लखनऊ/खुशबू पांडेय। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक गांव की महिला सोमा गुप्ता ने सरकारी मदद से अपना उद्यम शुरू किया और आज सफल उद्यमी बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के तहत मिले 25 लाख रुपये के ऋण से उन्होंने गुड़ कोल्हू उद्योग खड़ा किया। अब यह व्यवसाय न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी दे रहा है।
उनका गुड़ उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी सप्लाई हो रहा है। योगी सरकार की आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और नारी स्वावलंबन की योजनाएं ऐसे कई युवाओं और महिलाओं को नया रास्ता दिखा रही हैं।
गांव की बेटी सोमा गुप्ता की सफलता की कहानी
लखीमपुर खीरी जिले के ग्राम सिंगहाखुर्द की रहने वाली सोमा गुप्ता ने साल 2022 में उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के जरिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का लाभ लिया। इस योजना के तहत उन्हें 25 लाख रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने गुड़ बनाने का कोल्हू उद्योग शुरू किया। पहले घरेलू स्तर पर सीमित संसाधन थे, लेकिन सरकारी सहयोग ने उनकी तकदीर बदल दी। आज सोमा दूसरों के लिए भी रोजगार का जरिया बन गई हैं।
गुड़ उद्योग में रोजाना का उत्पादन और कमाई
सोमा गुप्ता अपने 6 एकड़ खेत में खुद गन्ना उगाती हैं और जरूरत पड़ने पर आसपास के किसानों से भी गन्ना खरीदती हैं। गुड़ बनाने के सीजन में उनके उद्योग में रोजाना करीब 18 क्विंटल गुड़ तैयार होता है। यह गुड़ गुणवत्ता वाला होता है, जिसकी वजह से बाजार में अच्छी मांग है। हर महीने उन्हें 80 से 90 हजार रुपये की कमाई हो रही है। यह आय उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है।
अन्य राज्यों में फैल रहा सोमा का गुड़ कारोबार
सोमा का उत्पादन सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है। उनका गुड़ उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी सप्लाई किया जा रहा है। इससे पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बने पारंपरिक उत्पादों की मांग बढ़ रही है। सोमा नियमित रूप से ऑर्डर पूरा करती हैं और व्यवसाय को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना क्या है
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना (PMEGP) केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण स्वरोजगार योजना है। उत्तर प्रदेश में इसका संचालन जिला उद्योग केंद्र, खादी और ग्रामोद्योग आयोग तथा उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से होता है। इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नए सूक्ष्म उद्यम शुरू किए जा सकते हैं। विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख रुपये तक और सेवा क्षेत्र में 20 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर सरकार सब्सिडी देती है। योजना का मकसद युवाओं और महिलाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
योगी सरकार का आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का संकल्प
योगी सरकार की विभिन्न योजनाएं युवाओं और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने पर जोर दे रही हैं। सोमा गुप्ता जैसी सफल कहानियां इस विजन को हकीकत में बदल रही हैं। सरकारी ऋण और सब्सिडी के सहारे गांव की महिलाएं भी बड़े उद्यम खड़ा कर रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
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