लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 फरवरी 2026 को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया। उन्होंने पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास और छवि में आए बदलाव को विस्तार से बताया। सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, उपद्रव से उत्सव और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा तय कर चुका है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश को ट्रिपल टी (टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन) की त्रिवेणी के रूप में पेश किया, जो अब बीमारू राज्य की पुरानी छवि से बाहर निकलकर भारत की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है। सीएम ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि सदन में उनके आचरण से संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा प्रभावित हुई। साथ ही उन्होंने पुलिस सुधार, गरीबी उन्मूलन, सामाजिक कल्याण योजनाओं और आर्थिक प्रगति पर जोर दिया। यह भाषण यूपी के विकास मॉडल और सुशासन की दिशा को रेखांकित करता है।
यूपी की नई पहचान: ट्रिपल टी – टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की नई पहचान को ट्रिपल टी के रूप में बताया। ट्रिपल टी यानी टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट (विश्वास) और ट्रांसफॉर्मेशन (परिवर्तन) की त्रिवेणी। उन्होंने कहा कि पिछले नौ सालों में प्रदेश ने अपराध और अराजकता से अनुशासन की राह पकड़ी है। पहले जहां कर्फ्यू और दंगे आम थे, वहीं अब कानून का राज है और उत्सव का माहौल है। सीएम ने जोर दिया कि यह बदलाव सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि लोगों की मानसिकता और सरकार की नीतिगत प्रतिबद्धता का नतीजा है। आज यूपी भय का नहीं, बल्कि विश्वास और विकास का प्रदेश बन चुका है।
अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन तक का सफर
सीएम योगी ने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में नीतिगत उदासीनता और प्रशासनिक शिथिलता थी। बेटियां डर से घर से निकलने से हिचकिचाती थीं, व्यापारी कारोबार बंद कर रहे थे और दंगे-कर्फ्यू रोज की बात थी। लेकिन 2017 के बाद जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई। परिणामस्वरूप कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ और प्रदेश में भयमुक्त माहौल बना। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा समस्या से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास तक की है।
विपक्ष के आचरण पर सीएम का पलटवार
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों के व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं का आधिकारिक दस्तावेज होता है, लेकिन विपक्ष का आचरण अनुचित था। नेता प्रतिपक्ष पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि शायद इसलिए वे सदन में नहीं थे, क्योंकि समाजवादी पार्टी के सदस्य उनके नियंत्रण से बाहर थे। उन्होंने मीरजा गालिब का शेर याद किया – “उम्र भर मैं ये भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।” सीएम ने कहा कि विपक्ष का यह व्यवहार मातृशक्ति और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान था। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन सभी को संस्थाओं की गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
कानून-व्यवस्था में बड़े सुधार और पुलिस का मजबूत तंत्र
सीएम योगी ने पुलिस सुधारों पर विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि पुलिस बल में महिलाओं की संख्या 10,000 से बढ़कर 44,000 हो गई है। पहले ट्रेनिंग क्षमता 3,000 से कम थी, लेकिन अब हाल ही में 60,200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती हुई और सभी को प्रदेश में ही ट्रेनिंग दी जा रही है। साइबर अपराध पर रोकथाम के लिए हर जिले में साइबर थाना और हर थाने में साइबर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। फॉरेंसिक साइंस को मजबूत किया गया है, जिससे जांच ज्यादा वैज्ञानिक और तेज हुई है।
विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से नीति आयोग के अनुसार 6 करोड़ से ज्यादा लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि योजनाओं से कोई वंचित होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना से हर गरीब को पक्का घर, आयुष्मान भारत से 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, निशुल्क राशन और वृद्ध-दिव्यांगों को 12,000 रुपये सालाना पेंशन दी जा रही है। इन योजनाओं का मकसद समाज के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाना है।
बीमारू से भारत के विकास इंजन तक
सीएम ने कहा कि यूपी अब बीमारू राज्य नहीं रहा। पहले केंद्र की योजनाओं में यूपी बॉटलनेक माना जाता था, लेकिन अब यह भारत की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। पहली बार सदन में आर्थिक सर्वेक्षण व्यवस्थित रूप से पेश किया गया, जो “विचार से व्यवस्था और व्यवस्था से विकास” की यात्रा का प्रतीक है। अब निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण की खबरें प्रमुखता से आती हैं। यूपी देश के विकास का इंजन बन चुका है।
लोकतंत्र की ताकत: सार्थक बहस
सीएम योगी ने बताया कि चर्चा में 92 सदस्यों ने हिस्सा लिया – 60 सत्ता पक्ष से और 32 विपक्ष से। उन्होंने इसे लोकतंत्र की मजबूती बताया। सभी ने अपनी बात रखी, लेकिन सदन की गरिमा बनी रही। उन्होंने दलीय नेताओं और सदस्यों की सराहना की।
यह संबोधन उत्तर प्रदेश के पिछले नौ सालों के सफर को बयां करता है, जहां सुशासन, कानून का राज और विकास ने प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मुख्यमंत्री की ट्रिपल टी वाली नई पहचान प्रदेश की प्रगति का प्रतीक बन गई है।

