लखनऊ। रायबरेली की मनीषा रावत ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत मिले 9 लाख रुपये के ऋण से अपना हैंडमेड चॉकलेट व्यवसाय को नई ऊंचाई दी है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति के सहयोग से स्थानीय प्रशासन ने उन्हें पूरा मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की, जिसके परिणामस्वरूप मनीषा आज आत्मनिर्भर हैं और पांच अन्य लोगों को नियमित रोजगार दे रही हैं।
यह सफलता डबल इंजन सरकार की योजनाओं का एक जीता-जागता उदाहरण है, जहां बिना गारंटी के ऋण ने छोटे उद्यमियों को नई दिशा दी। मनीषा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपना प्रेरणास्रोत मानती हैं।
मुद्रा योजना से शुरू हुआ सफर
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की रहने वाली मनीषा रावत ने 2023 में घर से ही हैंडमेड चॉकलेट और बेकरी उत्पाद बनाने का छोटा-सा काम शुरू किया था। शुरुआत में यह काम परिवार के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत था, लेकिन बाजार में उनके उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ने लगी। बढ़ती डिमांड को देखते हुए उन्होंने अपनी केक और चॉकलेट की दुकान खोलने का फैसला किया, लेकिन पूंजी की कमी और गारंटी-मॉर्गेज जैसी समस्याओं ने रास्ता रोक लिया।
अक्टूबर 2024 में उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के बारे में पता चला। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के मैनेजर अर्जुन निगम ने उन्हें योजना के फायदे, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी। बिजनेस मॉडल की बारीकियां समझाई गईं और जरूरी दस्तावेज तैयार करने में मदद की गई। डीआईसी (जिला उद्योग केंद्र) कार्यालय में आवेदन जमा करने के महज 20 दिनों के अंदर ही उन्हें 9 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हो गया। इस योजना की खासियत है कि इसमें गारंटर की जरूरत नहीं पड़ती और ब्याज दर भी कम होती है, जिससे किस्त चुकाना आसान हो जाता है।
व्यवसाय विस्तार और रोजगार सृजन
ऋण मिलते ही मनीषा ने अपने कारोबार का विस्तार किया। पहले घर से चलने वाला काम अब एक व्यवस्थित दुकान में बदल गया। बढ़ते काम के बोझ को देखते हुए उन्होंने स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार देना शुरू किया। आज उनके साथ पांच लोग नियमित रूप से काम कर रहे हैं, जिनमें से कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। मनीषा अब न केवल खुद की आर्थिक स्थिति मजबूत कर चुकी हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार का स्रोत बनी हैं। उनका व्यवसाय अच्छी तरह चल रहा है और वे अन्य महिलाओं को भी मुद्रा योजना के फायदे बताकर प्रोत्साहित कर रही हैं।
डबल इंजन सरकार की योजनाओं का प्रभाव
डबल इंजन सरकार (केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार) युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिए कई योजनाएं चला रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना इनमें से एक प्रमुख योजना है, जो छोटे व्यापारियों और घरेलू उद्योगों को वित्तीय सहायता देती है। यह योजना केवल ऋण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्यमियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराती है। मनीषा की सफलता इसी का प्रमाण है कि सही समय पर मिली मदद से जीवन पूरी तरह बदल सकता है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 10 वर्ष पूरे होने पर अप्रैल महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर से 48 सफल उद्यमियों को अपने आवास पर बुलाया था, जिसमें रायबरेली की मनीषा रावत भी शामिल थीं। इस मुलाकात को याद करते हुए मनीषा कहती हैं कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके लिए सच्चे प्रेरणास्रोत हैं। वे युवाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की सलाह देती हैं।
यह कहानी बताती है कि सरकारी योजनाएं अगर सही तरीके से लागू हों, तो ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सकती है। मनीषा रावत की मेहनत और सरकारी सहयोग का यह संयोजन अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का काम कर रहा है।
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