कुरुक्षेत्र /अदिति सिंह। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि अक्षय तृतीय के पवित्र दिन अनेक धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है और इस दिन सामूहिक बाल विवाह के आयोजनों की भी संभावना होती है। बाल विवाह निषेध अधिनियम के नए संसोधन के अनुसार लड़कों के लिए 21 वर्ष की आयु से पूर्व और लड़कियों के लिए 18 वर्ष से पहले विवाह गैर कानूनी होने के साथ साथ पहले दिन से ही अमान्य माना जाता है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन बाल विवाह की रोकथाम के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की शादी गैर कानूनी व अमान्य मानी जाती हैं और शादी करने और इसमें सहयोग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
—अक्षय तृतीय के दिन हो सकता है बाल विवाह, प्रशासन ने कसी कमर, पूरी तरह सतर्क
—बाल विवाह करने और उसमें सहयोग करने वालों के खिलाफ होगी सख्त कारवाई
—उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा की अपील, बाल विवाह की जानकारी मिलने पर हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत सूचना दें
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है या करने में उसकी किसी भी प्रकार से सहायता करता है उसे 2 साल तक की सजा या 1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा पोक्सों एक्ट की धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया जा सकता है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बाल कल्याण समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के साथ-साथ एनजीओ और अन्य सामाजिक संगठन अक्षय तृतीय के अवसर पर जिला में बाल विवाह रोकने के लिए एक टीम के रूप में कार्य करें।

उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि बाल विवाह से जहां बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण पर बुरा असर पड़ता है, वहीं बच्चों के उत्पीडऩ व शोषण को भी बढ़ावा मिलता है। बाल विवाह से बच्चों की शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर समाप्त होते है और मातृत्व मृत्यु दर में बढ़ोतरी होती है। उपायुक्त जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि उन्हें अपने आसपास बाल विवाह होने से संबंधित कोई भी जानकारी मिलती है तो वे हेल्पलाइन नंबर 100, 181, 112 और 1098 पर दें ताकि बाल विवाह को रूकवाया जा सके और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जा सके। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि बाल विवाह जैसे गैर कानूनी अपराध को रोकने के लिए कडे कदम उठाने के साथ-साथ लोगों को जागरूक करना भी आवश्यक है।
सरपंचों और पंचायत सदस्यों को अत्यधिक सतर्क रहने के लिए कहा
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि 19 अप्रैल को अक्षय तृतीय के दिन सरपंचों और पंचायत सदस्यों को अत्यधिक सतर्क रहने के लिए कहा जाए ताकि वे अपने अपने गांवों में बाल विवाह के संभावित मामलों पर पैनी नजर रख सकें और किसी भी संदिग्ध और नियोजित बाल विवाह के बारे में हेल्पलाईन नंबर पर जानकारी दे सकें। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी स्कूलों और कालेजों में ड्राप आउट छात्र व छात्राओं पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
शादी की कानूनी आयु और शिक्षा को जारी रखने के बारे में शिक्षित किया जाए
DC ने कहा कि स्कूलों में नुक्कड़, नाटक, निबंध लेखन प्रतियोगिता और रैली और अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों और अभिभावकों को शादी की कानूनी आयु और शिक्षा को जारी रखने के बारे में शिक्षित किया जाए।
इस अवसर पर एडीसी विवेक आर्य, एसडीएम अमन कुमार, एसडीएम अनुभव मेहता, डीएसपी सुनील कुमार, सीडीपीओ कुसुम कंबोज, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रोटेक्शन अधिकारी डॉ. भानु गौड़ सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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