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Tuesday, January 27, 2026

गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर का दावा, बदमाशों पर कसी नकेल, तीन साल में घटे अपराध

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गाजियाबाद/ भूपेंद्र तालान। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध एवं अपराधियों के विरुद्व जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के बनने के बाद जनपद में अपराधों में गिरावट आई हैं। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट का 26 नवंबर 2022 को गठन किया गया था। पुलिस कमिश्नर जे.रविन्दर गौड़ का दावा है कि पुलिस कमिश्नरेट का गठन होने के बाद इन पिछले तीन वर्षों में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत गैंगस्टर अधिनियम के अंतर्गत कुख्यात एवं पेशेवर अपराधियों की 3 अरब 33 करोड़ 73 लाख 14,336 रुपए कीमत की संपत्ति जब्त की गई हैं। इसी के साथ वर्ष-2020, 2021 और 2022 के सापेक्ष कमिश्नरेट का गठन होने के उपरान्त तीन वर्षों में अपराधों में निरंतर कमी हो रही हैं। जनपद के लोग कमिश्नरेट में अधिक सुरक्षित एवं सुगम महसूस कर रहे हैं। आज यानि कि बुधवार 26 नवंबर को पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के गठन के तीन वर्ष पूर्ण हो जाएंगे। इस अवधि में पुलिस कमिश्नरेट में जन-केंद्रित पुलिसिंग को साकार करते हुए अनेक नवाचार किए गए। जिनसे अपराध नियंत्रण,अपराधियों पर अंकुश तथा नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में सफलता प्राप्त हुई है।

-सुरक्षा-सेवा,सुशासन के तीन साल,अपराध हुए कम, महिला सुरक्षा एवं महिला संबंधी अपराधों में गिरावट
—अपराध एवं अपराधियों के विरुद्व जारी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आया बदलाव
—जनपद के लोग कमिश्नरेट में अधिक सुरक्षित एवं सुगम महसूस कर रहे हैं : रविन्दर गौड़

पुलिस कमिश्नर जे.रविन्दर गौड़ का कहना है कि कमिश्नरेट के गठन के उपरान्त पुलिस व्यवस्था अत्यधिक सुदृढ़ हुई हैं। आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संसाधन एवं पुलिस बल की अपेक्षित उपस्थिति एवं उपलब्धता होने के फलस्वरूप तीन वर्षों में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य रही है। विगत वर्ष के सापेक्ष डकैती,लूट, चेन स्नैचिंग,हत्या,नकबजनी,चोरी के अपराधों में अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई। इसके चलते वर्ष-2025 में अपराधों में काफी कमी आई है। डकैती के अपराध में 100 प्रतिशत,लूट में 139 प्रतिशत,चेन स्नेचिंग के अपराधों में 48 प्रतिशत,नकबजनी में 37 प्रतिशत,वाहन चोरी में 17 प्रतिशत तथा अन्य चोरी के अपराधों में 23 प्रतिशत समेत कुल अपराधों में 17 प्रतिशत तक की कमी आई हैं।

 

