HomeTop Newsयोगी सरकार की अभ्युदय योजना से 8 बेटियां बनीं UPPSC अफसर

योगी सरकार की अभ्युदय योजना से 8 बेटियां बनीं UPPSC अफसर

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत लखनऊ के अलीगंज स्थित आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र से तैयारी करने वाली 8 महिला अभ्यर्थियों ने यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC) परीक्षा में सफलता हासिल की है।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार महिला सशक्तीकरण और युवाओं को अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत लखनऊ के अलीगंज स्थित आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र से तैयारी करने वाली 8 महिला अभ्यर्थियों ने यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC) परीक्षा में सफलता हासिल की है।

इनमें से कुछ को डिप्टी कलेक्टर, असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) और नायब तहसीलदार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर चयनित किया गया है। यह उपलब्धि उन बेटियों की मेहनत और सरकार की निःशुल्क कोचिंग, आवास तथा भोजन जैसी सुविधाओं का परिणाम है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आकर भी अफसर बनने का सपना पूरा कर रही हैं।

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योगी सरकार की पहल पर 8 बेटियां बनीं UPPSC अफसर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण की दिशा में कई योजनाएं चला रही है। इनमें मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना खास तौर पर युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सहारा दे रही है। हाल ही में इस योजना के अंतर्गत अलीगंज के आदर्श पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र से 8 महिला अभ्यर्थियों ने UP लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर अच्छी सफलता पाई है। इनका चयन डिप्टी कलेक्टर, असिस्टेंट कमिश्नर और नायब तहसीलदार जैसे पदों पर हुआ है। यह खबर उन युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो ग्रामीण या कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आकर भी सरकारी नौकरी हासिल करना चाहती हैं।

अभ्युदय योजना ने दी सही दिशा और संसाधन

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेहनती छात्र-छात्राओं के लिए शुरू की गई है। इस योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग, रहने की व्यवस्था, खाने की सुविधा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। अलीगंज केंद्र पर समाज कल्याण विभाग की देखरेख में यह सब सुविधाएं दी जाती हैं। उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार विभाग काम कर रहा है। वर्ष 2024 के बैच में यहां 130 छात्राओं ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 8 ने UPPSC में सफलता हासिल की। उन्होंने इस सफलता का श्रेय सकारात्मक माहौल, नियमित टेस्ट सीरीज और बेहतर मार्गदर्शन को दिया।

सफल हुई इन 8 बेटियों की मेहनत

इन सफल अभ्यर्थियों में शामिल हैं:

  • सोनम यादव (अयोध्या) – डिप्टी कलेक्टर
  • सृष्टि – असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स)
  • खुशबू रानी (सोनभद्र) – असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स)
  • प्रगति वर्मा (हरदोई) – असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स)
  • मीनू रावत – असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स)
  • प्रियंका वर्मा – नायब तहसीलदार
  • शालू राना – नायब तहसीलदार
  • कीर्ति सागर – वर्क ऑफिसर

ये सभी अलग-अलग जिलों से हैं और उनकी कहानियां संघर्ष से भरी हैं।

सोनम यादव: दूसरे प्रयास में डिप्टी कलेक्टर बनीं

अयोध्या की सोनम यादव ने अपने दूसरे प्रयास में डिप्टी कलेक्टर का पद हासिल किया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और उन्होंने प्राथमिक विद्यालय से पढ़ाई शुरू की। सोनम ने बताया कि अभ्युदय योजना से जुड़ने के बाद उन्हें सही दिशा, संसाधन और कौशल विकास का मौका मिला। नियमित टेस्ट सीरीज ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया। उन्होंने कहा कि हार नहीं मानने और निरंतर मेहनत से यह मुकाम हासिल हुआ।

प्रगति वर्मा: मां के संघर्ष और योजना का सहारा

हरदोई की प्रगति वर्मा ने चौथे प्रयास में असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) का पद पाया। पिता के निधन के बाद उनकी मां सफाई कर्मी के रूप में काम करके बेटी को पढ़ाती रहीं। प्रगति ने अपनी सफलता का श्रेय मां के त्याग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना को दिया। उन्होंने कहा कि धैर्य रखकर लगातार प्रयास करने से ही सफलता मिलती है। योजना ने उन्हें बिना किसी चिंता के तैयारी करने का मौका दिया।

खुशबू रानी: किसान परिवार से असिस्टेंट कमिश्नर तक

सोनभद्र की खुशबू रानी तीसरे प्रयास में असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) बनीं। किसान परिवार से आने वाली खुशबू ने बताया कि उनके इलाके की परिस्थितियों ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। परिवार के सहयोग और अभ्युदय योजना की सुविधाओं ने उनका सपना पूरा किया। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में आगे निकल सकती हैं।

योजना का फोकस कौशल विकास और टेस्ट सीरीज पर

अभ्युदय योजना में सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि कौशल विकास, नियमित टेस्ट और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन पर जोर दिया जाता है। केंद्र पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं को बिना किसी आर्थिक बोझ के तैयारी का मौका मिलता है। उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि यह सकारात्मक माहौल ही छात्राओं को आत्मविश्वास देता है। योजना के तहत पूरे उत्तर प्रदेश में कई केंद्र चल रहे हैं, जहां युवाओं को सरकारी नौकरियों की तैयारी में मदद की जाती है।

महिला सशक्तीकरण की दिशा में योगी सरकार के प्रयास

योगी सरकार शिक्षा और प्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना इसी का एक हिस्सा है। यह योजना न केवल नौकरी दिलाने में मदद करती है, बल्कि बेटियों के सपनों को साकार भी करती है। इन 8 सफल छात्राओं की कहानियां साबित करती हैं कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर कोई भी पीछे नहीं रहता। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने इन छात्राओं को बधाई दी और उम्मीद जताई कि भविष्य में और अधिक सफलताएं मिलेंगी।

यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण और युवा विकास की योजनाओं की उपयोगिता को दर्शाती है। आर्थिक तंगी या ग्रामीण पृष्ठभूमि अब सफलता की राह में बाधा नहीं बन रही है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना जैसी पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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