उत्तर प्रदेश एआई के दम पर स्वास्थ्य और इनोवेशन क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। लखनऊ में 12-13 जनवरी 2026 को दो दिवसीय यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस का आयोजन हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को इसका उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर आम लोगों तक बेहतर इलाज पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है।
सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स, नीति निर्माता और सरकारी अधिकारी हिस्सा लेंगे। मुख्य फोकस एआई आधारित डायग्नोस्टिक्स, टेलीमेडिसिन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप इनोवेशन पर रहेगा। यह आयोजन भारत सरकार के IndiaAI मिशन के तहत रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस सीरीज का हिस्सा है, जो फरवरी 2026 में दिल्ली में होने वाले India AI Impact Summit की तैयारी का काम करेगा।
यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस: मुख्य आकर्षण और उद्देश्य
यह दो दिवसीय सम्मेलन उत्तर प्रदेश को एआई आधारित स्वास्थ्य व्यवस्था का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि तकनीक की मदद से स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ, तेज और सटीक बनें। सम्मेलन में नीति, हेल्थकेयर, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षित एआई अपनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी।
उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में एआई आधारित स्वास्थ्य नवाचार की दिशा और विजन पेश करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा, आईटी राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल और स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह मौजूद रहेंगे।
इसके अलावा स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार सिंह, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष और आईटी विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव भी संबोधित करेंगे।
पहले दिन: वैश्विक अनुभव और नीति पर मंथन
सोमवार को पहले दिन वैश्विक स्तर पर हेल्थकेयर में एआई के सफल प्रयोगों, आर्थिक विकास में इसकी भूमिका और भारतीय राज्यों में एआई की मौजूदा स्थिति पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, डेटा गवर्नेंस और सुरक्षित एआई उपयोग पर विचार-विमर्श करेंगे। नीति आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, MeitY, WHO, विश्व बैंक, गेट्स फाउंडेशन और गूगल जैसे संगठनों के प्रतिनिधि सत्रों में शामिल होंगे।
उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे, मेडिकल शिक्षा, डिजिटल गवर्नेंस और निवेश के क्षेत्र में अच्छी प्रगति की है। यह सम्मेलन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “डिजिटल उत्तर प्रदेश” और “स्मार्ट हेल्थ सिस्टम” की सोच को आगे बढ़ाएगा।
दूसरे दिन: व्यावहारिक उपयोग और स्टार्टअप फोकस
मंगलवार को पूरा फोकस एआई के व्यावहारिक उपयोग पर रहेगा। सत्रों में डॉक्टरों, नर्सों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एआई से सशक्त बनाने, ग्रामीण इलाकों में टेलीमेडिसिन और रिमोट केयर पहुंचाने पर बात होगी।
रेडियोलॉजी, टीबी स्क्रीनिंग, पैथोलॉजी, कैंसर जांच और स्मार्ट मेडिकल डिवाइसेज में एआई के इस्तेमाल से तेज और सटीक जांच के फायदे बताए जाएंगे। स्टार्टअप पिच सत्र और राज्यों के लिए एआई रोडमैप से भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ती और सुलभ बनाने की रणनीति सामने आएगी।
इनोवेशन एंड एक्सपीरियंस जोन में एआई आधारित हेल्थ सॉल्यूशंस, स्टार्टअप्स और उत्तर प्रदेश के पायलट प्रोजेक्ट्स का लाइव प्रदर्शन होगा। यह जोन नीति और तकनीक के बीच मजबूत कड़ी का काम करेगा।
यह सम्मेलन उत्तर प्रदेश को हेल्थ और इनोवेशन का पावरहाउस बनाने में मददगार साबित होगा, जहां तकनीक आम आदमी की भलाई के लिए काम करेगी। राज्य सरकार की यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बनेगी।
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