Magh Mela 2026: प्रयागराज में चल रहा माघ मेला 2026 आस्था और भक्ति का अनुपम संगम बनता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रयागराज पहुंचकर मेला की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर अनुमान से कहीं अधिक भीड़ उमड़ी, जहां 31 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन की सजगता, तकनीक के उपयोग और सभी विभागों के बेहतरीन समन्वय की सराहना की, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित हुईं। माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें कई प्रमुख स्नान पर्व शामिल हैं।

पौष पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब
माघ मेला की शुरुआत पौष पूर्णिमा से हुई, जिसके लिए प्रशासन ने 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं का अनुमान लगाया था। लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक रही। शाम तक 31 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम स्नान में शामिल हुए। भगवान वेणी माधव, बड़े हनुमान जी महाराज और अक्षयवट के सानिध्य में लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई।
कल्पवासी एक महीने के कठिन कल्पवास में लीन हैं, जो नियमित स्नान, जप-तप और संयम से मोक्ष प्राप्ति की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री योगी ने रामानंदाचार्य जी की 726वीं जयंती समारोह में भाग लिया और प्रयागराज की पावन धरा का स्मरण किया, जहां महर्षि भारद्वाज, याज्ञवल्क्य जैसे ऋषि-मुनियों का सानिध्य रहा है।

घाट विस्तार, स्वच्छता और शीतलहर से बचाव के प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार मेला क्षेत्र में घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है। स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया है और भीषण शीतलहर से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम सक्रिय है। साथ ही, मेला सेवा ऐप लॉन्च किया गया है, जो संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता प्रदान कर रहा है। तकनीक के प्रयोग से सुविधाएं मजबूत हुई हैं, जिससे प्रशासन की सजगता और संवाद से सभी कार्य सुचारु रूप से चल रहे हैं।
आगामी प्रमुख स्नान पर्व और तैयारियां
मुख्यमंत्री योगी ने आश्वासन दिया कि जैसे पौष पूर्णिमा का स्नान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, वैसे ही बाकी स्नान भी पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सुरक्षित होंगे। आगामी प्रमुख स्नान इस प्रकार हैं:
- मकर संक्रांति: 14-15 जनवरी
- मौनी अमावस्या: 18 जनवरी
- वसंत पंचमी: 23 जनवरी
- माघ पूर्णिमा: फरवरी की शुरुआत में
- महाशिवरात्रि: 15 फरवरी (मेले का समापन)
सभी विभाग पूरी तत्परता से कार्य कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी श्रद्धालु असुविधा महसूस न करे। पिछले वर्ष इसी समय महाकुंभ की तैयारियां चल रही थीं, और मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेला भी सफल होगा।

माघ मेला सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है, जहां लाखों लोग संगम में स्नान कर पुण्य प्राप्त करते हैं। मुख्यमंत्री योगी की सक्रिय निगरानी से यह आयोजन और अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित हो रहा है।
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