिव पॉलिसी लैब, यूनेस्को मीडिया इन्फॉर्मेशन लिटरेसी एलायंस, यूनिसेफ नेशनल यू एंबेसडर, हंड्रेड फाउंडेशन और अन्य संस्थाओं से जुड़े हैं। वर्ष 2026 में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में टीम यूपी के ग्रुप कैप्टन बने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने युवाओं की बात रखी। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के साथ भी काम किया।
मिले सम्मान और उपलब्धियां
अमन को 2025 में आई वॉलंटियर अवॉर्ड मिला। यूनिसेफ इंडिया से इंडियाज मोस्ट वैल्यूएबल यू रिपोर्टर अवॉर्ड, यंग ट्रांसफॉर्मर्स अवॉर्ड और शिक्षा रत्न सम्मान जैसे कई पुरस्कार प्राप्त हुए। भारत सरकार के माई भारत संस्थान ने उन्हें यूपी में यूथ मेंटर बनाया।
अमन कुमार की कहानी साबित करती है कि संघर्ष और सही दिशा मिलने पर कोई भी ऊंचाई छू सकता है। योगी सरकार की युवा नीतियां और डिजिटल पहल ने ऐसे कई युवाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है।