महिला संबंधी अपराधों में बलात्कार के अपराधों में 94 प्रतिशत, शीलभंग में 51 प्रतिशत,अपहरण में 93 प्रतिशत तथा महिला उत्पीडऩ के अपराधों में 11 प्रतिशत की कमी आई है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अपराधों को नियंत्रण करने के साथ-साथ जनता केंद्रित पुलिसिंग व्यवस्था के लिए कमिश्नरेट के तीनो जोन में सभी थाना क्षेत्रों में बीट क्षेत्र निर्धारित कर पुलिस बीट ऑफिसर एवं बीट एसआई की नियुक्ति की गई,जिससे स्थानीय नागरिकों से नियमित संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। 24 अपै्रल 2025 से कमिश्नरेट में बीट व्यवस्था प्रणाली लागू की गई। गाजियाबाद जनपद को 2131 बीट में विभाजित किया गया। कुल 941 बीट एसआई एवं 1431 बीट पुलिस अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा सिटीजन चार्टर के अंतर्गत आम जनता को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाएं,जैसे पासपोर्ट सत्यापन,चरित्र
सत्यापन, किराएदारी सत्यापन आदि का कार्य संबंधित बीट में नियुक्ते बीट में एसआई एवं बीट पुलिस अधिकारी द्वारा की जा रही है। बीट क्षेत्र में निवासित अपराधियों पर निगरानी रखने का दायित्व भी इन्हें सौंपा गया हैं।इसके अलावा विवेचना में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों का प्रयोग कर जांच को अधिक पारदर्शी और सशक्त बनाया गया है। इससे अभियोजन पक्ष को
मजबूत आधार मिला और दोष सिद्धि दर में वृद्धि हुई। साथ ही साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली के अंतर्गत विवेचक द्वारा अभियोग में धाराओं का लोप तथा वृद्वि करने एवं नामित अभियुक्तों के नाम हटाने तथा प्रकाश में लाने की कार्रवाई के लिए जोनल पुलिस उपायुक्त एवं सहायक पुलिस
आयुक्त से अनुमोदन प्राप्त किया जाना अनिवार्य किया गया। जिससे विवेचना को और अधिक वैज्ञानिक,पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया गया है। शिष्टाचार संवाद नीति का निर्धारण किया गया। इसके तहत पुलिस अधिकारियों से लेकर पुलिसकर्मियों द्वारा आम जनमानस के साथ की जा रही अभद्र व्यवहार की घटनाओं के प्रकाश में आने को दृष्टिगत रखते शिष्टाचार संवाद नीति निर्धारित की गई। वादी संवाद दिवस की 3 सितंबर 2025 से सभी थानों पर प्रत्येक बुधवार को वादी संवाद दिवस का आयोजन किया जा रहा हैं। अभी तक आयोजित वादी संवाद दिवस मे कुल 3859 वादियों को उनके अभियोग के संबंध में प्रगति की जानकारी दी गई हैं। पुलिस कमिश्नर ने दावा किया कि इन निर्धारित करते हुए कमिश्नरेट में यह व्यवस्था लागू की गई हैं। पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए कमिश्नरेट के सभी थाना कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए।

जिनकी 24 घंटे सातों दिन निगरानी तीनों जोन के पुलिस उपायुक्त कार्यालयों में स्थापित कमांड कंट्रोल रुम द्वारा की जा रही है। एफआईआर की कॉपी शिकायतकर्ता के घर पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई। साथ ही जनता के व्यक्तियों से संवाद स्थापित करने के लिए ु 100 संभ्रान्त व्यक्तियों को थाने पर बुलाकर संवाद दिवस की प्रक्रिया प्रारंभ की गई हैं। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत विभिन्न थानों से संबंधित गंभीर और महिला संबंधी अपराधों में संलिप्त अपराधियों के न्यायालय में विचाराधीन मुकदमों में प्रभावी पैरवी कराने की कार्रवाई की गई। इसके अंतर्गत कुल 370 मुकदमों को चिन्हित किया गया,जिनमें से 59 अपराधियों को आजीवन एवं 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इनमें पुलिस द्वारा जांच को मजबूत बनाया गया है। इसी प्रकार धारा-164 बीएनएसएस के वादों का सम्पूर्ण विवरण पोर्टल पर अपलोड कराया गया। साथ ही धारा-14(1)गैंगस्टर एक्ट,गुंडा एक्ट की कार्रवाईे का विवरण भी पोर्टल पर अपलोड कराकर समीक्षा की जा रही हैं। पुलिस कर्मियों के अवकाश स्वीकृति एवं आवास आवंटन की प्रक्रिया
को सुगम बनाने के लिए कमिश्नरेट में सीईएमएस पोर्टल शुरू किया गया। आपराधिक घटनाओं को रोकने तथा अपराधियों पर नियंत्रण रखने के
उद्देश्य से गाजियाबाद में सीसीटीवी कैमरों का बढ़ता नेटवर्क भी घटनाओं को रोकने और सफल अनावरण के लिए 16 अगस्त 2025 से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। गाजियाबाद में कुल 900 नए उच्च क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थापित किए गए।

महिला संबंधी अपराधों में कमी आई : कमिश्नर

पुलिस कमिश्नर जे.रविन्दर गौड़ ने दावा किया कि महिला संबंधी अपराधों में बलात्कार के अपराधों में 94 प्रतिशत, शीलभंग में 51 प्रतिशत,अपहरण में 93 प्रतिशत तथा महिला उत्पीडऩ के अपराधों में 11 प्रतिशत की कमी आई है। महिलाओं से संबंधित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कमिश्नरेट में कुल 20 पिंक बूथ कार्यरत हैं। जहां महिला पुलिसकर्मी नियुक्त हैं,पीडि़त महिलाओं को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मिशन शक्ति फेज-5 को सफल बनाने के लिए कमिश्नरेट में कुल 25 मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर जे.रविन्दर गौड़ का कहना है कि ये सभी व्यवस्थाएं पुलिस कमिश्नरेट को आधुनिक,पारदर्शी और नागरिक-उन्मुख बनाने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में अपराध दर कम हो,न्याय शीघ्र उपलब्ध हो और पुलिस-जनता के बीच मजबूत संबंध स्थापित हो। इसको लेकर आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।

