लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 के बजट में प्रदेश की बड़ी जनसंख्या को उत्पादक मानव पूंजी (ह्यूमन कैपिटल) में बदलने पर जोर दिया है। योगी आदित्यनाथ ( CM Yogi Adityanath) सरकार का मुख्य फोकस युवाओं को एआई-रेडी बनाना, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना के तहत 25 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑगमेंटेड रिएलिटी (AR), वर्चुअल रिएलिटी (VR) जैसी तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही डेटा सेंटर क्लस्टर, रोबोटिक्स मिशन और डेटा गवर्नेंस पर निवेश से डिजिटल अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी। सरकार का लक्ष्य 2029 तक प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है।
ह्यूमन कैपिटल पर फोकस: युवाओं को ग्लोबल वर्कफोर्स में शामिल करना
बजट का केंद्रीय विचार प्रदेश की विशाल युवा आबादी को सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि कुशल जनशक्ति बनाना है। पारंपरिक डिग्री वाली शिक्षा से आगे बढ़कर कौशल आधारित ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है। इससे युवा वैश्विक कंपनियों में आसानी से नौकरी पा सकें।
टेक युवा-समर्थ युवा योजना: 25 लाख युवाओं को AI ट्रेनिंग
‘टेक युवा-समर्थ युवा’ योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 25 लाख युवाओं और छात्रों को AI, AR, VR और एक्सटेंडेड रिएलिटी (ER) में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसका मकसद हर सेक्टर और इंडस्ट्री के लिए आधुनिक स्किल्स तैयार करना है। लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में विश्वस्तरीय ‘यू हब’ बनाए जाएंगे, जो स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करेंगे।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई ताकत
डिजिटल अर्थव्यवस्था को तेज करने के लिए 4-5 डेटा सेंटर क्लस्टर (कुल 5 गीगावाट क्षमता) बनाने का प्लान है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का शुरुआती प्रावधान किया गया है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा को रोबोटिक्स हब बनाने के लिए उत्तर प्रदेश रोबोटिक्स मिशन शुरू हो रहा है, जिसमें 100 करोड़ रुपये लगेंगे। इससे हाई-टेक इंडस्ट्रीज को बढ़ावा मिलेगा।
डेटा गवर्नेंस और सिक्योरिटी पर निवेश
सरकार ने डेटा को विकास का आधार माना है। स्टेट डेटा अथॉरिटी बनाई जाएगी, ताकि सभी विभागों के डेटा में एकरूपता आए और रियल-टाइम मैनेजमेंट हो सके। डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये से स्टेट डेटा सेंटर 2.0 बनाया जाएगा। सटीक डेटा से 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
नारी शक्ति को आर्थिक ताकत बनाना
बजट में महिलाओं के लिए खास प्रावधान हैं। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से करीब 1 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं। इनके और महिला उद्यमियों के उत्पाद बेचने के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट और बड़े बाजारों में शोरूम और डिस्प्ले सेंटर खोले जाएंगे। बड़े शहरों में दुकानों का किराया पहले 3 साल सरकार भरेगी। ग्रामीण इलाकों में हर न्याय पंचायत स्तर पर मार्केट या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनेंगे, जहां महिला उद्यमियों के प्रोडक्ट्स बिकेंगे। इनका संचालन पूरी तरह महिलाएं करेंगी।
यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि जनसंख्या को जनशक्ति में बदलने की साफ रणनीति है। योगी सरकार तकनीक, स्किल और महिला सशक्तिकरण से प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहती है।

