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Sunday, January 18, 2026

योगी सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना: 647 करोड़ से 27 लाख बेटियों को मिला 25,000 रुपये का लाभ, जानें पूरी डिटेल

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों को शिक्षा और सुरक्षा देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से अब तक करीब 27 लाख बेटियों को फायदा मिल चुका है, और सरकार ने कुल 647 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं। 2024-25 में सहायता राशि को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है, जो छह किस्तों में दी जाती है। इससे परिवारों में बेटियों के प्रति सोच बदल रही है और लिंग समानता को बढ़ावा मिल रहा है।

लाखों बेटियों तक पहुंची मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना

उत्तर प्रदेश में बेटियों के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना काफी सफल साबित हो रही है। इस योजना के तहत अब तक लगभग 27 लाख पात्र बेटियों को लाभ मिला है। सरकार ने इसके लिए 647.21 करोड़ रुपये की राशि खर्च की है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि योजना सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर अच्छे से लागू हो रही है। इतनी बड़ी संख्या में बेटियों तक मदद पहुंचना सरकार की मजबूत व्यवस्था और पारदर्शिता का सबूत है।

इस साल यानी वित्तीय वर्ष में 3.28 लाख बेटियों को 130.03 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे साफ है कि सरकार बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता मान रही है। योजना अब प्रदेश में बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का एक बड़ा नाम बन चुकी है।

योजना का उद्देश्य: बेटियां बोझ नहीं, ताकत हैं

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का मुख्य मकसद प्रदेश में लड़के-लड़की के बीच समानता लाना है। इससे कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों के जन्म पर सकारात्मक सोच बनाने में मदद मिल रही है। सरकार का मानना है कि बेटियां किसी परिवार या समाज के लिए बोझ नहीं, बल्कि ताकत हैं। इस योजना से आर्थिक तंगी की वजह से किसी बेटी की पढ़ाई या बड़ा होना रुकना नहीं चाहिए।

कौन ले सकता है योजना का फायदा?

यह योजना उत्तर प्रदेश के उन परिवारों के लिए है जो यहां के मूल निवासी हैं। परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। साथ ही, परिवार में ज्यादा से ज्यादा दो बच्चे होने चाहिए। 2019 में शुरू हुई इस योजना से केवल पात्र परिवारों की बेटियों को मदद मिलती है।

सहायता राशि बढ़ने से परिवारों का भरोसा मजबूत

वित्तीय वर्ष 2024-25 से सरकार ने कुल सहायता राशि को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया है। यह पैसा बेटी के जीवन के अलग-अलग पड़ाव पर छह किस्तों में दिया जाता है:

  • बेटी के जन्म पर: 5,000 रुपये
  • 2 साल की उम्र पर पूरा टीका लगने पर: 2,000 रुपये
  • कक्षा 1 में दाखिला होने पर: 3,000 रुपये
  • कक्षा 6 में दाखिला होने पर: 3,000 रुपये
  • कक्षा 9 में दाखिला होने पर: 5,000 रुपये
  • कक्षा 10 या 12 पास करके डिप्लोमा या ग्रेजुएशन कोर्स में दाखिला लेने पर: 7,000 रुपये

इस तरह की व्यवस्था से बेटियां हर कदम पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित हो रही हैं। परिवारों को लगता है कि सरकार उनके साथ है, और बेटी पैदा होना अब खुशी की बात बन रही है।

सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सिर्फ पैसा देने की योजना नहीं है। यह समाज में बेटियों के प्रति पुरानी नकारात्मक सोच को बदलने का एक ठोस प्रयास है। इससे न केवल बेटियों की पढ़ाई और स्वास्थ्य बेहतर हो रहा है, बल्कि परिवारों में सरकार पर भरोसा भी बढ़ रहा है। योगी सरकार की यह पहल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे को सच्चाई में बदल रही है। आने वाले समय में इससे लाखों और बेटियों का भविष्य उज्ज्वल होगा।

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