लखनऊ, 1 फरवरी 2026। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह बजट उत्तर प्रदेश के लिए बहुत खास है क्योंकि इसमें राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, पर्यटन, कृषि, महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार पर खास ध्यान दिया गया है। कुल मिलाकर ₹12.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) घोषित किया गया है, जो देशभर में विकास को तेज करेगा और यूपी को भी सीधा फायदा पहुंचाएगा।
इस बजट से यूपी में हाई-स्पीड रेल, जल परिवहन, पर्यटन स्थलों का विकास, टियर-2 और टियर-3 शहरों का उत्थान, एमएसएमई, टेक्सटाइल और खेल सेक्टर में रोजगार के नए मौके पैदा होंगे। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस बजट से उत्तर प्रदेश को क्या-क्या लाभ मिलेंगे।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से यूपी की कनेक्टिविटी होगी सुपरफास्ट
बजट में सबसे बड़ी घोषणा सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की है। इनमें से दो कॉरिडोर सीधे उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं – दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर। ये परियोजनाएं दिल्ली से काशी और पूर्वांचल को तेजी से जोड़ेंगी। यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, जिससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर से राजधानी से काशी की यात्रा आसान और तेज होगी। इससे पूर्वांचल के जिलों में निवेश बढ़ेगा, लॉजिस्टिक्स बेहतर होगा और धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी। वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर पूर्वी यूपी को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ेगा, जिससे सीमावर्ती इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इन कॉरिडोर से होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड और स्थानीय व्यवसायों में हजारों रोजगार के मौके बनेंगे।
वाराणसी में इनलैंड वॉटरवेज शिप रिपेयर इकोसिस्टम से जल परिवहन मजबूत होगा
राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (गंगा) को और मजबूत करने के लिए बजट में वाराणसी में इनलैंड वॉटरवेज शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित करने की घोषणा की गई है। यह सुविधा गंगा पर चलने वाले मालवाहक जहाजों और जलपोतों की मरम्मत और रखरखाव के लिए होगी। इससे लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी, समय बचेगा और पर्यावरण-अनुकूल जल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
वाराणसी में यह इकोसिस्टम स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को इंजीनियरिंग, तकनीकी और कुशल कामगारों के रूप में रोजगार मिलेगा। स्किल डेवलपमेंट के जरिए युवा आत्मनिर्भर बनेंगे। पटना के साथ मिलकर यह परियोजना गंगा के जल परिवहन को नया आयाम देगी।
सारनाथ और हस्तिनापुर को प्रमुख पुरातात्विक पर्यटन स्थल का दर्जा
बजट में पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर पर खास फोकस है। सारनाथ (भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली) और हस्तिनापुर को 15 प्रमुख पुरातात्विक पर्यटन स्थलों में शामिल किया गया है। इससे इन स्थलों का विकास तेज होगा, इंटरनेशनल टूरिस्ट बढ़ेंगे और यूपी की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी।
पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, होमस्टे, गाइड, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प और लोकल मार्केट में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। यह घोषणा काशी और आसपास के इलाकों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी।
सिटी इकोनॉमिक रीजन (सीईआर) योजना से टियर-2 और टियर-3 शहरों का विकास
टियर-2 और टियर-3 शहरों को मुख्यधारा में लाने के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन (सीईआर) योजना शुरू की गई है। हर ऐसे रीजन के लिए 5 साल में ₹5000 करोड़ तक का निवेश होगा। यूपी के कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी जैसे शहरों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
इस योजना से औद्योगिक क्लस्टर, स्टार्टअप हब, लॉजिस्टिक्स पार्क, सड़क, पानी, सीवर, आवास और डिजिटल कनेक्टिविटी में सुधार होगा। बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। निजी निवेशक भी ज्यादा आएंगे।
₹12.2 लाख करोड़ कैपेक्स से इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती
देशभर में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का रिकॉर्ड कैपेक्स है। यूपी में सड़क, एक्सप्रेसवे, रेल, लॉजिस्टिक हब का विस्तार होगा। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और अन्य एक्सप्रेसवे मजबूत होंगे। इससे माल ढुलाई सस्ती होगी, उद्योगों की लागत कम होगी और राज्य उत्तर भारत का प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा।
खेल, एमएसएमई और टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार और निर्यात बढ़ेगा
बजट में खेल सामग्री, एमएसएमई और टेक्सटाइल को प्रोत्साहन दिया गया है। मेरठ, नोएडा, आगरा जैसे खेल उद्योग केंद्रों को नई तकनीक और निर्यात के मौके मिलेंगे। एमएसएमई को क्रेडिट, तकनीक और बाजार से जोड़ा जाएगा। टेक्सटाइल क्लस्टर, हथकरघा और हस्तशिल्प से पूर्वांचल-बुंदेलखंड के कारीगरों की आय बढ़ेगी।
एआई आधारित ‘भारत-विस्तार’ से किसानों को आधुनिक कृषि
किसानों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ‘भारत-विस्तार’ (Bharat-VISTAAR) योजना शुरू होगी। यह बहुभाषी एआई टूल मौसम, मिट्टी, फसल और बाजार की जानकारी देगा। छोटे किसानों को फसल जोखिम कम होगा और उत्पादन बढ़ेगा।
शी-मार्ट्स से महिला स्वयं सहायता समूहों को नया बाजार
ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘शी-मार्ट्स’ (SHE-Marts) शुरू होंगे। महिला स्वयं सहायता समूह अपने उत्पादों को ब्रांडिंग और बिक्री के लिए बड़े बाजार में पहुंचा सकेंगी। इससे महिलाओं की उद्यमशीलता बढ़ेगी और स्थायी आय बनेगी।
युवाओं के लिए कौशल, उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर
बजट युवाओं पर फोकस करता है। कौशल विकास, स्टार्टअप और रोजगार के रास्ते खुलेंगे। कृषि-टेक, डिजिटल मार्केटिंग में नए मौके मिलेंगे।
स्वास्थ्य और शिक्षा में मजबूत कदम
हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनेगा, ताकि ग्रामीण लड़कियां STEM पढ़ाई आसानी से कर सकें। सभी जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर मजबूत होंगे। इससे स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी और डॉक्टर-नर्सों के लिए रोजगार बढ़ेगा।
यह बजट उत्तर प्रदेश को समावेशी विकास की राह पर ले जाएगा। किसान, महिला, युवा, कारीगर और छोटे उद्यमी सबको फायदा मिलेगा। क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और राज्य राष्ट्रीय विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

