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Wednesday, September 29, 2021
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UP : ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में देश में 12वें स्थान से दूसरे स्थान पर

—4 वर्षों में 50 लाख MSME इकाइयों को वित्त पोषित किया
—1.80 करोड़ से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित हुए
—वाराणसी में देश का प्रथम फ्रेट विलेज लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा
—शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 01 लाख 20 हजार प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती

लखनऊ /टीम डिजिटल: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास व्यक्त किया कि केन्द्र एवं राज्य सरकार के साझा प्रयासों से देश एवं प्रदेश को विकास की नई दिशा प्राप्त होगी। कोरोना के चुनौतीपूर्ण कालखण्ड में देश को सशक्त नेतृत्व देने व प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र का आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब, युवा, किसान, महिला एवं सभी वर्गों को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री जी द्वारा दिये गये सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र से भारत एक विश्व शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया बजट अतुलनीय एवं विकासोन्मुखी है। यह बजट सर्वसमावेशी, सर्वकल्याणकारी और आत्मनिर्भर भारत की मंशा से देश के गांव, गरीब, किसान और नौजवान तथा समाज के प्रत्येक तबके के लिए लाभकारी होगा।
मुख्यमंत्री जी आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की छठी बैठक में अपने सरकारी आवास से वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग करते हुए विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विगत एक वर्ष में वैश्विक महामारी कोरोना ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में समय से लिए गए निर्णयों से देश आज सुरक्षित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  की प्रेरणा और समय-समय पर दिये गए मार्गदर्शन से राज्य सरकार ने इस आपदा को अवसर में बदलने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री जी द्वारा लागू गरीब कल्याण पैकेज के फलस्वरूप न केवल भारत के सभी जरूरतमंद नागरिकों को राहत मिली, बल्कि पूरे देश को एकता का एहसास कराते हुए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का संकल्प चरितार्थ हुआ। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप न केवल दो वैक्सीन विकसित कर पूरे देश को सुरक्षित किया गया, अपितु मित्र देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई गई। आज पूरे देश में वैक्सीन लगाये जाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश 10 लाख लोगों को कोविड-19 वैक्सीन लगाने वाला देश का प्रथम राज्य बन गया है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश द्वारा बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान के अन्तर्गत 500 से अधिक रिफॉर्म सफलतापूर्वक लागू करते हुए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में देश में 12वें स्थान से दूसरे स्थान पर आ गया है। निवेश प्रोत्साहन में गतिशीलता लाने के लिये 27 विभागों के साथ निवेश मित्र पोर्टल की स्थापना की गयी है, जिसमें अब तक 227 सेवाएं सम्मिलित की जा चुकी हैं। प्रदेश की सकारात्मक नीतियों के परिणामस्वरूप कोरोना काल में अब तक विभिन्न परियोजनाओं हेतु लगभग 60 हजार करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में 06 हजार करोड़ रूपये की लागत के डेटा सेन्टर पार्क, 4800 करोड़ रुपए लागत वाली देश की पहली डिस्प्ले निर्माण यूनिट एवं आईकिया द्वारा 5500 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य में उद्यमियों को भूमि उपलब्ध कराने हेतु ऑनलाइन लैण्ड बैंक विकसित करते हुए इसे भारत सरकार के इण्डस्ट्रियल इन्फॉर्मेशन सिस्टम से भी जोड़ा गया है। इसके द्वारा 5,590 भूखण्ड आवंटित किए जा चुके हैं। प्रदेश में निवेश कानूनों की समीक्षा कर प्रथम चरण में चिन्हित 80 नियामकीय अनुपालनों में से 62 को कम किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में हस्ताक्षरित 4 लाख 68 हजार करोड़ रुपए के सहमति पत्रों के सापेक्ष लगभग 3 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं संचालित हो गई हैं। प्रदेश में डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर प्रदेश विशेषकर बुन्देलखण्ड क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेगा तथा रक्षा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अन्तर्गत प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न बैंकों से समन्वय करके 12.94 लाख MSME इकाइयों को 41,801 करोड़ रुपए के ऋण उपलब्ध कराए गए। पारम्परिक उद्योगों को बढ़ावा देते हुए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिकाधिक अवसर सृजित करने के लिए वर्ष 2018 से ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना प्रारम्भ की गई। इस योजना द्वारा सृजित ईको सिस्टम के परिणामस्वरूप पिछले 3 वर्षों में प्रदेश के निर्यात में लगभग 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रदेश में MSME के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित करने हेतु गत 04 वर्षों में लगभग 50 लाख MSME इकाइयों को वित्त पोषित कराते हुए लगभग 1.80 करोड़ से अधिक रोजगार के नये अवसर सृजित हुए हैं। MSME साथी पोर्टल व एप तथा नये MSME एक्ट को लागू कर इकाइयों की स्थापना हेतु सभी प्रकार की स्वीकृतियों को 1,000 दिन के लिए स्थगित करते हुए प्रदेश में ऐसी इकाइयों को लगाने की प्रक्रिया को सरलीकृत किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान लगभग 40 लाख से अधिक प्रदेश में लौटे प्रवासी तथा कामगारों को रोजगार संगम नाम से एक पोर्टल के माध्यम से उनके कौशल के आधार पर रोजगार सुलभ कराया गया। राज्य सरकार द्वारा विगत 04 वर्षों में 04 लाख से भी अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां उपलब्ध करायी गयीं। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तथा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर किया जा रहा है, जिससे प्रदेश का दादरी क्षेत्र देश के एक बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा। देश का पहला राष्ट्रीय जलमार्ग वाराणसी से हल्दिया के बीच लगभग 1500 कि0मी0 में क्रियाशील है, जिससे कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, खाद्य तेल तथा बड़े कार्गो के परिवहन में मदद मिलेगी। इस जल मार्ग का कोरोना काल के दौरान प्रदेश से सब्जियों एवं फलों के निर्यात के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया। राज्य में दादरी, बोराकी तथा वाराणसी में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक/ट्रान्सपोर्ट हब की स्थापना की जा रही है। वाराणसी में देश का प्रथम फ्रेट विलेज लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा है। प्रदेश में ट्रकों के सुगम यातायात के लिए डिजिटल तकनीक का वृहद उपयोग किया जा रहा है। निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा वेयर हाउसिंग तथा लॉजिस्टिक्स नीति भी लागू की गयी है, जिसमें इस क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाण्डसारी लाइसेंसिंग की विकासोन्मुखी नीति के फलस्वरूप ऑनलाइन लाइसेंस व्यवस्था प्रारम्भ करते हुए 25 वर्षों में प्रथम बार कुल 264 खाण्डसारी लाइसेंस निर्गत किए गए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में 30 हजार रोजगार सृजन के साथ-साथ लगभग 65 हजार TCD पेराई क्षमता का सृजन हुआ है। प्रदेश की 25 विलुप्तप्राय नदियों के पुनरुद्धार के कार्यक्रम को कन्वर्जेन्स के माध्यम से अभियान के रूप में लिया गया है। इससे नदियों के पुनरुद्धार के साथ ही कृषि एवं अन्य कार्यों हेतु जल की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित हो रही है।

