spot_img
9.1 C
New Delhi
Tuesday, January 18, 2022
spot_img

सशक्तिकरण के लिए महिलाओं की समानता को सुनिश्चित करना होगा

spot_imgspot_img

—सामाजिक और आर्थिक विकास में महिलाओं का योगदान अहम : बेबी रानी मौर्य
—महिलाओं की आध्यात्मिक, राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक शक्ति जरूरी
—उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने दिया “द ग्रेट इंडियन वुमेन अवार्ड 2021’

Indradev shukla

नई दिल्ली/खुशबू पाण्डेय : उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि सामाजिक और आर्थिक विकास में महिलाओं का योगदान सदैव अमूल्य रहा है। भारतीय नारी हमेशा से ही अपने साहस और अटल निर्णयों के लिए दुनिया में अलग स्थान रखती हैं। एक महिला साहस और परिश्रम की शुरूआत अपने घर में ही करती है। किसी प्रोफेशन और करियर को चुनने और किसी मुकाम को हासिल करने से पहले एक बेटी, पत्नी और बहु के रूप में भी खुद को सिद्ध करना चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमारे देश में स्वास्थ, शिक्षा, उद्यमिता एवं आर्थिक विकास से सम्बंधित अनेक नीतिगत और क्रान्तिकारी परिवर्तन हुए हैं। कुछ रूढ़ीवादी विचारधारा के लोगों को छोड दें तो आज समाज ने भी महिलाओं की क्षमताओं को पहचाना है।


राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य नई दिल्ली में आयोजित “द ग्रेट इंडियन वुमेन अवार्ड 2021’ को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि सम्मानित होने वाली सभी महिलाओं ने अपने कार्यक्षेत्र में कठिन परिश्रम और प्रयास से एक खास जगह बनायी है आशा है कि आने वाले समय में वे अपने अपने क्षेत्रों में सार्थक योगदान से समाज के बहुआयामी विकास को एक नयी गति प्रदान करेंगी। यह आयोजन इंडियन आब्जर्वर पोस्ट एवं कॉर्पोरेट टाइकून द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया गया था।
राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में हम सभी को महिलाओं के लिए और अधिक कार्य करने की भी जरूरत है, जिनमें महिला शिक्षा और आर्थिक विकास, स्वास्थ्य, महिलाओं के विरूद्ध अपराध, वर्तमान पीढ़ी की बच्चियों को भारतीय संस्कृति से अवगत कराना और उनका इससे जुड़ाव बनाये रखने के लिए प्रेरित करना। कम शब्दों में कहें तो देश में महिलाओं का सशक्तिकरण वास्तव में महिलाओं की आध्यात्मिक, राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक शक्ति में वृद्धि करना है। हम सबको मिलकर महिलाओं की समानता को सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्र में सशक्त और सफल महिलाओं को भी प्रयास करना होगा। हमें यह समझना होगा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक विकास ही अन्य क्षेत्रों में सफलता निर्धारित करेगा। उन्होंने कहा कि विकास के विभिन्न पहलू यद्यपि अलग प्रतीत होते हैं, लेकिन समन्वित एवं समग्र विकास हेतु हम सभी एक एकीकृत मॉडल पर कार्य करते हैं और महिला विकास उस मॉडल की धुरी है। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय महिलाओं को यदि अवसर दिये जाते हैं तो संपूर्ण विश्व में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करती हैं। इसका सबसे ताजा उदाहरण हमें टोक्यो ओलम्पिक में देखने का मिला है। शिक्षा, शोध, चिकित्सा अथवा नर्सिंग, व्यापार, खेल,कला अथवा कोई भी क्षेत्र हो भारतीय महिलाओं ने जिस भी क्षेत्र में योगदान और कर्मठता का प्रदर्शन किया उसे देखकर आप गौरवान्वित अनुभव करेंगे।

Indradev shukla

प्रधानमंत्री मोदी ने महिला उत्थान को अपनी प्राथमिकता में रखा

राज्यपाल ने कहा कि आज हमारा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बहुआयामी विकास के पथ पर अग्रसर है। यद्यपि, कोविड-19 के कारण हमारे समक्ष विकास की नयी चुनौतियाँ आयी हैं, परन्तु हमारे संगठित प्रयासों ने हमें जल्दी ही इस चुनौती से निकालकर विकास की मुख्यधारा में जुड़ने की शक्ति प्रदान की है। प्रधानमंत्री ने भी महिलाओं को लेकर एक दूरदर्शी सोच को अपनाया है और महिला उत्थान को हमेशा अपनी प्राथमिकता में रखा है। राज्यपाल ने कहा कि पूरा विश्व समग्र विकास के लक्ष्यों को 2030 तक प्राप्त करने के लिए प्रयासरत है। ऐसे में भारतीयो का भी यह दायित्व बन जाता है कि नयी विकास नीतियों के आलोक में महिला विकास के कार्यक्रम एवं परियोजनाएं इस तरह आयोजित करें कि आने वाला समाज प्रतिभा, ज्ञान, कौशल और मानवीय मूल्यों से पूर्ण हो। हमारा यह प्रयास इस गौरवशाली देश की प्राचीन परंपरा एवं विश्व को एकीकृत करने वाली सनातनी संस्कृति को पुनः पल्लवित करते हुए सर्वांगीण एवं सार्वभौमिक विकास को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। इस मौके पर एम्बेसडर अनूप मुद्गल, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार में सचिव डॉ. रश्मि सिंह, पद्मश्री शोभना नारायण, एयर इंडिया की कार्यकारी निदेशक हरप्रीत एडी सिंह, ओंकारेश्वर पांडेय,डॉ आलोक मिश्रा, पूरन पांडेय, प्रो शिव त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।

spot_imgspot_imgspot_img

Related Articles

epaper

spot_img

Latest Articles

spot_img