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Monday, June 17, 2024

CBSE की 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, 12वीं की परीक्षा स्थगित

—प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुई बैठक में फैसला लिया
—कोरोना का कहर, 21 लाख छात्रों पर पड़ेगा इसका असर
—21.5 लाख छात्रों ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया 

नयी दिल्ली/ टीम डिजिटल । देश भर में तेजी से पांव पसार रही कोविड-19 महामारी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने बुधवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द कर दी है जबकि 12वीं की बोर्ड परीक्षा स्थगित करने का फैसला किया है। इसका प्रभाव देश भर के 21 लाख से अधिक छात्रों पर पड़ेगा। यह पहला मौका है जब सीबीएसई ने 10वीं की परीक्षा पूरी तरह रद्द कर दी है। पिछले साल कोविड-19 महामारी और दिल्ली के उत्तर-पूर्व इलाके में भड़के दंगों के कारण परीक्षा आंशिक रूप से रद्द की गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुई एक बैठक में परीक्षाओं के संदर्भ में यह फैसला लिया गया। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय शिक्षा सचिव, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव तथा अन्य शीर्ष अधिकारियों ने शिरकत की। कुल 21.5 लाख छात्रों ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। सीबीएसई बोर्ड एक जून को कोविड महामारी के मद्देनजर वस्तुस्थिति की समीक्षा करेगा और उसके बाद 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तारीखों के संबंध में फैसला लेगा। स्कूली परीक्षा के अन्य प्रमुख बोर्ड सीआईसीएसई ने कहा है कि वह स्थिति की समीक्षा कर रहा है और जल्द ही फैसला लेगा। बहरहाल, सीबीएसई के फैसले के बाद विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षाविदों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आई हैं।

CBSE की 10वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द, 12वीं की परीक्षा स्थगित

उनकी मांग है कि 10वीं कक्षा के छात्रों की ग्रेडिंग के लिये उचित पैमाना हो और 12वीं कक्षा के परीक्षाॢथयों के लिये कार्यक्रम की घोषणा शीघ्र की जाए। अभिभावकों ने भी परीक्षा में देरी में चिंता जताते हुए कहा कि या तो 10वीं की तर्ज पर 12वीं की परीक्षा रद्द की जाएं या फिर जल्द से जल्द तारीखों की घोषणा की जाए। बैठक के बाद शिक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर परीक्षाओं के संबंध में लिए गए निर्णयों की जानकारी साझा की। बयान के मुताबिक बैठक में प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि छात्रों का स्वास्थ्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के सर्वोच्च हित का ध्यान रखेगी और सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि उनके स्वास्थ्य के साथ ही उनके शिक्षा सत्र का भी नुकसान ना हो। बयान में कहा गया, महामारी की वर्तमान स्थिति, स्कूलों के बंद होने और छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर कक्षा 12वीं की परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। यह परीक्षा चार मई से 14 जून के बीच होनी प्रस्तावित थी। सीबीएसई बोर्ड एक जून को कोविड महामारी की स्थिति की समीक्षा करेगा और उसके बाद 12वीं की परीक्षा की तारीखों के संबंध में फैसला लेगा। बयान में कहा गया, परीक्षा की शुरुआत से कम से कम 15 दिन पहले छात्रों को इसकी सूचना दी जाएगी।

10वीं की परीक्षा भी चार मई से 14 जून के बीच होनी थी

10वीं की परीक्षा भी चार मई से 14 जून के बीच होनी थी। बयान में कहा गया, 10वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई हैं। इसके परिणाम बोर्ड द्वारा तैयार किए गए एक मानदंड के आधार पर तैयार किए जाएंगे। बयान के मुताबिक यदि कोई छात्र उसे मिले अंकों से संतुष्ट नहीं होता है तो उसे परीक्षा में बैठने का एक मौका दिया जाएगा लेकिन यह तभी होगा जब परिस्थितियां परीक्षा के आयोजन के अनुकूल होंगी। बाद में संवाददाताओं से बातचीत में निशंक ने कहा कि कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने आज तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और उन्होंने साफ कर दिया कि छात्रों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के आधार पर 10 वीं की परीक्षा को रद्द करने और 12वीं की परीक्षा स्थगित करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा, इस फैसले से बच्चों की सुरक्षा होगी और हम निश्चित रूप से उनके भविष्य को संवार सकेंगे।

छात्रों के मूल्यांकन की पद्धति को विद्यालयों के साथ साझा किया जाना चाहिए

फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया में दिल्ली पब्लिक स्कूल, इंदिरापुरम की प्रधानाचार्या संगीता हजेला ने कहा, 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा स्कूल छोडऩे की परीक्षा नहीं हैं, बल्कि 10वीं कक्षा के नतीजों से छात्रों को अगली कक्षाओं में विषय (विज्ञान, कला, वाणिज्य आदि) का चयन करने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा, ध्यान इस बात पर दिया जाना चाहिए कि सीखने के लिहाज से पहले ही आ चुके अंतर को कैसे खत्म किया जाए। हालांकि, 12वीं कक्षा की परीक्षा के साथ अलग तरह का महत्व जुड़ा होता है क्योंकि भारत व विदेश दोनों जगह उच्च शिक्षा व करियर के विकल्प इन पर निर्भर होते हैं। डीपीएस-आरएनई गाजियाबाद की ​िप्रसिपल पल्लवी उपाध्याय ने कहा कि 10वीं कक्षा के छात्रों के मूल्यांकन की पद्धति को जितनी जल्दी हो सके विद्यालयों के साथ साझा किया जाना चाहिए, ताकि शिक्षक छात्रों को तैयार कर सकें।

राहुल गांधी, केजरीवाल सहित कई नेताओं ने रद्द करने की मांग की थी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे के मद्देनजर सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी। शिव सेना ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर सीबीएसई की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के लिए नया कार्यक्रम तय करने के लिए राष्ट्रीय सहमति बनाने का आग्रह किया था। बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर दो लाख से ज्यादा छात्रों ने ऑनलाइन अभियान कैंसल बोर्ड एग्जाम भी चलाया था जो एक हफ्ते से टविटर पर ट्रेंड कर रहा है।

महाराष्ट्र, UP, MP, छत्तीसगढ़, और पंजाब ने परीक्षा में परिवर्तन की घोषणा कर दी

महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब ने बोर्ड परीक्षा में परिवर्तन की पहले ही घोषणा कर दी थी। ज्ञात हो कि गत वर्ष मार्च महीने में कोविड-19 महामारी के फैलाव को देखते हुए स्कूलों में ताले लगा दिए गए थे। पिछले साल अक्टूबर में कुछ राज्यों ने स्कूल खोले भी लेकिन ताजा संक्रमण को देखते हुए उन्हें भी बंद कर दिया गया। पिछले साल भी बोर्ड की परीक्षा को मार्च के मध्य में पहले स्थगित किया गया था और बाद में उन्हें रद्द करना पड़ा। एक मानदंड तय कर परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए थे। भारत में बुधवार को कोरोना संक्रमण के मामलों में रिकार्ड वृद्धि दर्ज की गई। एक दिन में सर्वाधिक 1.84 लाख मामले सिर्फ बुधवार को सामने आए।

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