HomeStateJammu Kashmirसियासी हलचल के बीच जम्मू-कश्मीर में डेरा डालेगा परिसीमन आयोग

सियासी हलचल के बीच जम्मू-कश्मीर में डेरा डालेगा परिसीमन आयोग

—6 जुलाई से 9 जुलाई तक सभी राजनीतिक दलों, अधिकारियों से करेगा बातचीत —मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा भी रहेंगे मौजूद, तैयार होगी रूपरेखा नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : जम्मू-कश्मीर में सियासी हलचल के बीच परिसीमन आयोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा की उपस्थिति में 6 जुलाई से 9 जुलाई तक केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर […]

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—6 जुलाई से 9 जुलाई तक सभी राजनीतिक दलों, अधिकारियों से करेगा बातचीत
—मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा भी रहेंगे मौजूद, तैयार होगी रूपरेखा

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल : जम्मू-कश्मीर में सियासी हलचल के बीच परिसीमन आयोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा की उपस्थिति में 6 जुलाई से 9 जुलाई तक केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर रहेगा। इस दौरान आयोग सभी राजनीतिक दलों, सार्वजनिक प्रतिनिधियों तथा केंद्रशासित प्रदेश के जिला निर्वाचन अधिकारियों, 20 जिलों के उपायुक्तों सहित केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत करेगा। साथ ही प्रत्यक्ष सूचना और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम,2019 के अंतर्गत अधिदेशित जारी परिसीमन प्रक्रिया से संबंधित इनपुट प्राप्त करेगा। परिसीमन आयोग न्यायमूर्ति(सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में जम्मू-कश्मीर में पडताल करेगा।
बता दें कि परिसीमन आयोग का गठन मार्च 2020 में किया गया था। लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए इसका कार्यकाल मार्च 2021 में एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। केंद्र शासित जम्मू और कश्मीर के निर्वाचन आयुक्त आयोग के तीसरे सदस्य हैं। आयोग में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत पांच एसोसिएट सदस्य भी हैं। आयोग ने जनगणना 2011 से संबंधित जिलों, निर्वाचन क्षेत्रों के आंकड़ों, मानचित्र से संबंधित कई बैठकें पहले ही की थीं। इससे पहले आयोग ने बातचीत के लिए एसोसिएट सदस्यों को आमंत्रित किया था, जिसमें दो एसोसिएट सदस्य शामिल हुए थे। परिसीमन से संबंधित सिविल सोसायटी,केंद्र शासित प्रदेश के सार्वजनिक सदस्यों से अनेक प्रतिवेदन प्राप्त हुए हैं। आयोग ने ऐसे सभी सुझावों को संज्ञान में लिया है और निर्देश दिया है कि परिसीमन से संबंधित जमीनी वास्तविकताओं के संदर्भ में इन सुझावों पर आगे विचार किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक आयोग को उम्मीद है कि जम्मू—कश्मीर में सभी हितधारक इस प्रयास में सहयोग करेंगे और बहुमूल्य सुझाव देंगे ताकि परिसीमन का कार्य समय पर पूरा हो सके।

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