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Monday, June 27, 2022

ग्रामीणों की मदद के लिए कीचड़ में उतर पड़ीं महिला IAS अधिकारी

नई दिल्ली /कछार  : राजधानी दिल्ली के एक स्टेडियम में खिलाड़ियों को घर भेजकर कुत्ता घुमाना वाले आईएएस दंपती को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये पर सवाल किए जा रहे हैं। लेकिन इस बीच, महिला आईएएस एवं डिप्टी कमिश्नर कीर्ति जल्ली की मिसाल भी दी जा रही है कि सभी अफसर एक से नहीं होते हैं। कीर्ति जल्ली असम के कछार जिले की डिप्टी कमिश्नर हैं। बाढ़ प्रभावित इलाके में कीचड़ में घुम-घुमकर पीड़ितों की मदद करते हुए उनकी तस्वीर वायरल है। जिसमें वह साड़ी बांधकर लोगों की मदद के लिए निकल पड़ी हैं। कहीं नाव में सवार नजर आ रही हैं। इन्हीं तस्वीरों सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। कोरोना संकट के दौरान ही उन्होंने शादी की थी लेकिन छुट्टी नहीं ली थी।

—साड़ी बांधकर बाढ़ प्रभावित इलाके में कीचड़ में संभाला मोर्चा, रचा इतिहास

कीर्ति जल्ली की एक फोटो वायरल हो रही है, जिसमें वे नाव में बाढ़ प्रभावित हालातों का जायजा लेने जा रही हैं। वे बताती हैं कि लोकल लोगों का कहना है कि बीते 50 वर्षों से ही वो इसी तरह से बाढ़ से परेशान होते चले आ रहे हैं। ऐसे में बतौर अधिकारी वो अपने काम को बेहतरी से करने के लिए ग्राउंड पर उतरी हैं। आईएएस अधिकारी अवनीश शरण ने उनकी एक फोटो को शेयर किया है। इस फोटो में वो एक स्थानीय महिला के साथ खड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने सालों में ऐसा पहली दफा हुआ है कि कोई आईएएस अधिकारी उनके पास बाढ़ के दिनों में आई हों और उनकी दिक्कतें सुनी हों।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने सालों में ऐसा पहली दफा हुआ है कि कोई आईएएस अधिकारी उनके पास बाढ़ के दिनों में आई हों और उनकी दिक्कतें सुनी हों।
कमिश्नर जल्ली कहती हैं कि लोकल समस्याओं का आकलन करने के लिए निचले इलाकों का दौरा करना जरूरी है। तभी सरकार को भविष्य के लिए बेहतर कार्य योजना बनाने में मदद मिलेगी। सबसे पहले गांव की सुरक्षा और बेहतरी को लेकर काम करना होगा ताकि भविष्य में नुकसान को कम किया जा सके। कछार जिले के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस साल 291 गांवों में 163,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कछार में 11,200 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 5,915 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं।

लोगों की मदद के लिए टाली अपनी शादी

कीर्ति जल्ली अपने काम को लेकर बहुत ज्यादा समर्पित हैं। कोरोना संकट के समय उनकी शादी तय हुई थी। लेकिन उन्होंने लोगों की मदद के लिए छुट्टी पर जाने से मना कर दिया। जल्ली ने अपने परिवार और दोस्तों से कहा कि वह अपनी शादी के लिए हैदराबाद नहीं जा सकेंगी। इसलिए आईएएस ने सिलचर में बहुत ही सिंपल तरीके से शादी की। शादी के बाद उनके पति आदित्य शशिकांत ने अपनी पत्नी की पोस्टिंग की जगह पर जाने का फैसला किया।

शादी के अगले दिन संभाला काम

अपनी शादी के बाद वो कोरोना पेशेंट का हालचाल लेने पहुंच गई थीं। उन्होंने अपने परिवार वालों को बताया कि उनको कोविड पेशेंट की जिम्मेदारी दी गयी है। अस्पताल में कोविड पेशेंट के लिए आईसीयू वार्ड के निर्माण कार्य की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में वे अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकतीं। न ही छुट्टी ले सकती हैं। उस समय हॉस्पिटल में हर दिन 100 पेशेंट रोज आ रहे थे। ऐसे में छुट्टी लेकर परिवार के साथ जाकर अपने सिलचर के बंगले में जाकर शादी करना संभव नहीं है। उनके इस फैसले का उनके परिवार के लोगों ने भी सम्मान किया।

शादी में शामिल हुए 15 मेहमान

जल्ली और शशीकांत की शादी सिंपल तरीके से हुई थी, जिसमें सिर्फ कर्नाटक संगीत बज रहा था। इस शादी में कपल ने लाइट और टेंट लगाने से साफ परहेज किया था। शादी में बमुश्किल 15 मेहमान थे। इस शादी में जल्ली की तरफ से सिर्फ उनकी बहन थीं। उनके माता-पिता का रिपोर्ट पॉजिटिव आया था और वे इलाज करा रहे थे। परिवार के 800 लोग जूम कॉल के जरिए शादी में शामिल हुए थे। कीर्ति जल्ली जब जोरहाट के टिटाबोर में उप मंडल अधिकारी के रूप में तैनात थीं, उस समय उन्होंने काफी चुनाव प्रचार किया जिसके लिए उन्हें 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा सम्मानित किया गया था।

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