गाजियाबाद /भूपेंद्र तालान। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने शुक्रवार को सीएमआईएस पोर्टल पर प्रदर्शित परियोजनाओं की प्रगति को लेकर की बैठक से नदारद रहने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ने बैठक में अनुपस्थित रहने वाले इन अधिकारियों में जल निगम शहरी खंड-2 के अधिशासी अभियंता,अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण,पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता राम राजा,पुलिस आवास निगम,अधिशासी अभियंता आवास एवं विकास परिषद, अधिशासी अभियंता नलकूप,अधिशासी अभियंता लोक निर्माण भवन खंड मेरठ, अधिशासी अभियंता सिंचाई मेरठ खंड व प्रोजेक्ट मैनेजर एचएचसीसी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इन पर 11-11 हजार रुपए का दंड अधिरोपित करते हुए जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी को निर्देशित किया किया कि इन अधिकारियों से प्राप्त धनराशि को विकलांग बच्चों के इलाज के लिए उपयोग में लाई जाएं।
-डीएम ने अधिकारियों से धनराशि प्राप्त कर दिव्यांग बच्चों के इलाज में लगाए
—अधिकारियों से प्राप्त धनराशि को विकलांग बच्चों के इलाज के लिए उपयोग में लाई जाएगी
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने सीएमआईएस पोर्टल पर प्रदर्शित परियोजनाओं की प्रगति के संबंध में मासिक बैठक की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल,आईएएस अयान जैन, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी राजीव श्रीवास्तव,जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव समेत कार्यदायी संस्थाओं एवं संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने बैठक में अवगत कराया कि सीएमआईएस पोर्टल पर एक करोड़ रुपए से अधिक लागत की 320 परियोजनाएं प्रदर्शित हैं,जिसमें से 167 पूर्ण हो चुकी हैं और 136 अपूर्ण हैं। इसके साथ ही माह दिसंबर में 17 परियोजनाएं विलंबित हैं। उक्त परियोजनाओं को पूर्ण करने का कार्यदायी संस्थाएं उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड,उत्तर प्रदेश जल निगम(शहरी),उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड, उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड,उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद निर्माण इकाई,यूपी सिडको,सीएडंडीएस,पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड,लोक निर्माण विभाग,सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग,मंडी परिषद,उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम लिमिटेड,नगर निगम,राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड लखनऊ, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा आदि की हैं।
जिलाधिकारी का बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश
जिलाधिकारी ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी भी परियोजना में भूमि संबंधित कोई विवाद हो तो उसके लिए संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए कार्य को समय अंतर्गत पूर्ण कराया जाएं। यदि आपसी समन्वय से कार्य नहीं हो पा रहा है तो जिलाधिकारी स्तर पर उस समस्या का निस्तारण करवाया जाएं। यह कार्य हर हाल में पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाए। इसमें कोई धनराशि की समस्या है तो अपने स्तर से या आवश्यकतानुसार जिलाधिकारी स्तर से मुख्यालय को पत्र प्रेषित किया जाएं। परियोजनाओं के पूर्ण होने में धनाभाव की शिकायत ना आने पाएं। इसका विशेष ध्यान रखा जाएं।
कागजी कार्रवाई में कोताही ना बरती जाएं : DM
DM ने कहा कि किसी भी कागजी कार्रवाई में कोताही ना बरती जाएं,जो भी कार्रवाई हो उसे पूर्ण गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ संबंधित विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए पूर्ण की जाएं। जिलाधिकारी ने क्रमवार जनपद में संचालित 5 लाख से अधिक की सभी परियोजनाओं की प्रगति की संबंधित विभाग एवं संस्था से विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने समस्याओं से अवगत होते हुए मौके पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण के आदेश दिए। उन्होंने सभी संस्थाओं एवं विभागों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं का कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाएं।
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