लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए एक नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस पहल के तहत प्रदेश की महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना उत्पादन, उन्नत किस्मों की पौध तैयार करने और वैल्यू एडिशन गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से गन्ना क्षेत्र को नई दिशा
गन्ना आयुक्त मिनिस्थी एस. ने बताया कि इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों को गन्ना आधारित आजीविका से जोड़ना है। उत्तर प्रदेश में करीब 47.5 लाख गन्ना किसान हैं, जिनमें लगभग 2.95 लाख महिला किसान शामिल हैं। इसके अलावा, 37 गन्ना उत्पादक जिलों में 3,000 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 57 हजार से ज्यादा महिलाएं गन्ने की उन्नत किस्मों की पौध तैयार कर रही हैं। ये समूह पहले से ही सिंगल बड और चिप बड तकनीक का इस्तेमाल करके पौध उत्पादन में योगदान दे रहे हैं।
गन्ना पौध तैयार करने में महिलाओं की भूमिका
महिला समूह अब तक 60.73 करोड़ गन्ना बीज तैयार कर चुके हैं और उन्हें 77.83 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी मिल चुकी है। इस पहल के जरिए महिलाओं को केवल पौध उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उन्हें गन्ने से जुड़े अन्य कामों जैसे प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद बनाने, गुड़ और अन्य वैल्यू एडेड उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे महिलाओं को घर के पास ही अतिरिक्त कमाई के अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन पर फोकस
सरकार की इस योजना में तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय मदद और बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि प्रदेश के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी बहुत जरूरी है। मिशन शक्ति अभियान और स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने जैसी योजनाओं के जरिए सरकार लगातार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है। इस एमओयू के तहत महिला समूहों को संगठित किया जाएगा ताकि वे गन्ना क्षेत्र में बेहतर उत्पादकता और नवाचार ला सकें।
महिला सशक्तीकरण से ग्रामीण विकास को बढ़ावा
इस पहल से गन्ना उत्पादन प्रणाली में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। उन्नत पौधों के इस्तेमाल से गन्ने की उत्पादकता बढ़ेगी, किसानों को बेहतर गुणवत्ता मिलेगी और वैल्यू एडिशन के जरिए उत्पादों का बाजार मूल्य भी बढ़ेगा। इससे न सिर्फ महिलाओं की आय में इजाफा होगा, बल्कि पूरे ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि आएगी। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं कृषि गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाकर आत्मनिर्भर बनें और प्रदेश की प्रगति में अपना योगदान दें।
यह कदम उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक ठोस प्रयास है, जो गन्ना खेती को और मजबूत बनाएगा।
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