लखनऊ, 30 जनवरी। उत्तर प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत अब तक एक करोड़ से अधिक घरौनी (प्रॉपर्टी कार्ड) ग्रामीण परिवारों को वितरित की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने केंद्र की इस योजना को तेजी से लागू किया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में संपत्ति पर कानूनी अधिकार मजबूत हुए हैं। यह कदम भूमि विवादों को कम करने, बैंक ऋण प्राप्त करने में आसानी लाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
ग्रामीणों को मिला कानूनी स्वामित्व का प्रमाण
स्वामित्व योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत गांवों की आबादी वाली भूमि पर रहने वाले परिवारों को उनकी संपत्ति का डिजिटल और कानूनी प्रमाण पत्र दिया जाता है। उत्तर प्रदेश में इस योजना को घरौनी के नाम से लागू किया गया है। अब तक प्रदेश के 72,961 ग्रामों में प्रपत्र-10 (डिजिटाइज्ड) जारी किए जा चुके हैं, जो सर्वे योग्य ग्रामों का करीब 80.59 प्रतिशत है। इससे ग्रामीणों को पहली बार अपने मकान और प्लॉट पर स्पष्ट मालिकाना हक मिला है। यह दस्तावेज बैंक से लोन, सरकारी योजनाओं और अन्य वित्तीय मदद के लिए वैध आधार बन गया है।
घरौनी वितरण के आंकड़े और प्रगति
राजस्व विभाग के अनुसार, सहमति के आधार पर कुल 1,14,43,688 घरौनियां तैयार की गई हैं। इनमें से 1,01,31,232 घरौनियों का वितरण ग्रामीण परिवारों को हो चुका है। 18 जनवरी 2025 के बाद अतिरिक्त 13,12,456 नई घरौनियां तैयार हुई हैं, जिनका वितरण चरणबद्ध रूप से जारी है। सरकार का प्रयास है कि सभी पात्र परिवार इस लाभ से जुड़ें। प्रदेश में कुल 1,10,344 अधिसूचित ग्राम हैं, जिनमें से 90,530 ग्रामों में ड्रोन सर्वे तकनीकी रूप से संभव है। इन ग्रामों में आधुनिक ड्रोन तकनीक से सटीक सर्वे कर डिजिटल रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं।
भूमि विवादों में आई कमी, बढ़ी आर्थिक मजबूती
स्वामित्व योजना के लागू होने से गांवों में भूमि और मकान से जुड़े विवाद काफी कम हुए हैं। स्पष्ट और डिजिटल रिकॉर्ड की वजह से फर्जी दावे या अवैध कब्जे रोकना आसान हो गया है। इससे गांवों में शांति और आपसी विश्वास बढ़ा है। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी घटने की संभावना है। घरौनी अब ग्रामीणों के लिए आर्थिक सुरक्षा की कुंजी बन गई है। परिवार अब औपचारिक बैंकिंग से जुड़ रहे हैं, छोटे व्यवसाय या स्वरोजगार के लिए ऋण ले पा रहे हैं और सामाजिक रूप से अधिक मजबूत महसूस कर रहे हैं।
योगी सरकार की डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में सफलता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने स्वामित्व योजना को सुशासन और पारदर्शिता के साथ लागू किया है। ड्रोन सर्वे और डिजिटल दस्तावेजों से ग्रामीण भूमि प्रबंधन अधिक प्रभावी हो रहा है। यह पहल ग्रामीण भारत को संपत्ति अधिकारों का मजबूत आधार दे रही है, जिससे उत्तर प्रदेश भूमि सुधार और ग्रामीण सशक्तिकरण में अग्रणी राज्य बन रहा है। वितरण प्रक्रिया लगातार जारी है और आने वाले समय में और लाखों परिवारों को लाभ मिलेगा।
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