5 वृहद एक्सप्रेस-वे वाला देश का प्रमुख राज्य हो गया UP

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश 05 वृहद एक्सप्रेस-वे वाला देश का प्रमुख राज्य हो गया है। एक्सप्रेस-वे निर्माण को प्राथमिकता प्रदान करते हुए बुन्देलखण्ड एवं पूर्वांचल सहित अन्य दूरस्थ एवं असेवित क्षेत्रों में विकास एवं रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से, पूर्व में निर्मित लगभग 467 किलोमीटर कुल लम्बाई के दो एक्सप्रेस-वे के अतिरिक्त, हम 1,322 किलोमीटर कुल लम्बाई के एक्सप्रेस-वे का निर्माण करा रहे हैं। राज्य सरकार प्रत्येक क्षेत्र को हवाई सेवाओं से जोड़ते हुए आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ, सुरक्षित हवाई सेवाएँ प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। जनपद गौतमबुद्धनगर के जेवर में विश्वस्तरीय अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास के साथ ही कुशीनगर हवाई अड्डा अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों हेतु लगभग तैयार हो चुका है। राज्य में शीघ्र ही 05 अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे-लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर, गौतमबुद्धनगर व अयोध्या में उपलब्ध हो जाएंगे। वर्तमान में 07 हवाई अड्डे-लखनऊ, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज व हिण्डन में क्रियाशील हैं तथा बरेली हवाई अड्डे से उड़ानें दिनांक 8 मार्च, 2021 से शुरू हो रही हैं। 10 अन्य स्थानों पर एयरपोर्ट का विकास विभिन्न चरणों में है।

