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यूपी में मिल्क प्रोक्योरमेंट से 3.5 लाख ग्रामीण महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर, दुग्ध व्यवसाय में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर

दुग्ध संग्रहण (मिल्क प्रोक्योरमेंट) और इससे जुड़े कार्यों के माध्यम से प्रदेश की करीब 3.5 लाख महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। इस बड़ी संख्या के कारण उत्तर प्रदेश दुग्ध व्यवसाय के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।

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लखनऊ/खुशबू पांडेय। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। दुग्ध संग्रहण (मिल्क प्रोक्योरमेंट) और इससे जुड़े कार्यों के माध्यम से प्रदेश की करीब 3.5 लाख महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।

इस बड़ी संख्या के कारण उत्तर प्रदेश दुग्ध व्यवसाय के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के जरिए हासिल हुई है, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए मजबूत आधार साबित हो रहा है।

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मिल्क वैल्यू चेन से बेहतर मूल्य और पारदर्शी भुगतान

योगी सरकार के निर्देश पर प्रदेश में दुग्ध मूल्य श्रृंखला (मिल्क वैल्यू चेन) को विकसित किया गया है। इससे दूध उत्पादकों को उनके उत्पाद का उचित और बेहतर मूल्य मिल रहा है। महिला समूहों और किसानों को नियमित तथा पारदर्शी तरीके से भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से महिलाओं का भरोसा बढ़ा है और उनकी आय में भी सुधार आया है। स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से महिलाएं अब दूध संग्रह, प्रसंस्करण और बिक्री से जुड़ी हैं।

रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति

दुग्ध व्यवसाय ने ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा किया है। महिलाओं की आय बढ़ने से परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधरी है और गांव की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। पहले छोटे स्तर पर चलने वाला यह काम अब एक बड़े आर्थिक मॉडल में बदल चुका है। विभिन्न जिलों में महिला समूह दूध इकट्ठा कर कंपनियों या सहकारी समितियों को सप्लाई कर रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर कारोबार बढ़ रहा है।

महिलाओं का सशक्तीकरण और प्रशिक्षण

सरकार की योजनाओं के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय मदद और बाजार से जोड़ने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाया है। महिलाएं अब आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं और परिवार व समाज में अपनी भूमिका बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण महिलाओं को नीतियों के केंद्र में रखा है, जिसके परिणामस्वरूप लगातार नई उपलब्धियां हासिल हो रही हैं।

सामाजिक परिवर्तन की मजबूत नींव

उत्तर प्रदेश में दुग्ध व्यवसाय से महिलाओं का सशक्तीकरण सिर्फ आर्थिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की भी मजबूत शुरुआत है। ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं और देश के सामने एक नई दिशा दिखा रही हैं। योगी सरकार की इन प्रयासों से प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी विकास की मुख्यधारा में तेजी से बढ़ रही है।

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