spot_img
20.1 C
New Delhi
Friday, December 3, 2021
spot_img

अब एक नगर कीर्तन 28 अक्टूबर को जाएगा ननकाना सहिब

spot_imgspot_img

अब एक नगर कीर्तन 28 अक्टूबर को जाएगा ननकाना सहिब
–अकाल तख्त के फैसले का सम्मान, कड़ी कार्रवाई की जरूरत
–केंद्र सरकार, सिख संस्थाओं, संगतों से अपील, बने क्षण के गवाह
–1500 से अधिक लोग नगर कीर्तन के साथ जाएंगे ननकाना साहिब

Indradev shukla

(आकर्ष शुक्ला )

नई दिल्ली, 10 अक्टूबर  : श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में अब सिर्फ एक नगर कीर्तन 28 अक्टूबर को दिल्ली से ननकाना साहिब जाएगा। इस अंतराष्ट्रीय नगर कीर्तन की अगुवाई सरना बंधुओं की पार्टी शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) करेगी। नगर कीर्तन दिल्ली के नानक प्याऊ गुरुद्वारा से शुरू होकर हरियाणा के विभिन्न शहरों से होता हुआ लुधियाना में रात्रि विश्राम करेगा। दूसरे दिन पंजाब के विभिन्न शहरों से होता हुआ सुल्तानपुर लोधी में और तीसरे दिन अमृतसर में रात्रि विश्राम होगा। 31 अक्टूबर को नगर कीर्तन वाघा बार्डर के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा और 1 नवम्बर को ऐतिहासिक गुरुद्वारा ननकाना साहिब में पहुंचेगा। वहीं पर नगर कीर्तन की समाप्त हो जाएगा। इस मौके पर दिल्ली सहित देशभर से 1500 से अधिक लोग नगर कीर्तन के साथ पाकिस्तान जाएंगे। यह जानकारी आज यहां शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना एंव महासचिव हरविंदर सिंह सरना ने दी है। सरना ने नगर कीर्तन में शामिल होने के लिए देशभर की सिख संस्थाओं, सिंह सभाओं, धार्मिक पार्टियों, संगठनों एवं संगतों से अपील की है कि वह नगर कीर्तन में शामिल होकर इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बनें। इस मौके पर सरना बंधुओं ने भारत सरकार से भी अपील की है कि वह नगर कीर्तन में शामिल हों और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जा रहे पर्व का भागीदार बनें।

Indradev shukla

सरना ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 13 अक्टूबर को प्रस्तावित नगर कीर्तन पर रोक लगाने के फैसले का स्वागत किया है। साथ ही कहा कि यह फैसला गोलमोल और लचीला है। अकाल तख्त को इस झूठे खेल में शामिल सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई करना चाहिए, लेकिन उन्होंने सिर्फ अकाली नेताओं का बचाव करने के लिए ड्रैमेज कंट्रोल किया है।

गुरुनानक के नाम पर सदी की सबसे बड़ी लूट

 

शिअद दिल्ली के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के प्रबंधकों के पास नगर कीर्तन निकालने की पाकिस्तान सरकार की कोई मंजूरी नहीं थी और न ही मिलने की संभावना थी, बावजूद इसके नगर कीर्तन की आड़ में सिख संगतों को लूटते रहे। सबसे बड़ा दुख इस बात का है कि कमेटी प्रबंधकों ने पवित्र गुरुद्वारों के गं्रथियों को भी इस लूटपाट में शामिल कर लिया। इसके बाद गुरु की गद्दी पर बैठकर दिनदहाड़े वसूली करवाई गई। यही नहीं, मासूम महिला सिख संगतों को भावनात्मक तरीके से ब्लैकमेल करके उनके शरीर से सोने के जेवरात उतरवा लिए गए। सरना ने कहा कि अकाली नेताओं ने गुरुनानक के नाम पर अब तक 15 से 16 करोड़ रुपये की नगदी वसूली कर चुके हैं। सोने के आभूषण की गिनती अभी नहीं हुई है। इसके लिए कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा के आदेश पर गुरूद्वारों में विशेष गोलकें रखी गई, जो आज तक रखी देखी गई।

