लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने विधानसभा में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। अप्रैल 2026 से शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रति माह और अनुदेशकों का 17 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है। साथ ही, शिक्षकों को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। बजट में सीएम कंपोजिट स्कूल के लिए 2382 करोड़ रुपये, बालिकाओं के लिए सैनिटरी नैपकिन पर 300 करोड़ रुपये और माध्यमिक शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 75 प्रतिशत सरकारी मदद का प्रावधान किया गया है।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत
सीएम योगी ने विधानसभा में कहा कि प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्र संविदा पर काम कर रहे हैं। अभी तक उन्हें 10 हजार रुपये मानदेय मिलता था, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से यह राशि बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दी गई है। अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया है। यह फैसला लंबे समय से चल रही मांगों को देखते हुए लिया गया है। साथ ही, इन शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी, जो पहले सिर्फ नियमित शिक्षकों के लिए थी।
शिक्षा बजट में बड़े प्रावधान
योगी सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए बजट में अच्छी राशि रखी है। सीएम कंपोजिट स्कूल योजना के लिए 2382 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका मकसद है कि आठ हजार न्याय पंचायतों तक एक ही छत के नीचे कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई और कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध हो। माध्यमिक शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार 75 प्रतिशत खर्च वहन करेगी। बालिका छात्राओं के लिए सैनिटरी नैपकिन मुफ्त उपलब्ध कराने पर 300 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय और ड्रॉपआउट रेट में कमी
सीएम ने बताया कि जहां कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय नहीं हैं, वहां नए खोले जाएंगे। इसके लिए 580 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सपा सरकार के समय ड्रॉपआउट रेट करीब 6 प्रतिशत था, जिसे अब 0-3 प्रतिशत तक लाया गया है। स्कूलों में शौचालय, पेयजल, ड्रेस, जूते और बैग जैसी सुविधाएं देने से लड़कियों का स्कूल छोड़ना कम हुआ है। इन सुविधाओं में किसी जाति या मजहब के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता।
विश्वविद्यालयों और रिसर्च में प्रगति
योगी ने कहा कि पहले छह कमिश्नरी में कोई विश्वविद्यालय नहीं था, लेकिन अब सभी में विश्वविद्यालय खोले गए हैं। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। प्रदेश में पेटेंट फाइलिंग की संख्या 5677 हो गई है, जिनमें 300 से ज्यादा को मंजूरी मिल चुकी है। विश्वविद्यालयों को रिसर्च के लिए अलग फंड दिए जा रहे हैं। राज्य, निजी और विदेशी विश्वविद्यालयों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
अन्य क्षेत्रों में फोकस
सरकार शिक्षा के साथ स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और डिजिटल क्षेत्र में भी काम कर रही है। डिजिटल एन्टरप्रेन्योर योजना के तहत गांवों में 8 हजार डिजिटल उद्यमी बनाए जाएंगे, जिसमें 50 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षण होगा। महिला उद्यमियों के लिए विपणन केंद्र खोले जाएंगे। आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर फोकस रहेगा और युवाओं को मुफ्त एआई टूल उपलब्ध कराए जाएंगे।
सीएम योगी ने जोर दिया कि सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी। ये फैसले शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में आम लोगों को सीधा फायदा पहुंचाएंगे।
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