39.1 C
New Delhi
Sunday, June 16, 2024

CM जयराम ठाकुर ने हिमाचल में आक्सीजन का अधिकतम उत्पादन करने को कहा

— आक्सीजन प्लांटों की उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे

शिमला/ नेशनल ब्यूरो : राज्य सरकार की पहली और महत्वपूर्ण प्राथमिकता स्वास्थ्य चिकित्सा के उद्देश्य से आक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना है ताकि आक्सीजन के कारण किसी को परेशानी न झेलनी पड़े। यह बात आज मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के आक्सीजन उत्पादकों को सम्बोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान इस वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए समाज में एक-दूसरे की सहायता करना हम सबका दायित्व बनता है। उन्होंने कहा कि राज्य में आक्सीजन का उत्पादन सरप्लस है, लेकिन आक्सीजन के परिवहन के लिए हमें सिलेंडरों की आवश्यकता है।

यह भी पढें...हिमाचल प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू सख्ती से लागू, नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई

जय राम ठाकुर ने कहा कि आक्सीजन उत्पादकों को राज्य में आक्सीजन का अधिकतम उत्पादन सुनिश्चित करना चाहिए ताकि इसका उपयोग कर मानव जीवन को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि आक्सीजन के रिसाव और अपव्यय को भी प्रभावी ढंग से रोकने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 मरीजों के लिए आक्सीजन की मांग बढ़ने के कारण आॅक्सीजन की खपत भी काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने राज्य के लिए 15 मीट्रिक टन तरल मेडिकल आॅक्सीजन का कोटा निर्धारित किया है। राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत मीट्रिक टन करने का केन्द्र सरकार से आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आईजीएमसी के आक्सीजन प्लांट की उत्पादन क्षमता को 20 मीट्रिक टन तक बढ़ाएगी।

यह भी पढें...असम की 6 युवा लड़कियों का कमाल, मुसीबत बनी जल कुंभी को बनाया आजीविका

उन्होंने कहा कि इससे राज्य के सबसे बड़े अस्पताल में आक्सीजन की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य में अन्य आक्सीजन प्लांटों की उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से मांग को पूरा करने के लिए राज्य को डी-टाइप के 5000 और बी-टाइप के 3000 सिलेंडर उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। जय राम ठाकुर ने कहा कि राज्य में स्थित सभी आक्सीजन संयंत्रों को राज्य सरकार बिजली की पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगी ताकि आक्सीजन की कमी न हो और आक्सीजन का उत्पादन सुचारू रूप से चले। उन्होंने कहा कि आक्सीजन उत्पादकों को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आक्सीजन की आपूर्ति निर्बाध और सुचारू रूप से सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि लोग आक्सीजन के लिए परेशान न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निजी आक्सीजन उत्पादकों के विभिन्न मुददों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और उन्हें समय पर भुगतान सुनिश्चित करेगी। जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आक्सीजन का उचित भंडारण और उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आक्सीजन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं।

आक्सीजन उत्पादकों को लाजिस्टिक की हर संभव सहायता प्रदान करेगा सरकार

अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग राम सुभग सिंह ने मुख्यमंत्री व अन्य गणमान्यों का स्वागत किया और कहा कि विभाग आक्सीजन प्लांट की उचित कार्यशीलता सुनिश्चित करने के लिए आक्सीजन उत्पादकों को लाजिस्टिक की हर संभव सहायता प्रदान करेगा।प्रदेश में स्थापित आक्सीजन संयंत्रों के मालिक सुधांशु कपूर, सुरेश शर्मा, पुष्पेन्द्र मित्तल, विशांत गर्ग, अजय मोदी, रोहित मित्तल, हर्ष गुप्ता और रवि धीमान ने भी इस अवसर पर अपने विचार सांझा किए। आयुक्त उद्योग हंसराज शर्मा, विशेष सचिव अरिंदम चैधरी मुख्यमंत्री के साथ जबकि मण्डी, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और ऊना के उपायुक्त बैठक में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

 

latest news

Related Articles

epaper

Latest Articles