नई दिल्ली। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने चार नए लेबर कोड के ड्राफ्ट नियम जारी कर दिए हैं। इनसे गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को बड़ा फायदा होगा। उन्हें न्यूनतम मजदूरी, स्वास्थ्य सुरक्षा, व्यावसायिक सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे लाभ मिल सकेंगे। सरकार ने इन ड्राफ्ट नियमों पर सभी पक्षों से सुझाव मांगे हैं। योजना है कि सभी चार कोड को 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में एक साथ लागू किया जाए। यह नोटिफिकेशन 30 दिसंबर 2025 को जारी हुआ, जो गिग वर्कर्स की हड़ताल से एक दिन पहले आया।
गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा की शर्तें
ड्राफ्ट नियमों में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभ पाने की शर्तें तय की गई हैं। लाभ लेने के लिए एक वर्कर को किसी एक प्लेटफॉर्म (एग्रीगेटर) के साथ पिछले वित्तीय वर्ष में कम से कम 90 दिन जुड़े रहना होगा। अगर कोई वर्कर दो या ज्यादा प्लेटफॉर्म पर काम करता है, तो यह सीमा 120 दिन की होगी।
नियमों में साफ कहा गया है कि किसी कैलेंडर दिन को ‘कार्य दिवस’ माना जाएगा अगर वर्कर ने उस दिन प्लेटफॉर्म से कोई भी आय अर्जित की हो, चाहे कितनी कम हो। अगर वर्कर एक ही दिन कई प्लेटफॉर्म पर काम करता है, तो सभी प्लेटफॉर्म के दिन जोड़कर गिने जाएंगे। उदाहरण के लिए, अगर एक दिन तीन प्लेटफॉर्म पर काम किया, तो इसे तीन अलग कार्य दिवस माना जाएगा।
न्यूनतम मजदूरी कैसे तय होगी?
न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए नए नियम स्पष्ट हैं। अगर एक दिन की मजदूरी तय है, तो उसे 8 से भाग देकर प्रति घंटे की दर निकाली जाएगी। फिर उसे 26 से गुणा करके महीने की मजदूरी तय होगी।
केंद्र सरकार न्यूनतम मजदूरी तय करते समय भौगोलिक क्षेत्र, काम के क्षेत्र में अनुभव और कौशल स्तर (अकुशल, अर्धकुशल, कुशल या उच्च कुशल) को ध्यान में रखेगी। इससे सभी वर्कर्स को उचित और वैधानिक न्यूनतम मजदूरी मिलेगी। पहले यह सिर्फ कुछ निर्धारित उद्योगों तक सीमित थी, अब सभी पर लागू होगी।
चार लेबर कोड क्या हैं?
ये चार कोड हैं:
- मजदूरी संहिता, 2019
- औद्योगिक संबंध संहिता, 2020
- सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020
- व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020
इन कोड्स से सभी वर्कर्स को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य हो गया है। इससे नौकरी में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ेगी। पहले नियुक्ति पत्र जरूरी नहीं था।
सामाजिक सुरक्षा संहिता से गिग वर्कर्स सहित सभी को पीएफ, ईएसआईसी, बीमा और अन्य लाभ मिलेंगे। पहले यह कवरेज सीमित था। मजदूरी संहिता से समय पर भुगतान और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
वर्कर्स के लिए अन्य फायदे
नए कोड्स से सभी वर्कर्स को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। नियुक्ति पत्र से नौकरी स्थायी और पारदर्शी बनेगी। सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ने से लाखों असंगठित और गिग वर्कर्स को पहली बार औपचारिक लाभ मिल सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि नियमों को अंतिम रूप देने के बाद ये बदलाव पूरे देश में लागू हों।
ये ड्राफ्ट नियम श्रमिकों की सुरक्षा बढ़ाने और काम की दुनिया को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। सभी पक्षों के सुझाव लेकर इन्हें और बेहतर बनाया जाएगा।
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