बलूचिस्तान में हालिया हमलों ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 31 जनवरी 2026 को एक के बाद एक 12 शहरों पर हमला बोला, जिसमें बंदूकधारी हमले और आत्मघाती बम विस्फोट शामिल थे। इन हमलों में कम से कम 31 नागरिक और 17 सुरक्षा कर्मी मारे गए।
BLA ने दावा किया कि उसके हमलावरों ने सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाया, जबकि पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई में 145 से अधिक विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया है। खास बात यह है कि BLA ने दो महिला हमलावरों – आसिफा मेंगल और हवा बलोच – की तस्वीरें और वीडियो जारी किए हैं, जो इस संघर्ष में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं।
बलूचिस्तान हमलों का विवरण
पाकिस्तान के सबसे बड़े लेकिन सबसे गरीब प्रांत बलूचिस्तान में 31 जनवरी 2026 को BLA ने कई जिलों में एक साथ हमले किए। ये हमले क्वेटा, नुश्की, हब, चमन, ग्वादर, मकरान, नसीराबाद और अन्य इलाकों में हुए। हमलावरों ने पुलिस स्टेशन, सुरक्षा ठिकानों, जेल और नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया। कुछ हमलावरों ने आम नागरिकों जैसे कपड़े पहनकर स्कूलों, बैंकों, बाजारों और अस्पतालों में घुसकर गोलीबारी की। हमले शुक्रवार रात शुरू हुए और शनिवार तक चले। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया गया और किसी भी महत्वपूर्ण शहर या रणनीतिक जगह पर कब्जा नहीं होने दिया गया।
महिला हमलावरों की भूमिका
BLA ने अपने हमलों में दो महिलाओं की भागीदारी का खुलासा किया है, जो इस संगठन की रणनीति में बदलाव को दिखाता है। पहली महिला आसिफा मेंगल हैं, जिनकी उम्र 24 वर्ष है। BLA के अनुसार, वे मोहम्मद इस्माइल की बेटी हैं और नुश्की जिले की रहने वाली हैं। उनका जन्म 2 अक्टूबर 2002 को हुआ था। संगठन का दावा है कि उन्होंने 21वें जन्मदिन पर BLA की मजीद ब्रिगेड में शामिल होकर आत्मघाती हमले का फैसला किया था। जनवरी 2024 में उन्होंने फिदायीन मिशन के लिए तैयारियां शुरू कीं और 31 जनवरी को नुश्की में ISI मुख्यालय पर वाहन से बम हमला किया।
दूसरी महिला हवा बलोच हैं। BLA ने उनका एक वीडियो जारी किया है, जो हमले से पहले का बताया जा रहा है। वीडियो में वे हथियार लिए पुरुष साथियों के साथ दिख रही हैं। वे पाकिस्तानी सरकार पर तंज कसती नजर आती हैं और कहती हैं कि सरकार केवल आम लोगों पर ताकत दिखाती है, लेकिन सीधे मुकाबले में सक्षम नहीं है। हवा बलोच बलूच समुदाय से एकजुट होने और लड़ाकों का साथ देने की अपील करती हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पुष्टि की कि कम से कम दो हमलों में महिला हमलावर शामिल थीं।
BLA का बड़ा दावा और ऑपरेशन हेरोफ
BLA ने इन हमलों को ‘ऑपरेशन हेरोफ’ (काला तूफान) के दूसरे चरण के रूप में घोषित किया है। संगठन का कहना है कि इस चरण में पूरे बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जा रहा है। BLA ने दावा किया कि उसके हमलावरों ने भारी नुकसान पहुंचाया, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने इन दावों को खारिज किया है। सेना के अनुसार, सभी हमलों को नाकाम कर दिया गया और कोई रणनीतिक ठिकाना हमलावरों के कब्जे में नहीं गया।
पाकिस्तानी सेना की जवाबी कार्रवाई
हमलों के जवाब में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू किया। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि 40 घंटे से अधिक चले ऑपरेशन में 145 से ज्यादा विद्रोहियों को मार गिराया गया। कुछ रिपोर्टों में कुल मौतों की संख्या 177 तक बताई गई है, जिसमें विद्रोही शामिल हैं। सेना ने दावा किया कि कई विद्रोही अफगान मूल के थे। प्रांत में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, जिसमें धारा 144 लागू की गई और सार्वजनिक सभाओं पर रोक लगाई गई।
बलूचिस्तान का पृष्ठभूमि
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, लेकिन यहां गरीबी और पिछड़ापन आम है। दशकों से अलगाववादी संगठन आजादी की मांग कर रहे हैं। वे प्राकृतिक संसाधनों में अधिक हिस्सेदारी और राजनीतिक अधिकारों की बात करते हैं। BLA को पाकिस्तान, अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। यह संघर्ष सी-पाक इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट्स से भी जुड़ा है।
यह घटना बलूचिस्तान में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को फिर से उजागर करती है, जहां दोनों पक्ष अलग-अलग दावे कर रहे हैं। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।

