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Tuesday, April 13, 2021

हर बेसहारे का सहारा है UP सरकार…जाने कैसे

—उत्तर प्रदेश दिवस पर रंगारंग कार्यक्रम, कई कार्यक्रमों का ऐलान
—मुख्यमंत्री ने किया 18 अटल आवासीय विद्यालयों का शिलान्यास

लखनऊ/ टीम डिजिटल :  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि राम-कृष्ण की यह धरती अपनी पवित्रता और पुरुषार्थ के नाते जानी जाती है। यह लगातार हमें बेहतर करने की प्रेरणा देती है। यहां का होना यहां के हर नागरिक के लिए यह गौरव की बात है।
शुक्रवार को यहां अवध शिल्प ग्राम में उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय रंगारंग कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने ये बातें कहीं। इसके पहले मुख्यमंत्री और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Anandi Ben Patel) ने इस तीन दिवसीय समारोह का उद्घाटन किया।
सीएम योगी ने कहा कि अतीत को विस्मृत करके कोई समाज और देश आगे नहीं बढ़ सकता। अतीत की गौरवशाली परंपराएं हमें आगे बढ़ने को प्रेरित करती हैं और अतीत के अनुभव की बुनियाद पर भविष्य का निर्माण होता है। उत्तर प्रदेश लोकतंत्र की पहली आधारशिला रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि दुनिया की सबसे पवित्र नदी गंगा अपना सबसे लंबा सफर उप्र में ही तय करती है। गंगा और यमुना का पवित्र संगम तीरथराज प्रयागराज यहीं है। दुनिया का प्राचीनतम शहर और तीनों लोकों में प्यारी काशी भी यहीं है। पूरी दुनिया को राम राज्य के रूप में आदर्श राज्य की संकल्पना देने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और न दैन्यं न पलायनम् का संदेश देने वाले भगवान कृष्ण की भी यही धरती है। भगवान बुद्ध ने यहीं से पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया। सर्वाधिक जैन तीर्थंकर भी उप्र ने ही दिये। यहां के रणबांकुरों ने जंगे आजादी में बढ़ चढक़र हिस्सा लिया और विदेशी हुकूमत से आजादी दिलाने के लिए अपना सर्वस्व कुर्बान कर दिया। देश को सर्वाधिक प्रधानमंत्री भी उत्तर प्रदेश ने ही दिए।

ओडीओपी से बढ़ा 28 फीसदी निर्यात

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पहले स्थापना दिवस पर हमने एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना लॉन्च की थी। यह योजना प्रदेश के निर्यात को तेजी से आगे बढ़ाने में कारगर साबित हुई है। जहां देश का निर्यात 7 से 8 प्रतिशत की दर से बढ़ा है, वहीं उत्तर प्रदेश का निर्यात 28 फीसद की दर से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि दूसरे स्थापना दिवस पर हमने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू की और आज तीसरे स्थापना दिवस पर ‘अटल आवासीय विद्यालय’ की आधारशिला रख रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का दायित्व लोक कल्याण है। हम सबको यह आश्वस्त करना चाहते हैं कि जिसका कोई नहीं उसका शासन होगा।

प्रदेश के खिलाडिय़ों और उद्यमियों को मिला सम्मान

सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश को एक नई पहचान दिलाने वाले हमारे खिलाड़ियों को यहां पर रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार और लक्ष्मण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। खिलाड़ियों को शासन की ओर से रुपए 3 लाख 11 हजार के चैक के साथ प्रशस्ति पत्र दिया गया है। प्रदेश सरकार खेल की विभूतियों को सम्मानित करने के लिए हर वर्ष आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने 18 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से इन्वेस्टर समिट का आयोजन किया था। उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में रुचि लेते हुए निवेश करने वाले और रोजगार की सम्भावनाओं को बढ़ाने वाले प्रदेश के 7 उद्यमियों को सम्मानित किया गया है।

नवोदय विद्यालय की तर्ज पर बनेंगे 18 अटल आवासीय विद्यालय

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार 18 मंडलों में 18 अटल आवासीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय की तर्ज पर हम प्रारंभ करने जा रहे हैं, जिसमें रजिस्टर्ड श्रमिकों के बच्चों को सभी सुविधाएं नि:शुल्क मिलेंगी। खेल में रूचि रखने वाले विद्यार्थियों को खेलों में प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही स्किल डेवलपमेंट के जरिए उनको स्वावलंबी बनने की प्रेरणा दी जाएगी।

प्रयागराज कुम्भ में प्रदेश की आबादी से ज्यादा लोग आए

सीएम योगी ने कहा प्रयागराज कुम्भ के बारे में लोग मुझसे पूछते थे कि इसमें कितने लोग आएंगे। मैं कहता था कम से कम जितनी प्रदेश की आबादी है उतने लोग तो आएंगे ही। पर आये 24 करोड़ 56 लाख लोग। यह प्रदेश की आबादी से करीब सवा करोड़ अधिक हैं।

सरकार बिना भेदभाव के सबके हित के लिए प्रतिबद्ध : राज्यपाल

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार योगी के नेतृत्व में विकास के पथ पर अग्रसर है। सरकार बिना भेदभाव के सभी वर्गों का कल्याण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खां और राम प्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारी उत्तर प्रदेश में पैदा हुए, जिन्होंने अपूर्व साहस, वीरता और बलिदान से देश को आजादी दिलाने में अपनी भूमिका निभाई। उत्तर प्रदेश अपनी सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक चेतना के लिए भी जाना जाता है। यहां कबीर, तुलसी, जायसी, भारतेंदु हरिश्चंद्र, जयशंकर प्रसाद और निराला जैसे साहित्यकारों ने जन्म लिया। जोश मलीहाबादी, जिगर मुरादाबादी, फिराक गोरखपुरी अली सरदार जाफरी, ब्रज नारायण चकबस्त और कैफी आज़मी जैसे शायरों ने हिंदी के साथ उर्दू को एक अलग पहचान दिलाने में अपनी भूमिका निभाई। नृत्य संगीत के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश की समृद्ध परंपरा रही है।

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