लखनऊ, 8 मार्च 2026। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day 2026) के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और स्वावलंबन पर जोर देते हुए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन के पांच टी मॉडल को अपनाकर विकास की नई राह बनाई है। इस मॉडल से प्रदेश में महिलाओं की स्थिति मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना जल्द लॉन्च करने की बात कही, जिसके पहले चरण में स्नातक और परास्नातक के अंतिम वर्ष की मेधावी बेटियों को लाभ मिलेगा। साथ ही मिशन शक्ति के अगले चरण की शुरुआत नवरात्रि से होने की घोषणा की। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में उन्होंने पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 का शुभारंभ किया और विभिन्न योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं को सम्मानित किया।
उत्तर प्रदेश का 5-टी मॉडल: ट्रांसफॉर्मेशन की कुंजी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के आधार पर उत्तर प्रदेश ने 5-टी मॉडल अपनाया है। ट्रेडिशन यानी भारत की परंपरा और विरासत का सम्मान, टेक्नोलॉजी से विकास को आसान बनाना, ट्रांसपेरेंसी से जनता में विश्वास पैदा करना और ट्रस्ट से परिवर्तन लाना। इन सबके मिलने से ट्रांसफॉर्मेशन होता है। उन्होंने बताया कि यूपी अब इसी मॉडल का उदाहरण बन चुका है। 2017 से पहले प्रदेश में कर्फ्यू, दंगा और अराजकता की स्थिति थी, लेकिन अब सुरक्षा और विकास की नई तस्वीर उभरी है।
आधी आबादी की उपेक्षा से समाज नहीं बन सकता आत्मनिर्भर
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि आधी आबादी को नजरअंदाज करके कोई समाज या देश आत्मनिर्भर नहीं हो सकता। 2014 से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू हुआ और उसके बाद कई योजनाएं लागू की गईं। आने वाले समय में विधानसभा और संसद में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जिससे बेटियां और बहनें मजबूती से आगे आएंगी। उन्होंने मिशन शक्ति की थीम सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर जोर दिया। सुरक्षा से आत्मविश्वास आता है, आत्मविश्वास से आत्मगौरव और आत्मगौरव से आत्मनिर्भरता मिलती है। मिशन शक्ति का अगला चरण नवरात्रि से शुरू होगा।
लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना: मेधावी बेटियों को मिलेगी स्कूटी
मुख्यमंत्री ने लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह योजना जल्द लॉन्च होगी। पहले चरण में स्नातक और परास्नातक के अंतिम वर्ष की मेधावी बेटियों को लाभ दिया जाएगा। बाद के चरणों में अन्य छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य बेटियों की उच्च शिक्षा को आसान बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और सामूहिक विवाह योजना की सफलता
सीएम योगी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का जिक्र किया। बेटी के जन्म से स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये का पैकेज अलग-अलग चरणों में दिया जाता है। वर्तमान में 27 लाख बेटियां इसका लाभ ले रही हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अब एक लाख रुपये तक खर्च किया जाता है और चार लाख से अधिक बेटियों की शादी सरकार की मदद से संपन्न हुई है। पहले इस योजना का विरोध हुआ था, लेकिन अब यह सफल मानी जा रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और अन्य महिला कर्मियों के लिए नई सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की स्थिति पर प्रकाश डाला। 2017 से पहले वे विरोध प्रदर्शन करती थीं, लेकिन अब स्मार्टफोन से काम अपलोड करती हैं और परफॉर्मेंस आधारित सम्मानजनक मानदेय मिल रहा है। उन्हें पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी गई है। इसी तरह आशा वर्कर, रसोइयों आदि को भी यह लाभ मिलेगा।
महिलाओं की सुरक्षा: यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ी
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या मात्र 10 हजार थी, लेकिन अब 44 हजार से अधिक हो गई है। 20 प्रतिशत भर्ती महिलाओं की की जा रही है। उन्होंने दो-टूक कहा कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को प्रदेश में जगह नहीं मिलेगी। बेटियां अब बिना डर के स्कूल और नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं। महिला कार्यबल पहले 13 प्रतिशत था, अब 36-37 प्रतिशत हो गया है।
व्यक्तिगत उदाहरण: चित्रकूट की बेटी और वाराणसी की ई-रिक्शा चालक
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में एक बेटी के साथ हुए संवाद का जिक्र किया, जहां बेटी ने बताया कि भाई होने के कारण उसे जूते-कपड़े नहीं मिलते थे। उसी दिन सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में यूनिफॉर्म, बैग, जूते-मोजे देने की घोषणा की। आज 98-99 प्रतिशत बेटियां जूते-चप्पल पहनकर स्कूल आती हैं। वाराणसी की एक ई-रिक्शा चालक बहन हर महीने 15-20 हजार कमाती हैं और समाज में सम्मान पा रही हैं।
अन्य योजनाएं: आवास, गैस, स्वास्थ्य और रोजगार
पिछले वर्षों में उज्ज्वला योजना से मुफ्त गैस, पीएम-सीएम आवास से 62 लाख महिलाओं को घर, आयुष्मान भारत से स्वास्थ्य सुविधा मिली है। लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, स्वयं सहायता समूहों से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। ओडीओपी और आने वाली ओडीओसी योजनाएं महिलाओं को अवसर दे रही हैं। 20 हजार स्टार्टअप में आधे से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित हैं। बजट में युवा, महिला, किसान और गरीब केंद्र में हैं।
पिंक रोजगार महाकुंभ और वर्किंग वूमेन हॉस्टल
कार्यक्रम में पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 शुरू किया गया। विभिन्न जिलों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल बन रहे हैं, प्रत्येक की क्षमता 500 है। न्याय पंचायतों में डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना से महिलाएं जुड़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीयत साफ है तो परिणाम आते हैं। यूपीएससी में भी यूपी की बेटियां टॉप कर रही हैं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, अनिल राजभर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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