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Sunday, August 1, 2021
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कोरोना से बचकर भागे, रेल पटरी पर खींच लाई मौत…

-मालगाड़ी से कटकर 16 मजदूरों की दर्दनाक मौत, पीएम दुखी

-सभी मजदूर रेल पटरी पर गहरी नींद में सोए थे, आ गई मालगाड़ी
–मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा
–रेल मंत्री ने दिए उच्चस्तरीय घटना की जांच के आदेश
–सुबह 5.20 बजे हुआ हादसा, मध्य प्रदेश के सभी मृतक
–बंद यात्री ट्रेनों केे बावजूद हुआ बड़ा रेल हादसा

नई दिल्ली/औरंगाबाद, : देशभर में बंद यात्री ट्रेनों के बावजूद शुक्रवार को सुबह बड़ा रेल हादसा हो गया। महाराष्ट्र में औरंगाबाद के पास बदनापुर-करमाड रेलखंड में मालगाड़ी से कटकर 16 मजदूरों की मौत हो गई। सभी मजदूर मध्य प्रदेश के उमरिया, कटनी, और शहडोल जिले के निवासी थे, जो जालना में एसआरजी कंपनी में काम करते थे। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सरकार ने हादसे में मृत लोगों के वारिसों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की घोषणा की है।
घटना सुबह पांच बजकर 22 मिनट की है।

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नांदेड मंडल क अंतर्गत बदनापुर से करमाड के बीच किलोमीटर संख्या 139/4 पर 15 से 20 लोग रेलवे टै्रक पर सो रहे थे। इसी बीच चेर्लापल्ली को जा रही मालगाड़ी के नीचे आकर 15 लोगों की मौत हो गई। हादसे में घायल एक अन्य व्यक्ति ने बाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
सूत्रों के मुताबिक सभी मजदूर कल शाम सात बजे पैदल ही जालना से निकले थे। वे बदनापुर तक सड़क मार्ग पर चलते हुए आए थे और बाद में औरंगाबाद की ओर रेलवे ट्रैक के किनारे चलने लगे। करीब 36 किलोमीटर तक चलने के बाद वे बहुत थक गए और ट्रैक पर कुछ देर विश्राम करने के लिए बैठ गए। कुछ देर बाद उन्हें गहरी नींद आ गई।

सुबह पांच बजे के बाद जब चेर्लापल्ली की ओर जा रही मालगाड़ी वहां से गुजरी तो टै्रक पर लेटे 15 मजदूरों की कटकर मौत हो गई। जबकि एक मजदूर बुरी तरह से जख्मी हो गया। घायल मजदूर को औरंगाबाद जिले के घाटी स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जबकि, पटरी से दूर लेटे तीन लोग जीवित बच गए हैं।

घटना की जानकारी मालगाड़ी के ड्राइवर ने रेलवे अधिकारियों को दी। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल केे उपसुरक्षा आयुक्त, स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उनहोंने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है। बता दें कि कोरोना के चलते देशभर में लॉकडाउन है, इसके कारण सभी यात्री ट्रेनों को 17 मई तक के लिए बंद किया गया है। वर्तमान में आवश्यक सामानों की ढुलाई के लिए मालगाडिय़ां और श्रमिकों को ले जाने के लिए कुछेक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

मजदूरों की मौत से बेहद दुखी हूं : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मजदूरों की मौत पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद में मजदूरों की मौत से बेहद दुखी हूं। मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की है और वे इस घटना पर अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं। सभी प्रकार की मदद पहुंचाई जा रही है।

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, बीजेपी अध्यक्ष ने जताया दुख

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वैंकैया नायडू, रेलमंत्री पीयूष गोयल, भाजपा के अध्यक्ष जेपी नडडा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, महाराष्ट, के मुख्यमंत्री उद्वव ठाकरे, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आदि ने इस ह्दयविदारक घटना पर गहरा दुख जताया है।

रेल हादसे की घटना पर सोशल मीडिया में भी गुस्सा

औरंगाबाद में निर्दोष और गरीब मजदूरों की मौत पर आम लोगों में भी गुस्सा है। घटना सुबह से ट्विटर के टॉप ट्रेंड में रहा। कोई मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को तो कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसका जिम्मेदार बताया। लोगों ने यह भी लिखा कि अमीर प्रवासियों (एनआरआई) के लिए फ्लाइट लगा दी जाती है और गरीबों के लिए ट्रेन या बस तक नहीं चलाई जाती जिसके चलते उन्हें पैदल ही चलना पड़ता है।

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