 

दिल्ली पुलिस और अकाल तख्त से गुहार, करें उच्च स्तरीय जांच

शिअद दिल्ली के महासचिव हरविंदर सिंह सरना ने इस लूट के भागीदार कमेटी प्रबंधकों व अन्यों के खिलाफ सख्त जांच करने की दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा से जांच की मांग की है। इसके लिए वह दिल्ली पुलिस, दिल्ली सरकार का दरवाजा भी खटखटाएंगे। साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से भी गुहार लगाई है कि गुरुनानक देव जी के नाम पर दिनदहाड़े वसूले गए करोड़ों रुपयों को जब्त कर इसकी उच्चस्तरीय जांच करवाई जानी चाहिए। साथ ही फौरी तौर पर इसके लिए जिम्मेदारी तय करते हुए कमेटी प्रबंधकों को पदों से मुक्त कर देना चाहिए। इसके अलावा जब तब पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक इन सभी जिम्मेदार लोगों को धार्मिक आयोजन से दूर कर देना चाहिए।

गुरु के वजीरों का कंधा किया इस्तेमाल : सरना

हरविंदर सिंह सरना ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर कमेटी प्रबंधकों ने धर्म के नाम भ्रमजाल खड़ा करके संगतों का शोषण करने की गुस्ताखी की है। सिख कौम का सामाजिक, धार्मिक व आर्थिक पोषण करवाने के जिम्मेदार प्रबंधक कौम का पोषण करने की बजाय बहुत बड़ा पाप किया है। इन्होंने अपने संकीर्ण स्वार्थों के लिए ग्रंथी सिंहों से नगर कीर्तन की मंजूरी न होने के बावजूद गुरु ग्रंथ साहिब की हजूरी से झूठी घोषणाएं करवाई तथा सोने की पालकी के नाम पर अलग से गोलकें रखकर संगतों की श्रद्धा व आस्था के साथ खिलवाड़ किया। हरविंदर सिंह सरना ने कहा कि गुरु के वजीरों का कंधा इस्तेमाल करके संगत का आर्थिक व मानसिक शोषण, उस कार्य के लिए किया, जिसकी इनके पास वैध मंजूरी भी नहीं थी। इसके अलावा सभी गुरुद्वारों के उन ग्रंथियों के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए जो अपना धार्मिक कार्य छोड़कर इनका साथ दिया है। श्री अकाल तख्त साहिब से अपील है कि इन सभी के खिलाफ जांच कर इन्हें तत्काल प्रभाव से इस कार्य से मुक्त किया जाना चाहिए।

संगतों के पैसों का पूरा हिसाब देगी कमेटी : कालका


दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका ने कहा है कि श्री अकाल तख्त साहिब के जथेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के आदेशों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली कमेटी ने श्री ननकाणा साहिब तक सजाये जाने वाला नगर कीर्तन फिल्हाल स्थगित कर दिया है। कालका ने बताया कि अकाल तख्त साहिब की मंजूरी लेकर और सरकारोंं की दोबारा मंजूरी लेकर नगर कीर्तन सजायेंगे। साथ ही संगत के पैसों का स्पष्टीकरण जो जथेदार साहिब ने देने के लिए कहा है उसका पूरा हिसाब देंगे। कालका के मुताबिक पालकी साहिब का अलग अकांउट बनाया हुआ है और हम एक-एक पैसे का हिसाब देंगे। सोने की पालकी की सेवा दमदमी टकसाल के मुख्य बाबा हरनाम सिंह जी खालसा को सौंपी गई थी और कब-कब सोना दिया गया, हर चीज का हिसाब दिया जायेगा। कालका ने यह भी कहा कि जथेदार साहिब के आदेशों के बाद अब नगर कीर्तन के मामले पर हर तरह की राजनीति ठप हो गई है। लिहाजा, सरना को सलाह दी है कि जत्थेदार साहिब के आदेशों के मद्देनजर अब वह भी अपनी तुच्छ और घटिया राजनीति से गुरेज करें।

spot_imgspot_imgspot_img

Related Articles

epaper

spot_img

Latest Articles

spot_img