प्रयागराज, विनोद मिश्रा। प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दूसरे प्रमुख स्नान पर्व मकर संक्रांति पर भारी संख्या में श्रद्धालु संगम पहुंचे। मेला अधिकारी ऋषिराज के अनुसार, इस दिन 1.03 करोड़ से अधिक लोगों ने त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान किया। साफ मौसम के कारण पिछले दो दिनों (षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति) में कुल स्नान करने वालों की संख्या लगभग 2 करोड़ के करीब पहुंच गई। प्रशासन की कड़ी व्यवस्था से यह पर्व पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
संगम तट पर आस्था की लहर
मकर संक्रांति के दिन सुबह से ही विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लग गया। कल्पवासियों ने संगम में डुबकी लगाई और खिचड़ी, गुड़ तथा तिल का दान किया। दंडी साधु और आचार्य संप्रदाय के संतों ने गंगा घाटों पर स्नान कर उत्तरायण के भगवान सूर्य की पूजा-अर्चना की। मौसम साफ होने से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई। शाम 4 बजे तक 91 लाख से अधिक लोग स्नान कर चुके थे, जो सूर्यास्त तक 1.03 करोड़ पहुंच गई।

साधु-संतों और किन्नर अखाड़े का भव्य स्नान
माघ मेले में अखाड़ों का शाही स्नान नहीं होता, लेकिन कई नागा संन्यासी व्यक्तिगत रूप से संगम पहुंचे। इस दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गंगा पूजन कर अपनी ‘गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा’ शुरू की। सनातनी किन्नर अखाड़े ने भी उत्साह से भाग लिया। उनके शिष्यों ने तांडव नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। अखाड़े के सदस्यों ने पहले कुलदेवी बउचरा माता को स्नान कराया और फिर सामूहिक स्नान किया। आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न पर सभी सनातनियों को एकजुट होने का आह्वान किया।

प्रशासन की मजबूत व्यवस्था
मेला क्षेत्र के हर कोने पर पुलिस और प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी रही। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और सफाई के पुख्ता इंतजामों से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। मेला अधिकारी ने बताया कि यह स्नान पर्व पूरी तरह सकुशल संपन्न हुआ।
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