3 नये राज्य विश्वविद्यालयों एवं 51 राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उच्च शिक्षा के विस्तार हेतु 3 नये राज्य विश्वविद्यालयों एवं 51 राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। निजी क्षेत्र में विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 प्रख्यापित किया गया है। कक्षा 9 से 12 के छात्रों को औपचारिक शिक्षण के साथ ही व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के लिए हब स्पोक मॉडल तैयार किया गया है। आभा (आत्मनिर्भर भारत) मोबाइल एप्लीकेशन का विकास कर प्रवासी श्रमिकों को आजीविका अर्जित करने हेतु कौशल उन्नयन की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के 50 हजार युवाओं को यू0एस0 बेस्ड ऑनलाइन लर्निंग प्लैटफॉर्म-कोर्सेरा के माध्यम से निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 36 विभागों की 259 सेवाएं ऑनलाइन कर दी गयी हैं।

राशन की दुकानों में ई-पॉस मशीनों के माध्यम से राशन वितरण

राशन की दुकानों में ई-पॉस मशीनों के माध्यम से राशन वितरण कराया जा रहा है। इससे प्रत्येक वर्ष लगभग 1,200 करोड़ रुपए की बचत हो रही है। प्रदेश में स्थापित 60 हजार से अधिक कॉमन सर्विस सेन्टर के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को सरकार की विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। जन-सुनवाई पोर्टल पर 1.5 करोड़ (98 प्रतिशत) तथा CM हेल्पलाइन-1076 में करीब 65 लाख (98 प्रतिशत) शिकायतों के सफलतापूर्वक निष्पादन में सहायता मिली है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य, कृषि, समाज कल्याण इत्यादि विभागों की लाभार्थीपरक योजनाओं में लाभार्थियों को धन हस्तान्तरण अब DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में किया जा रहा है। गन्ना किसानों की पर्चियों को तकनीक से जोड़कर ऑनलाइन कर दिया गया है। प्रत्येक गांव में BC सखी को ऑनलाइन बैंकिंग से जोड़कर दूरस्थ क्षेत्रों में नागरिकों तक बैंकिंग सुविधाएं आसानी से पहुंचाई जा रही हैं।

योग एवं नैचुरोपैथी में उत्कृष्ट शोध को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के पाठ्यक्रमों एवं परीक्षाओं में एकरूपता लाने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। प्रदेश में वर्ष 2017 तक मात्र 12 जनपदों में राजकीय मेडिकल कॉलेजों/संस्थान संचालित थे तथा वर्तमान में 30 और जिलों में राजकीय मेडिकल कॉलेज/संस्थान का निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रदेश में उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा हेतु गोरखपुर एवं रायबरेली जनपदों में एम्स स्थापित हैं। जनपद वाराणसी में भी एम्स की तर्ज पर चिकित्सा संस्थान स्थापित किया जा रहा है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में प्रदेश की प्रथम रोबोटिक सर्जरी की व्यवस्था की गई। सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु राजकीय मेडिकल कॉलेज गोरखपुर, झांसी, मेरठ व प्रयागराज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की स्थापना की गई तथा कानपुर व आगरा में स्पेशियलिटी ब्लॉक निर्माणाधीन हैं। योग एवं नैचुरोपैथी में उत्कृष्ट शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक आयुष विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। आयुष मिशन के माध्यम से भारत सरकार द्वारा स्वीकृत कुल 195 योग वेलनेस केन्द्र की स्थापना के सापेक्ष 183 योग वेलनेस केन्द्र क्रियान्वित किए जा चुके हैं।

किशोरी बालिका योजना प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के शुभारम्भ के पूर्व मात्र 1.9 प्रतिशत परिवार ही FHTC (फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन) से आच्छादित थे, जो अब बढ़कर 9.5 प्रतिशत तक पहुंच चुके हैं। इस अवधि में 25 लाख से अधिक FHTC दिए गए हैं। बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्य के सम्पूर्ण क्षेत्र को पाइप पेयजल योजनाओं से आच्छादित करने हेतु 68 सतही जल आधारित परियोजनाओं में कार्य प्रारम्भ हो गया है। प्रधानमंत्री जी के संकल्प के अनुरूप वर्ष 2024 तक 100 प्रतिशत FHTC उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। किशोरी बालिका योजना प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू की गई है। इसके अन्तर्गत वर्तमान में 11 से 14 वर्ष आयु की स्कूल न जाने वाली 02 लाख 04 हजार से अधिक किशोरियां लाभान्वित हुईं। आयरन की कमी तथा कुपोषण को दूर करने हेतु पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में जनपद चन्दौली में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत फोर्टीफाइड राइस का वितरण माह जनवरी, 2021 से प्रारम्भ कराया गया। चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के समस्त जनपदों में इसका वितरण कराया जाएगा।

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