गाजियाबाद/ भूपेंद्र तालान। जिले में भू-माफियाओं के खिलाफ अब प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भू-माफियाओं की सूची तैयार करें। यह सूची पुलिस को सौंपी जाएगी,ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भू-माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वह ऐसे लोगों की सूची तैयार करें जो अवैध रूप से भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। इनमें सरकारी भूमि से लेकर निजी भूमि भी शामिल है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान उनके पास भी लगातार भूमि पर कब्जा करने की शिकायतें आती हैं। इसी क्रम में लोनी क्षेत्र से जुड़े एक मामले में भी उन्होंने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। लोनी में पिछले दो दशकों से रह रहे लोगों की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने की शिकायत सामने आई थी।
-डीएम ने सभी एसडीएम को क्षेत्रों में सक्रिय भू-माफिया की सूची बनाने के दिए निर्देश
—सूची पुलिस को सौंपी जाएगी,ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके
—मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भू-माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं
जिलाधिकारी को पीडि़तों ने बताया कि कब्जाधारियों के खिलाफ पुलिस से कई बार शिकायत की गई,लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीडि़तों ने उनसे सीधे शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिस को भी सहयोग करने के लिए कहा गया है,ताकि पीडि़तों को न्याय मिल सके। जिलाधिकारी का कहना है कि आम लोगोंं की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। शुक्रवार को जनसुनवाई के दौरान नगर निगम, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, विद्युत, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों से जुड़े प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से अधिकांश शिकायतें भूमि, मकान और फ्लैट से जुड़े मामलों की रहीं। इस दौरान जिलाधिकारी को शिकायतकर्ताओं ने अवैध कब्जे, निर्माण में बाधा,फ्लैट बुक कराने के बाद कब्जा न मिलने और भूमि पर अन्य व्यक्ति द्वारा अधिकार जताने जैसी गंभीर समस्याएं सामने रखीं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आमजन की भूमि या सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मकान या फ्लैट के क्रय-विक्रय से पूर्व जांच-पड़ताल आवश्यक
जिलाधिकारी ने जनता को सचेत करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की भूमि, मकान या फ्लैट के क्रय-विक्रय से पूर्व संपत्ति और उससे जुड़े दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल अत्यंत आवश्यक है। तहसील स्तर की कागजी कार्यवाही, स्वामित्व और वैधानिक स्थिति की पुष्टि किए बिना कोई भी लेन-देन न किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के धोखे या विवाद से बचा जा सके।
दिव्यांगजनों का त्वरित समाधान किया जाए
जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों के कल्याण को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया कि दिव्यांगजनों से संबंधित सभी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए और उन्हें शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाए। साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी और दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए गए कि दिव्यांग बच्चों का चिन्हिकरण कर उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का प्रथम प्रयास दिव्यांगता को समाप्त करने की दिशा में होना चाहिए और यदि यह संभव न हो, तो दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव सहयोग किया जाए,जिससे वे सम्मानपूर्वक और स्वावलंबी जीवन व्यतीत कर सकें।
शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया जाए
DM ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। जिन शिकायतों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक हो, वहां मौके पर जाकर जांच की जाए और निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेना भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन को सदैव तत्पर और संवेदनशील रहना चाहिए। जनसुनवाई के दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक अंजुम बी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

