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Monday, May 27, 2024

CM योगी का दावा, दो करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार से जोड़ेंगे

लखनऊ /आशीष पाण्डेय । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारी सरकार ने सीएम अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग शुरू की है। इससे प्रदेश के साढ़े सात लाख युवाओं को जोड़ेंगे। विश्विद्यालय और महाविद्यालय में अध्ययन करने वाले युवाओं को अप्रेंटिसशिप स्कीम के तहत आधा मानदेय सरकार और आधा मानदेय इंडस्ट्री देगी। उनको हम अनुभवजन्य कार्य और नई ट्रेनिंग के साथ जोड़ने का कार्य करेंगे। प्रदेश में मिशन रोजगार के तहत एक बड़ा अभियान चल रहा है। सारे अभियान को मिलाकर जब हम कार्य करेंगे तो आने वाले तीन-चार वर्ष में प्रदेश के दो करोड़ से अधिक युवाओं को अलग-अलग सेक्टर में नौकरी और रोजगार से जोड़ने में सफल रहेंगे। सीएम योगी ने रविवार को राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से अयोजित दो दिवसीय ‘लखनऊ कौशल महोत्सव’ के समापन समारोह संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में 112 कंपनियों का आना कि इस बात को साबित करता है कि हमारे पास पोटेंशियल है।

—सीएम योगी ने ‘लखनऊ कौशल महोत्सव’ के समापन समारोह किया संबोधित
—सीएम अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग से साढ़े सात लाख युवाओं को जोड़ेंगे

हजारों नौजवानों को नौकरी और रोजगार के साथ जोड़ने की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के स्केल को स्किल से जोड़ने का अभियान है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन की घोषणा की थी तो लोगों को यह लगता था कि यह मिशन क्या कर पाएगा। आज करोड़ों नौजवानों की भावनाओं को इस मिशन ने एक नई उड़ान, पहचान और मंच दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले 6 वर्ष के अंदर 16 लाख युवाओं का पीएम कौशल विकास मिशन, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और श्रम एवं सेवा योजन के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट किया है।
टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के यूवाओं को स्किल डेवलपमेंट के साथ जोड़ने का एग्रीमेंट किया है। इसके माध्यम से 35 हजार युवाओं को ऑन जॉब और एप्रेंटिसशिप की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में आने वाली हर एक इंडस्ट्री से यह बात कही है कि वह किसी न किसी इंस्टीट्यूशन को अपने साथ जोड़ें। जहां इंडस्ट्री लगाएं वहां के युवाओं के स्किल डेवलपमेंट में अपना योगदान दें। अब हमारे युवा को पलायन नहीं करना पड़ेगा उसे उसके गांव और उसके जनपद में रोजगार प्राप्त होगा। इससे प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन की भूमिका का निर्वहन कर सकेगा।

सीएम योगी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को एक विजन दिया था। स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी सोच देश को दी थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी दी थी। उन्होंने कहा कि खेती का मतलब उस समय यह मान लिया जाता था कि घाटे का सौदा है। कोरोना के कालखंड में कृषि दुनिया के लिए संबल बनी। दुनिया के हर एक सेक्टर में गिरावट आई सिर्फ कृषि ही ऐसा सेक्टर था जो दुनिया के आर्थिक स्वावलंबन में सहायक बनने के साथ ही भुखमरी से बचाया। यह संभव इसलिए हो क्योंकि गांव-गांव में कनेक्टिविटी थी। किसान आसानी से अपनी उपज बाजार तक पहुंचा पाए। उन्होंने कहा कि आज भारत सरकार नई तकनीकी और बीज के साथ फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को आगे बढ़ा रही है। पहले अन्न ज्यादा उत्पन्न करने की प्रतिस्पर्धा थी। अब कृषि में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए हम विषमुक्त खेती को बढ़ावा दे रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलाम ने देश को विजन 2020 देने की बात करते थे। उस समय बहुत सारे लोगों को यह लगता था कि क्या यह हो पाएगा। उस समय एक लक्ष्य दिया जाता था कि क्या हम विजन 2020 के तहत कुछ कर पाएंगे। लेकिन आज आप देख रहे होगें कि उस विजन के अनुरूप देश कैसे आगे बढ़ रहा है। विजन 2020 का परिणाम है कि जब देश वर्ष 2022 में अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा था, तब दुनिया के सर्वाधिक संसाधनों, व्यवसाय, जीडीपी और सर्वाधिक पेटेंट वाले जी20 के देशों की अध्यक्षता भारत कर रहा है। यह भारत के सामर्थ्य और शक्ति का प्रदर्शन है।

यूपी में एक करोड़ से ज्यादा युवाओं के लिए नौकरी की संभावना 

सीएम योगी ने कहा 1965 में जब 17 वर्ष के एक युवा ने पहली बार कंप्यूटर का प्रदर्शन किया था तो उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑर्गेनिक इंटेलिजेंस की चर्चा की थी तो लोग बोलते थे कि क्या यह संभव हो पाएगा। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे दुनिया भर के विश्विद्यालयों में नवाचार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलती हुई दुनिया के साथ जब समाज चलता है और उससे दस कदम आगे हमारा युवा सोचता है तो विकास एक नई ऊंचाई को छूता हुआ दिखाई देता है। सीएम योगी ने कहा कि अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून व्यवस्था की वजह से ही अगले तीन से चार वर्ष में उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से ज्यादा युवाओं के लिए नौकरी की संभावना यूपी में होने वाले निवेश से बन रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार एक फैमली एक आई कार्ड शुरू करने जा रही है। इसके माध्यम से हम प्रदेश के हर एक परिवार की मैपिंग करने जा रहे हैं। इससे हम एक क्लिक पर जान लेंगे कि शासन की कौन सी योजना और रोजगार किस परिवार को नहीं मिला है और उसे वह उपलब्ध कराएंगे।

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