संयुक्त राष्ट्र, 2 अप्रैल। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत की शालिनी बहुगुणा को पापुआ न्यू गिनी में यूएन रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। शालिनी बहुगुणा, जिनके पास विकास, बच्चों के अधिकारों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में दशकों का अनुभव है, अब इस छोटे पैसिफिक देश में संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च अधिकारी होंगी। वे वहां चल रहे 192 कार्यक्रमों का समन्वय करेंगी और यूएन कंट्री टीम का नेतृत्व करेंगी। यह नियुक्ति 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई है।
शालिनी बहुगुणा की नियुक्ति और भूमिका
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत की शालिनी बहुगुणा को पापुआ न्यू गिनी में रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर के पद पर नियुक्त किया है। यूएन के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने इसकी जानकारी दी। रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर किसी देश में संयुक्त राष्ट्र के सबसे उच्च रैंक वाले अधिकारी होते हैं। वे यूएन के विभिन्न संगठनों की टीमों का नेतृत्व करते हैं और देश की विकास जरूरतों के अनुसार कार्यक्रमों को समन्वयित करते हैं।
पापुआ न्यू गिनी में यूएन 85.5 मिलियन डॉलर के बजट के साथ 192 कार्यक्रम चला रहा है। शालिनी बहुगुणा इन सभी कार्यक्रमों के समन्वय का नेतृत्व करेंगी। यह देश इंडोनेशिया की सीमा से लगा हुआ है और इसकी आबादी लगभग 1 करोड़ 30 लाख है।
शालिनी बहुगुणा का पेशेवर अनुभव
शालिनी बहुगुणा के पास अंतरराष्ट्रीय विकास, मानवीय सहायता और शांति स्थापना के क्षेत्र में 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। हाल ही में उन्होंने यूनिसेफ के साथ काम किया और एक्सेंचर के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) रणनीति तैयार की। इससे पहले वे तंजानिया में यूनिसेफ की प्रतिनिधि (रिप्रजेंटेटिव) रहीं, जहां उन्होंने बच्चों के अधिकारों को बढ़ावा दिया और देश की विकास प्राथमिकताओं पर काम किया।
उन्होंने इथियोपिया और म्यांमार में यूनिसेफ की डिप्टी रिप्रजेंटेटिव के रूप में और नाइजीरिया में सोशल पॉलिसी तथा जेंडर विभाग की प्रमुख के रूप में भी काम किया है। अपना करियर उन्होंने भारत में एक एनजीओ के साथ विकास, पानी और सफाई के मुद्दों पर शुरू किया। बाद में वे भारत सरकार और विश्व बैंक के वॉटर सेक्टर रिफॉर्म प्रोग्राम से जुड़ीं।
डीएफआईडी (ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय विकास विभाग) के साथ काम करते हुए उन्होंने चीन, इंडोनेशिया और अफगानिस्तान जैसे देशों में भी अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने एशिया और अफ्रीका के विभिन्न देशों में जटिल और सांस्कृतिक रूप से विविध टीमों का नेतृत्व किया है।
शिक्षा और पृष्ठभूमि
शालिनी बहुगुणा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से स्नातक किया है। उन्होंने ब्रिटेन की स्वानसी यूनिवर्सिटी से डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल डेवलपमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की है। उनके अनुभव में विकास कार्यों के अलावा मानवीय सहायता और शांति स्थापना के क्षेत्र शामिल हैं।
पापुआ न्यू गिनी में यूएन की मौजूदगी
पापुआ न्यू गिनी एक छोटा पैसिफिक देश है। यहां संयुक्त राष्ट्र विभिन्न विकास कार्यक्रम चला रहा है। शालिनी बहुगुणा की नियुक्ति से इन कार्यक्रमों को और बेहतर तरीके से समन्वयित करने में मदद मिलेगी। वे संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रतिनिधि के रूप में काम करेंगी और देश की सरकार के साथ मिलकर सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (एसडीजी) को आगे बढ़ाएंगी।
यह नियुक्ति भारत के लिए भी गर्व की बात है, क्योंकि एक भारतीय महिला को संयुक्त राष्ट्र के महत्वपूर्ण पद पर जगह मिली है। शालिनी बहुगुणा की भूमिका विकासशील देशों में यूएन की पहल को मजबूत करने में अहम होगी।
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