साइबर अपराध पर पूरा फोकस

वर्तमान में बढ़ते साइबर अपराध के दृष्टिगत साइबर अपराध से संबंधित अभियोगों की विवेचना के लिए साइबर थाने में एक विशेष टीम गठित की गई। जिसमें 20 निरीक्षक नियुक्त हैं। साइबर थाने के अतिरिक्त प्रत्येक थाने में साइबर सेल गठित है,जो पीडि़तों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए 24 घंटे थाने पर उपलब्ध रहते हैं। यूपी-112 का रिस्पॉस टाइम मे गाजियाबाद पुलिस उत्तर प्रदेश में नंबर-1 पर है। इसी प्र्रकार डायल 112 के रेस्पान्स टाइम में 112 मुख्यालय द्वारा निर्गत की जाने वाली रैंकिंग में भी गाजियाबाद पुलिस पिछले 11 माह से पूरे प्रदेश में न्यूनतम रेस्पान्स टाइम के साथ प्रथम स्थान पर बनी हुई हैं। नवंबर 2025 में रेस्पान्स टाइम को 4.04 के न्यूनतम टाइम पर लाने में सफलता प्राप्त की हैं। 1 जनवरी 2025 से 25 नवंबर की अवधि में डॉयल-112 पर आपातकालीन सहायता के लिए कुल 295285 ईवेन्ट्स प्राप्त हुई हैं। जैसा कि डायल 112 पर प्राप्त ईवन्ट्स के सम्बन्ध में 112 मुख्यालय द्वारा एक स्वतंत्र एजेन्सी के माध्यम से फीडबैक भी लिया जाता है।

सड़कों पर अतिक्रमण को रोकने के लिए व्यापक इंतजाम

सड़कों पर अतिक्रमण को रोकने तथा सार्वजनिक स्थानों को सुचारू रखने के लिए पुलिस ने अतिक्रमण करने वालों को बीएनएसएस की धारा-152 के अंतर्गत नोटिस दिए जा रहे है। 12 हजार से अधिक व्यक्तियों को अब तक नोटिस दिए जा चुके हैं। यातायात व्यवस्था को सुदृढ एवं सुगम बनाने के लिए तीनों जोन में प्रत्येक जोन पर एक सहायक पुलिस आयुक्त की नियुक्ति की गई है। प्रत्येक जोन में 3 उप-जोन बनाए गए हैं। जिन पर एक-एक यातायात निरीक्षक की नियुक्ति की गई है। वर्तमान में यातायात पुलिस में व्यवस्था के लिए एक पुलिस उपायुक्त,तीन सहायक पुलिस आयुक्त,13 निरीक्षक,136 उपनिरीक्षक,319 पुरूष व 8 महिला मुख्य आरक्षी तथा 418 पुरूष व 13 महिला आरक्षी की नियुक्ति की गई है। जनपद में कुल 150 स्थानों के सापेक्ष 221 स्थानों पर ड्यूटी लगाई जा रही है। 24 ट्रेमो मोबाइल का संचालन किया गया है,पांच इंटरसेप्टर संचालित हैं। इसी प्रकार से थानों व भवनों का जीर्णोंद्वार व नवनिर्माण की प्रक्रिया भी जारी है।

अभयस्त अपराधियों की निगरानी की जा रही

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता(बीएनएसएस)की धारा 129जी के तहत अपराधों की रोकथाम तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभयस्त अपराधियों की निगरानी की जा रही है। अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत जिला बदर किए जा रहे है। विगत 10 वर्षों के संपत्ति संबंधी
अपराधों में संलिप्त रहे कुल 9665 अपराधियों का गहन सत्यापन कराया गया। बीएनएसएस के अंतर्गत 5235 अभियुक्तों के विरूद्ध कार्रवाई की गई है। गैंगस्टर अधिनियम के अंतर्गत कुख्यात एवं पेशेवर अपराधियों की 3,33,73,14,336 रुपए कीमत की संपत्ति जब्त की गई। जबकि पुलिस मुठभेड़ में 347 अभियोगों में 562 अपराधी गिरफ्तार किए गए। मुठभेड़ में 399 अपराधी घायल हुए हैं तथा 7 अपराधी मुठभेड़ में ढ़ेर हुए हैं।

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