14.1 C
New Delhi
Wednesday, January 21, 2026

LNJP और ILBS अस्पताल में बनाई जा रही हैं 2 जीनोम सीक्वेंसिंग लैब

Join whatsapp channel Join Now
Join Telegram Group Join Now

-दिल्ली में 2 जीनोम सीक्वेंसिंग लैब अगले एक सप्ताह में शुरू हो जाएंगी
– कोरोना के 37 हजार केस को मानक मानकर तीसरी लहर की तैयारी कर रहे                            —दिल्ली सरकार के अस्पताल में हो सकेगी डेल्टा प्लस वेरिएंट की जांच
—अभी तक केंद्र सरकार को भेजना पड़ता था सैंपल- सत्येंद्र जैन

नई दिल्ली/मोक्षिता : दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन कहा कि दिल्ली में 2 जीनोम सिक्वेंसिंग लैब बनाई जा रही है। एक लैब लोक नायक अस्पताल में और दूसरी आईएलबीएस अस्पताल में बनाई जा रही है। करीब एक हफ्ते में ये दोनों लैब काम करना शुरू कर देंगी। सत्येंद्र जैन ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार कोरोना के प्रतिदिन 37 हजार केस को मानक मानकर तीसरी लहर की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक केंद्र सरकार को जांच के लिए सैंपल भेजना पड़ता था, लेकिन अब दिल्ली सरकार के अस्पताल में डेल्टा पल्स वेरिएंट की जांच हो सकेगी। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार ने लोक नायक अस्पातल और आईएलबीएस अस्पताल में कोरोना के बदलते रूप का अध्ययन करने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग लैब बनाई है। ये दोनों लैब आने वाले एक हफ्ते में शुरू कर दी जाएंगी। इससे पहले इस तरह के सैंपल को जांच के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाता था। अब, दिल्ली के पास यह तकनीक है और इसे दिल्ली सरकार के दो अस्पतालों में इस्तेमाल किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में जो पिछली लहर देखी गई, वह डेल्टा वैरिएंट की थी। कोरोना वायरस लगातार अपने रूप में बदलाव करता है। इसके अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा आदि जैसे कई प्रकार हैं।

दिल्ली में अब तक डेल्टा प्लस वेरिएंट का कोई मामला नहीं आया

दिल्ली में अब तक डेल्टा प्लस वेरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने आगे कहा कि हम कोरोना महामारी के लिए आक्रामक रूप से तैयारी कर रहे हैं। हमें केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है, जिसमें कहा गया हो कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के लिए एक खास तरह की तैयारी होनी चाहिए। कोई भी प्रकार का वैरिएंट हो, टीकाकरण और मास्क का उपयोग करके संक्रमण को रोका जा सकता है। बाजारों पर की गई कार्रवाइयों के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि कोविड के दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है। पिछली बार जनवरी और फरवरी के दौरान जब कोविड के मामले कम हो गए थे, तब इस बार की तरह ही लोगों बेफिक्र हो गए थे। लोगों को लगा कि कोरोना चला गया है, लेकिन अभी तक कोरोना नहीं गया है।

दिल्ली में रोजाना करीब 75-80 हजार टेस्ट

सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली ने चार कोविड लहरें देखी हैं, जबकि देश ने दो कोविड लहरें देखी हैं। 1.5 साल के अनुभव के बाद, हम जानते हैं कि सुरक्षित रहने के लिए हमें कोविड के उचित व्यवहार का पालन करना ही होगा। उन्होंने कहा कि कल दिल्ली में 6 मौतों के अलावा 94 कोरोना संक्रमित मामले दर्ज किए गए, जबकि 79,935 कोविड टेस्ट किए गए। दिल्ली में रोजाना करीब 75-80 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं। दिल्ली में संक्रमण दर 0.12 फीसद है। सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन हमें अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है और घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने की आवश्यकता है।

तीसरी कोविड लहर के लिए पूरी तैयारी कर ली 

सत्येंद्र जैन ने कहा कि कोरोना की आने वाली लहर दिल्ली और पूरे देश में पांचवी और तीसरी कोविड लहर के रूप में आ सकती है। हमने पूरी तैयारी कर ली है। हमारे पास 28 हजार कोविड बेड की उपलब्धता थी और हम इसे 37 हजार बेड तक बढ़ाने की भी तैयारी कर रहे हैं। ऑक्सीजन के लिए कई ऑक्सीजन पीएसए और स्टोरेज प्लांट लगाए गए हैं। यमुना की सफाई के बारे में बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि एक विशेष प्रकार के डिटर्जेंट होते हैं, जो नदी में झाग पैदा करते हैं, जिन्हें नदी में बहाने पर रोक लगा दी गई है। इस पर उन्होंने आगे कहा कि पिछले 1.5 साल में कोविड के कारण यमुना की सफाई का काम धीमा पड़ा है। हालांकि अभी हमारे पास 3.5 साल बाकी हैं। दिल्ली सरकार इस कार्यकाल में यमुना को साफ़ कर देगी।

Related News

Delhi epaper

Prayagraj epaper

Kurukshetra epaper

Latest News