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Saturday, January 31, 2026

भारत भरोसे पर आधारित AI नीति अपना रहा है, सख्त नियमों के बजाय नवाचार और सुरक्षा पर जोर: अजय कुमार सूद

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वाशिंगटन, 31 जनवरी (WomenExpress)। भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संचालन के लिए भरोसे पर आधारित नीति अपना रहा है, जिसमें सख्त नियमों की जगह समावेश, नवाचार और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। यह बात देश के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने थिंक-टैंक समुदाय से बातचीत के दौरान कही।

नई दिल्ली से वर्चुअल रूप से CSIS सम्मेलन को संबोधित करते हुए अजय कुमार सूद ने कहा कि एआई (AI) अब भारत की आर्थिक और रणनीतिक नीति का अहम हिस्सा बन चुका है। उन्होंने बताया कि एआई केवल कुछ कंपनियों या सीमित प्रयोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि लगभग हर क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है और देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनता जा रहा है।

AI अब केवल तकनीक नहीं, रणनीतिक विषय

अजय कुमार सूद ने कहा कि दुनिया भर में एआई के उपयोग में तेज वृद्धि हो रही है। खासतौर पर जेनरेटिव एआई में निवेश लगातार बढ़ रहा है और डाटा सेंटरों की ऊर्जा मांग भी तेजी से बढ़ी है। इन बदलावों से यह स्पष्ट होता है कि एआई का संचालन अब सिर्फ तकनीकी नीति का विषय नहीं रहा, बल्कि यह आर्थिक रणनीति, जनविश्वास और सतत विकास से भी सीधे जुड़ा हुआ है।

सुरक्षा और नवाचार का संतुलन

उन्होंने बताया कि भारत की एआई नीति में सुरक्षा, जवाबदेही और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही, नवाचार को बढ़ावा देने के लिए जरूरी लचीलापन भी रखा गया है, ताकि शोध, स्टार्टअप और उद्योग आसानी से नए समाधान विकसित कर सकें।

इंडियाएआई मिशन से मिल रहा आधार

भारत में एआई नीति को वर्ष 2024 में शुरू किए गए इंडियाएआई मिशन के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इस मिशन के तहत साझा कंप्यूटिंग सुविधाएं, एकीकृत राष्ट्रीय डाटा प्लेटफॉर्म, स्वदेशी एआई मॉडल का विकास और बड़े पैमाने पर कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

स्टार्टअप और शोध को सस्ता कंप्यूट सपोर्ट

सूद ने बताया कि स्टार्टअप, शोधकर्ता और विश्वविद्यालयों को रियायती दरों पर उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनकी लागत में काफी कमी आई है। राष्ट्रीय एआई डाटा मंच पर हजारों डाटा सेट और मॉडल मौजूद हैं, जो नवाचार को गति दे रहे हैं।

वैश्विक मंचों पर सक्रिय भूमिका

भारत एआई शिक्षा, वैश्विक मानक तय करने और अंतरराष्ट्रीय एआई संस्थाओं में सक्रिय भागीदारी कर रहा है। हाल ही में जारी राष्ट्रीय एआई संचालन रिपोर्ट में कानूनी निगरानी और तकनीकी उपायों को साथ जोड़ने की रणनीति बताई गई है।

सफलता का असली पैमाना

अजय कुमार सूद ने कहा कि एआई की सफलता केवल उसकी तकनीकी क्षमता से नहीं आंकी जाएगी, बल्कि यह देखा जाएगा कि वह क्षमता कितनी व्यापक जनहित और सामाजिक लाभ में बदलती है।

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