लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गांव अब जगमगा रहे हैं। योगी सरकार ने ग्रामीण विद्युतीकरण को प्राथमिकता देकर हर घर तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। डीडीयूजीजेवाई (दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना) और सौभाग्य योजना से सभी गांवों का विद्युतीकरण पूरा हुआ है। आरडीएसएस (संशोधित वितरण क्षेत्र सुधार योजना) के तहत लाइनें अपग्रेड, ट्रांसफार्मर क्षमता बढ़ाई गई और स्मार्ट मीटरिंग तेज हुई है।
इससे कृषि, डेयरी, कुटीर उद्योग और स्वरोजगार को बड़ा बढ़ावा मिला है। 2026-27 के बजट में बिजली क्षेत्र के लिए 65,926 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक ग्रामीण इलाकों में औसतन 20 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 22 घंटे और जनपद मुख्यालयों पर 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई गई है।
ग्रामीण विद्युतीकरण की उपलब्धियां
2017 से पहले उत्तर प्रदेश के गांव बिजली की किल्लत से परेशान थे। योगी सरकार ने इसे बदलने के लिए केंद्र की योजनाओं को मजबूती से लागू किया। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUGJY) के तहत ग्रामीण इलाकों में पारेषण और वितरण नेटवर्क को मजबूत किया गया। जर्जर लाइनों को बदलकर नए उपकेंद्र लगाए गए। इसके बाद प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) से लाखों परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए गए। नतीजा ये हुआ कि अब हर घर में बिजली पहुंच गई है। गांवों में सिर्फ घरेलू रोशनी नहीं, बल्कि खेती-बाड़ी और छोटे-मोटे कामों के लिए भी नियमित बिजली मिल रही है।
आरडीएसएस से इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
संशोधित वितरण क्षेत्र सुधार योजना (RDSS) के जरिए वितरण तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। पुराने कंडक्टर बदलकर नए लगाए जा रहे हैं, लो टेंशन एबी केबल बिछाई जा रही है। ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है। स्मार्ट मीटरिंग को तेजी से लागू किया जा रहा है, जिससे बिजली चोरी रुक रही है और आपूर्ति की क्वालिटी सुधर रही है। इन कामों से लो वोल्टेज की समस्या काफी कम हुई है। उपभोक्ताओं को अब पर्याप्त और स्थिर बिजली मिल रही है।
खेती, उद्योग और रोजगार पर सकारात्मक असर
ग्रामीण विद्युतीकरण का सबसे बड़ा फायदा खेती और स्वरोजगार को मिला है। सिंचाई के लिए बिजली बेहतर होने से फसल उत्पादन बढ़ा है। डेयरी फार्मिंग, कोल्ड स्टोरेज, आटा चक्की, वेल्डिंग जैसे छोटे व्यवसाय अब बिना रुकावट चल रहे हैं। इससे गांवों में रोजगार के नए मौके पैदा हुए हैं। स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों में भी बिजली की कमी नहीं रह गई, जिससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बार-बार कहते हैं कि गांव मजबूत होंगे तभी सबका साथ सबका विकास संभव है।
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के आंकड़े
1 अप्रैल 2022 से 2025-26 तक कुल 2,410 नए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र बनाए या क्षमता बढ़ाई गई। 20,924 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए गए और 85,684 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई। ये कदम ग्रामीण बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम साबित हुए हैं।
भविष्य के लिए मजबूत आधार
विशेषज्ञ मानते हैं कि मजबूत बिजली ढांचा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक सशक्त बनाएगा। 2026-27 बजट में बिजली क्षेत्र को मिली बड़ी राशि से आगे और सुधार होंगे। उत्तर प्रदेश अब ऊर्जा संपन्नता की राह पर तेजी से बढ़ रहा है।

