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Tuesday, August 3, 2021
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दिल्ली में 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को निःशुल्क वैक्सीन

-सरकार ने 1.34 करोड़ वैक्सीन खरीदने की दी मंजूरी- अरविंद केजरीवाल
– केंद्र सरकार से अपील है कि अगर जरूरत पड़े, तो वैक्सीन की कीमत को नियंत्रित और कम किया जाए

नई दिल्ली/टीम डिजिटल :  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को निःशुल्क वैक्सीन देने की घोषणा की है। सीएम ने कहा कि सरकार ने 1.34 करोड़ वैक्सीन खरीदने को मंजूरी दी है। हम जल्द से जल्द वैक्सीन खरीद कर बड़े पैमाने पर पूरी दिल्ली में वैक्सीनेशन करने की योजना बना रहे हैं। ऐसा देखा गया है कि वैक्सीन लेने वालों को या तो कोरोना नहीं होता है या जिन्हें होता है, तो उनकी बीमारी गंभीर नहीं होती है। सीएम ने कहा कि वैक्सीन निर्माता दो कंपनियों ने केंद्र को 150 रुपए में और राज्य सरकारों को 400 व 600 रुपए में वैक्सीन देने की बात कही है, जबकि दाम एक होने चाहिए। यह समय लाभ कमाने का नहीं, बल्कि इंसानियत को मदद करने का है। मुझे उम्मीद है कि वैक्सीन निर्माता खुद ही इसकी कीमत 150 रुपए पर ले आएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि अगर जरूरत पड़े, तो वैक्सीन की कीमत को नियंत्रित और कम किया जाए। सीएम ने बताया कि 150 बेड के साथ आज राधा स्वामी सत्संग ब्यास कोविड सेंटर शुरू हो गया है। इसे 5 हजार बेड तक बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस कान्फ्रेंस कर दिल्ली में वैक्सीनेशन और बढ़ाए जा रहे ऑक्सीजन व आईसीयू बेड के संबंध में जानकारी दी। सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जैसा हम देख रहे हैं कि देश भर में कोरोना का बहुत जबरदस्त कहर छाया हुआ है और इस कोरोना काल में सबको लग रहा है कि इसका समाधान एक ही है, वह है वैक्सीन। दिल्ली सरकार ने निर्णय लिया है कि 18 साल से ऊपर की उम्र के लोगों को फ्री वैक्सीन दी जाएगी। हम कोशिश करेंगे कि इसको जल्द से जल्द और बड़े स्तर पर लोगों को कैसे वैक्सीन दिया जाए, इसका पूरा प्लान तैयार किया जा रहा है। आज सुबह हम लोगों ने दिल्ली में एक करोड़ 34 लाख वैक्सीन खरीदने की मंजूरी दी है। हम कोशिश करेंगे कि जल्द से जल्द वैक्सीन खरीदी जाए और लोगों को लगाई जाए। इस महामारी में वैक्सीन एक समाधान निकल कर आ रहा है। जिन लोगों को वैक्सीन लगी है, उनको कोरोना नहीं होता है या जिनको होता है, उन लोगों को माइल्ड होता है। उनमें से अधिकतर लोगों को अस्पताल की जरूरत नहीं होती और अगर अस्पताल की जरूरत पड़े भी तो उनकी बीमारी गंभीर नहीं होती है, ऐसा देखने में आया है। अगर सभी को वैक्सीन लग जाए, तो कोरोना एक समान्य बीमारी की तरह हो जाएगी। अगर वैक्सीन लेने के बाद होगी भी, तो ठीक हो जाएगी।

सीएम  अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इंग्लैंड में अभी कुछ महीने पहले तक कोरोना का इतनी जबरदस्त कहर था, जैसा कि अभी भारत के अंदर है। वहां उन्होंने बहुत बड़े स्तर के ऊपर अपने लोगों को वैक्सीन लगाई। कोरोना के अंदर उस लहर के खत्म होने का बहुत बड़ा कारण एक्सपर्ट वैक्सीन को मानते हैं कि जिस अक्रामकता के साथ इंग्लैंड में कोरोना वैक्सीन लगाई गई, कोरोना की लहर को खत्म करने में उसका बड़ा योगदान रहा।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वैक्सीन के एक निर्माता ने कहा है कि वह राज्य सरकारों को 400 रुपए में देंगे। दूसरे निर्माता ने कहा है कि वह राज्य सरकारों को 600 रुपए में देंगे। साथ ही दोनों निर्माताओं ने कहा है कि वे केंद्र सरकार को 150-150 रुपए देंगे। मेरा मानना है कि इसकी एक ही कीमत होनी चाहिए, अलग-अलग कीमत नहीं होनी चाहिए। मैं उनमें से एक निर्माता का इंटरव्यू देख रहा था, जो कह रहा था कि जब वे केंद्र सरकार को 150 रुपए में वैक्सीन दे रहे हैं, तो उसमें भी उनको फायदा हो रहा है। जब 150 रुपए में भी उनको फायदा है और उसमें कोई नुकसान नहीं है, तो 400 रुपए में और 600 रुपए में तो बहुत ज्यादा फायदा है। यह समय ऐसा है, जो कि इंसानियत को मदद करने का समय है। यह समय ऐसा है, जो लाभ कमाने का समय नहीं है। देश भर के अंदर केंद्र सरकार ने कई दवाइयों की कीमत के ऊपर नियंत्रण लगाए। अलग-अलग राज्य सरकारों ने हॉस्पिटल के शुल्क के ऊपर नियंत्रण लगाए कि अस्पताल इससे ज्यादा दाम नहीं ले सकते। इस समय सारा देश मिल कर कोरोना की लड़ाई लड़ रहा है। मैं वैक्सीन निर्माताओं से अपील करता हूं कि वे खुद-ब-खुद वैक्सीन की कीमत को 150 रुपए पर ले आएंगे। लाभ कमाने के लिए पूरी जिंदगी पड़ी है। इस समय कोरोना की महामारी जब इतने बड़े स्तर पर फैली हुई है, तो लोगों से लाभ कमाने का समय नहीं है। मैं केंद्र सरकार से भी अपील करता हूं कि अगर जरूरत पड़े, तो इस पर नियंत्रण किया जाए और वैक्सीन की कीमत को कम किया जाए।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि अभी 18 साल से ऊपर की उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाया जा रहा है, लेकिन इस महामारी के दौरान हमने देखा कि हमारे 18 साल से कम उम्र के जवान और बच्चे भी इसमें बहुत ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। उनमें से कुछ लोगों की मौत भी हुई है। उनके लिए भी अब हमें सोचने का समय आ गया है कि अगर यही वैक्सीन उनको भी लगाई जा सकती हैं, उनके लिए भी सुरक्षित और प्रभावी है, तो उनको भी यही वैक्सीन लगाई जाएं और अगर यह वैक्सीन उनको नहीं लगाई जा सकती है, उनको दूसरी वैक्सीन की जरूरत है, तो मैं उम्मीद करता हूं कि जल्द दूसरी वैक्सीन भी इजाद होंगी, जो बच्चों को भी लगाई जा सके, जो उनके लिए भी सुरक्षित और प्रभावी हों।

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