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Tuesday, May 11, 2021

रेलवे ने दिल्ली सरकार को नहीं दिया ट्रेन, रुकी तीर्थ यात्रा

-दिल्ली सरकार की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना स्थगित
-रेलवे ने ट्रेन उपलब्ध कराने से किया इन्कार
-रेलवे ने दिल्ली सरकार को पत्र भेज कर ट्रेन उपलब्ध कराने में जताई थी असमर्थता
-12 रूट्स पर यात्रा करने वाले 30877 यात्रियों को कुछ दिन करना होगा इंतजार
– दिल्ली सरकार रेलवे से कर रही बात : उप मुख्यमंत्री

नई दिल्ली/टीम डिजिटल: दिल्ली सरकार ने रेलवे से किन्हीं कारणों से ट्रेन उपलब्ध नहीं होने की वजह से मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को फिलहाल कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है। रेलवे ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि फिलहाल ट्रेन उपलब्ध नहीं है। जैसे ही ट्रेन की व्यवस्था होती है, यात्रा शुरू करा दी जाएगी। लिहाजा रेलवे ने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के लिए समझौते के मुताबिक ट्रेन उपलब्ध करा पाने में फिलहाल असमर्थता जताई है।

दिल्ली सचिवालय में बुधवार को  उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार की तरफ से शुरू की गई मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना बहुत सफलता पूर्वक चल रही है। दिल्ली के वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा करने के लिए योजना शुरू की गई है। दिल्ली सरकार मीडिया के माध्यम से तीर्थ यात्रा पर जाने वाले लोगों को आवश्यक सूचना देना चाहती है। तीर्थ यात्रा योजना रेलवे के सहयोग से चल रही थी। रेलवे के साथ दिल्ली सरकार ने तीर्थ यात्रा योजना के लिए समझौता किया है। रेलवे ने मंगलवार को दिल्ली सरकार को पत्र लिखा है कि वे अभी तीर्थ यात्रा योजना के लिए ट्रेन उपलब्ध नहीं करा पाएंगे। दिल्ली सरकार तीर्थ यात्रा योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके उन तमाम लोगो को जानकारी देना चाहती है कि फिलहाल यह यात्रा कुछ समय के लिए स्थगित रहेगी।

यह यात्रा तब तक स्थगित रहेगी, जब तक रेलवे ट्रेन उपलब्ध नहीं कराता है या फिर दिल्ली सरकार कोई और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर देती है। हमें उम्मीद है कि जो भी तकनीकी दिक्कत होगी, रेलवे उसका पता लगा कर वापस इस यात्रा की शुरुआत करेगी। इस संबंध में रेलवे के अधिकारियों से बात चल रही है। अगर हम डेटा देखें तो अब तक 12 रूट्स पर दिल्ली सरकार ने तीर्थ यात्रा की शुरुआत की है। इसमे से सबसे ज्यादा पापुलर 10 रूट्स हुए हैं। अब तक 32828 यात्री यात्रा कर चुके हैं। अब तक कुल 63432 लोगों ने तीर्थ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेंशन किया है। इसमे से 32828 लोग यात्रा कर चुके हैं।

30877 यात्री अभी पेंडिंग (लंबित) लिस्ट में शामिल हैं, जिन्होंने रजिस्ट्रेंशन किया हुआ है। इस योजना के तहत पहली ट्रेन 12 जुलाई को यात्रियों को लेकर गई थी। तब से लेकर अब तक 34 ट्रेन यात्रियों को लेकर तीर्थ यात्रा पर जा चुकी हैं और अभी 30 ट्रेन अगले दो महीने में जाने वाली थीं। इसमे से 18 ट्रेन इसी महीने जाने वाली थीं। इसमे से कुछ ट्रेन गई भी हैं और बाकी की ट्रेनें कैंसिल करनी पड़ी है। अभी 12 ट्रेन दिसम्बर और 18 ट्रेन जनवरी में जानी थी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे की तकनीकी दिक्कतों की वजह से अभी मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा फिलहाल कुछ दिनों के लिए स्थगित की जा रही है। हम रेलवे के अधिकारियों से बात करेंगे और उम्मीद है कि इसका जल्द कोई समाधान निकल जायेगा।

सबसे अधिक रामेश्वरम जा रहे यात्री

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि सबसे ज्यादा रामेश्वरम यात्रा पर यात्री गए हैं। सबसे ज्यादा मांग रामेश्वरम की ही है। अभी तक दिल्ली से रामेश्वरम की यात्रा पर करीब 8 हज़ार यात्री जा चुके हैं और 12963 यात्रियों की लिस्ट अभी लंबित है। सबसे ज्यादा 12 ट्रेन रामेश्वरम की ही हैं, जिसमे एक हज़ार से अधिक यात्री जाने वाले हैं। द्वारकाधीश दूसरा सबसे पॉपुलर स्थान है। इसके बाद जगन्नाथपुरी, शिरडी, अजमेर व वैष्णोदेवी के रूट्स पर काफी मांग है। जिन यात्रियों ने रजिस्ट्रेंशन करा लिया है, उन्हें दिल्ली सरकार की तरफ से भी आधिकारिक तौर पर सूचित किया जाएगा।

रेलवे ने ट्रेन उपलब्ध न कराने का नहीं बताया कारण

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे ने ट्रेन उपलब्ध न कराने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। रेलवे ने लिखा कि अभी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। जैसे ही ट्रेन की व्यवस्था हो जाएगी, दिल्ली सरकार को सूचित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ रूट्स पर बसें जा सकती हैं, लेकिन रामेश्वरम के रूट पर बस जाने में दिक्कत है। रामेश्वरम की ही सबसे ज्यादा मांग है। आज भी ट्रेन जानी थी और अगले दिन भी जानी है। इसलिए उन लोगों तक मीडिया के माध्यम से शीघ्र सूचना पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
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इन रूट्स पर लंबित ट्रेन व यात्रियों की संख्या

यात्रा रुट ट्रेन लंबित यात्री
रामेश्वरम 12  12963
द्वारकाधीश 6  5376
तिरुपति 4       2890
जगन्नाथपुरी 4- 2682
शिरडी           2- 2135
उज्जैन          1- 689
अजमेर         1- 1414
वैष्णो देवी — 1076
बोधगया —     820
अमृतसर —     832

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