7 C
New Delhi
Wednesday, January 27, 2021

BJP ने कांग्रेस पार्टी पर बोला हमला, सोनिया गांधी पर दागे 10 सवाल

-कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के बीच क्या है सटीक संबंध
—चीन से हर साल राजीव गांधी फाउंडेशन को डोनेशन दिया गया
-मेहुल चोकसी से राजीव गांधी फाउंडेशन में पैसा लिया गया
– सोनिया जी, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सुरक्षित है : नड्डा
– विदेशी शक्तियों से धन स्वीकार करना राष्ट्रीय हित का बलिदान
-राजीव गांधी फाउंडेशन और चीन सरकार के बीच क्या हुआ?

(खुशबू पाण्डेय)
नई दिल्ली/ टीम डि​जिटल : भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी और उसके अध्यक्ष सोनिया गांधी पर घेरेबंदी तेज कर दी है। नड्डा ने आज तीसरे दिन लगातार एक ही मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी पर अटैक किया। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से 10 सवाल भी पूछे, जिनमें राजीव गांधी फाउंडेशन और चीन के बीच कथित संबंध हैं। जेपी नड्डा ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद और कोरोनो वायरस संकट के तहत, सोनिया गांधी को उन गंभीर सवालों से नहीं बचना चाहिए, जिनसे देश जानना चाहता है। देश गांधी परिवार के कई सवाल पूछ रहा है।

गांधी परिवार को अपने पापों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत सुरक्षित और सुरक्षित है, और हमारे बहादुर सशस्त्र बल देश और उसकी संप्रभुता की रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि चीन जैसे देशों ने 2005 – 2009 के बीच हर साल राजीव गांधी फाउंडेशन को डोनेशन दिया। लक्जमबर्ग जैसे टैक्स हैवन्स ने राजीव गांधी फाउंडेशन को हर साल 2006 से 2009 के बीच दान दिया। एनजीओ और कंपनियों ने गूढ़ व्यावसायिक हितों के साथ आरजीएफ को दान दिया।

भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि 130 करोड़ देशवासी जानना चाहता है कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए क्या-क्या काम किया और किस तरह से आपने देश के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ट्वीट करके राजीव गांधी फाउंडेशन पर प्रश्न उठाए थे, आज पी. चिदंबरम कहते हैं कि फाउंडेशन पैसे लौटा देगा। देश के पूर्व वित्त मंत्री जो खुद बेल पर हों, उसके द्वारा ये स्वीकारना होगा कि देश के अहित में फाउंडेशन ने नियम की अवहेलना करते हुए फंड लिया।

उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री आपदा फंड जो लोगों की सेवा और उनको राहत पहुंचाने के लिए है, उससे 2005-08 तक राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा क्यों गया? बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन को 2005 से 2009 तक चीनी दूतावास से दान मिला। साथ ही 2006 से 2009 तक हर साल लक्समबर्ग के टैक्स हैवन्स से दान मिलता है। यह क्या इंगित करता है? गहरे वाणिज्यिक हितों वाली एनजीओ और कंपनियों ने फाउंडेशन को पैसे दान किए? उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत विश्वास में विदेशी शक्तियों से धन स्वीकार करना राष्ट्रीय हित का बलिदान है।

देश जानना चाहता है कि राजीव गांधी फाउंडेशन और चीन सरकार के बीच क्या हुआ?
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नडडा ने कहा कि मेहुल चोकसी से आपने राजीव गांधी फाउंडेशन में पैसा क्यों लिया और आपने मेहुल चोकसी को लोन क्यों दिया? देश जानना चाहता है कि मेहुल चोकसी से राजीव गांधी फाउंडेशन का क्या संबंध है? और आपने उसको लोन देने में किस-किस प्रकार से मदद की है यह देश जानना चाहता है।

जेपी नडृडा ने कहा कि कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के बीच सटीक संबंध क्या है? दोनों के बीच टैक्टिक अंडरस्टैंडिंग क्या है? हस्ताक्षरित और अहस्ताक्षरित एमओयू क्या है? देश जानना चाहता है। उन्होंने कहा कि आरसीईपी का हिस्सा बनने की क्या जरूरत थी? चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 1.1 बिलियन अमरीकी डॉलर से बढकऱ 36.2 बिलियन अमरीकी डॉलर कैसे हो गया? आरसीईपी भारतीय किसानों, एमएसएमई क्षेत्र और कृषि के हित में नहीं है और इस वजह से पीएम मोदी इसमें शामिल नहीं हुए।

कांग्रेस नेता की कंपनी कर रही थी आपदा फंड का ऑडिट

बीजपी अध्यक्ष जेपी नडडा ने पूछा कि क्यों कांग्रेस के एक नेता की कंपनी पीएमएनआरएफ का ऑडिट कर रही थी? इसके ऑडिटर का नाम ठाकुर वैद्यनाथन एंड अय्यर कंपनी है, जिसकी स्थापना रामेश्वर ठाकुर ने की थी, जो कांग्रेस के एक नेता थे। वे दो बार राज्य सभा सांसद रहे, फिर केंद्रीय वित्त मंत्री (एमओएस) रहे और चार राज्यों के राज्यपाल भी रहे। उन्होंने कहा कि सभी मानदंडों के विरोधाभास में क्यों एक कांग्रेस नेता की कंपनी पीएमएनआरएफ का ऑडिट कर रही थी? पीएम नेशनल रिलीफ फंड में एक ट्रस्टी कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष भी है। देश जानना चाहता है कि ऐसे लोगों ऑडिटर बनाकर क्या सरकार करना चाह रही थी?

गृहमंत्रालय सहित कई मंत्रालयों पर दबाव बनाया

बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा फंड ने 2005 से 2008 तक राजीव गांधी फाउंडेशन को हर साल पैसा क्यों दिया? यूपीए सरकार ने राजीव गांधी फाउंडेशन को दान करने के लिए गृहमंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और सेल, एसबीआई, गेल, ओएनजीसी जैसे कई मंत्रालयों एवं पीएसयू को क्यों मजबूर किया? क्यों सोनिया गांधी को अपने निजी भरोसे के लिए लोगों की मेहनत से कमाए गए पैसों को निकालने में कोई शर्म नहीं आती?

Related Articles

Stay Connected

21,422FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles