Video: रूस के कमचात्का प्रायद्वीप में हाल के दिनों में अभूतपूर्व बर्फबारी ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। पिछले 30 वर्षों में सबसे भयंकर सर्दी के कारण पेत्रोपावलोव्स्क-कमचात्स्की शहर में 2 मीटर से अधिक (कुछ जगहों पर 3 मीटर तक) बर्फ जमा हो गई, जिसके चलते शहर में आपातकाल घोषित कर दिया गया।
छतों से बर्फ गिरने से कम से कम दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सड़कें, वाहन और इमारतें बर्फ में दब गई हैं। स्कूल बंद हैं, सार्वजनिक परिवहन प्रभावित है और राहत कार्य जारी हैं। यह बर्फबारी दिसंबर 2025 से शुरू हुई अत्यधिक तीव्रता वाली है, जो क्षेत्र के लिए असामान्य रूप से भारी साबित हुई है।
कमचात्का में रिकॉर्ड बर्फबारी: 30 साल बाद सबसे खराब सर्दी
रूस के सुदूर पूर्वी इलाके कमचात्का में जनवरी 2026 में आए शक्तिशाली चक्रवातों ने रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी की। दिसंबर 2025 में शहर में सामान्य से तीन गुना अधिक बर्फ गिरी, जबकि जनवरी के पहले 16 दिनों में औसत से 150 प्रतिशत ज्यादा बर्फबारी दर्ज की गई। कुछ इलाकों में बर्फ की ऊंचाई 2 मीटर से अधिक पहुंच गई, जबकि ड्रिफ्ट्स (बर्फ के ढेर) 2.5 मीटर तक हो गए। यह स्थिति पिछले 50 वर्षों में सबसे गंभीर मानी जा रही है, हालांकि कुछ रिपोर्टों में इसे 30 साल पुरानी तीव्रता से जोड़ा गया है।

पेत्रोपावलोव्स्क-कमचात्स्की में आपातकाल घोषित
शहर के मेयर येवगेनी बेल्यायेव ने 15 जनवरी 2026 को शहरव्यापी आपातकाल घोषित किया। यह कदम छतों से बर्फ गिरने से हुई पहली मौत के बाद उठाया गया, ताकि बर्फ हटाने और राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाए जा सकें। एमर्जेंसी सर्विसेज ने वरिष्ठ नागरिकों तक पहुंचने के लिए बर्फ काटकर रास्ते बनाए। सार्वजनिक परिवहन निलंबित कर दिया गया और बसों की जगह हाई-क्लियरेंस वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्कूल और विश्वविद्यालय बंद हैं या ऑनलाइन चल रहे हैं।
The Kamchatka Peninsula is in the far east of Russia has seen 13 feet, four meters of snow, the worst in 30 years. It looks like a stiff wind has blown it into massive drifts. I bet the cars have a flat battery.
Today is a -5.8 deg F & -21 deg C.
Must be that global warming. pic.twitter.com/iPNsJsS7AL
— David Atherton (@DaveAtherton20) January 19, 2026
छतों से बर्फ गिरने से दो मौतें
बर्फबारी के कारण छतों पर जमा भारी बर्फ अचानक गिर गई, जिससे दो लोगों की जान चली गई। एक 60 वर्षीय व्यक्ति दो मंजिला इमारत की छत से गिरे बर्फ के नीचे दब गए, जबकि दूसरे 63 वर्षीय व्यक्ति एक मंजिला घर की छत से बर्फ गिरने से मारे गए। मेयर ने प्रॉपर्टी मैनेजमेंट कंपनियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने समय पर छतें साफ नहीं कीं। अधिकारियों ने लोगों को छतों के नीचे न खड़े होने और खुद बर्फ न हटाने की चेतावनी दी है।
बर्फ में दबी इमारतें और राहत कार्य
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इमारतों के निचले हिस्से बर्फ में दबे दिख रहे हैं, कुछ जगहों पर दूसरी मंजिल तक बर्फ पहुंच गई। वाहन पूरी तरह गायब हो गए और लोग घरों से निकलने के लिए खिड़कियों का सहारा ले रहे हैं। रेस्क्यू टीम बुजुर्गों को बचाने में जुटी है। आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, लेकिन सड़कें साफ होने से धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
खतरा अभी बरकरार
हालांकि चक्रवात कमजोर पड़ रहा है, लेकिन हल्की बर्फबारी जारी है और तापमान गिर रहा है। लाविन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन राहत कार्य तेज कर रहा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा।
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