नई दिल्ली/खुशबू पांडेय। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य की पुरानी पहचान नक्सल प्रभावित क्षेत्र की थी, लेकिन अब छत्तीसगढ़ तेजी से विकास और अच्छे शासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को जमीनी स्तर पर उतारा गया है।
नक्सलवाद के खिलाफ मजबूत कार्रवाई से समस्या अब अपने अंतिम दौर में है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लक्ष्य अनुरूप 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समाज को प्राथमिकता देने वाली योजनाओं का जिक्र किया, जिनसे राज्य में सकारात्मक बदलाव आया है।
नक्सलवाद पर निर्णायक कार्रवाई और बस्तर का विकास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पहले देश के करीब 70 प्रतिशत नक्सल प्रभावित इलाके छत्तीसगढ़ में थे। उस समय राज्य सरकार से पूरा सहयोग नहीं मिल पाता था, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाए गए। अब बड़े नक्सली नेताओं को न्यूट्रलाइज किया जा रहा है और आत्मसमर्पण करने वालों की संख्या बढ़ रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास के तहत हर महीने 10,000 रुपये की मदद दी जा रही है।
पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और स्कूलों का तेजी से विस्तार हो रहा है। बस्तर में विकास को मिशन मोड में लिया गया है। नियद नेल्ला नार योजना से अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। बस्तर में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बन रही है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे कार्यक्रमों से स्थानीय लोग ज्यादा जुड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई कहानी लिख रहा है।
किसानों और महिलाओं के लिए बड़ी योजनाएं
छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक खरीद की सीमा रखी गई है। यह व्यवस्था लगातार तीन सीजन से चल रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ी है और खेती अब लाभ का धंधा बन गई है।
महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत अब तक 22 किश्तों में करीब 14,306 करोड़ रुपये 70 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचाए गए हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी गई, जिससे 13 लाख परिवारों को फायदा हुआ। इसके अलावा 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन और 5.62 लाख भूमिहीन मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की मदद दी जा रही है। 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जो गरीबों के घर का सपना पूरा कर रहे हैं।
औद्योगिक विकास और निवेश की नई लहर
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई औद्योगिक नीति से राज्य में निवेश का माहौल बना है। अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। 1000 से ज्यादा रोजगार देने वाली कंपनियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। लॉजिस्टिक पार्क और रायपुर में एयर कार्गो सुविधा शुरू की गई है। इन प्रयासों से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
सुशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
सरकार ने 400 से ज्यादा प्रशासनिक सुधार किए हैं। पुराने कानूनों को हटाया या सरल बनाया गया है। पूरा शासन डिजिटल हो गया है और ई-ऑफिस से काम की रफ्तार बढ़ी है। रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और तेज बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया और राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई।
रेलवे, सड़क और हवाई संपर्क में बड़ा विस्तार हुआ है। एक्सप्रेस-वे से बेहतर कनेक्टिविटी हो रही है। 47,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं चल रही हैं। विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए 2047 के लिए ‘अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब तेजी से विकसित राज्य बनने की राह पर है।
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